हवा-हवाई : घोषणा विष्णुदेव साय की, भुगत रहे किसा, डेढ़ साल बाद भी बिहारपुर बैंक शाखा का अता-पता नहीं
Rajesh Soni
Thu, Jun 18, 2026
कागजों में सिमटी मुख्यमंत्री की घोषणा; बिहारपुर में सहकारी बैंक न खुलने से किसानों में भारी आक्रोश
40 गांवों का एक ही सवाल- आखिर कब खुलेगा बैंक? ओड़गी दौड़ने को मजबूर हजारों किसान
सूरजपुर । सूरजपुर जिले के दूरस्थ और पहाड़ी अंचल चांदनी-बिहारपुर क्षेत्र के हजारों किसान आज भी बैंकिंग सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा 01 अक्टूबर 2024 को इस क्षेत्र में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा खोलने की घोषणा के डेढ़ वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जमीनी स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं हुई है। इसके परिणामस्वरूप, क्षेत्र के किसानों को गंभीर आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
80 किमी का सफर और आर्थिक बोझ
भौगोलिक दृष्टि से दुर्गम इस पहाड़ी अंचल के किसानों को आज भी बैंकिंग कार्यों के लिए 60 से 80 किलोमीटर दूर ओड़गी स्थित शाखा जाना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार, एक बार आने-जाने में प्रति व्यक्ति 300 से 1000 रुपये तक का खर्च होता है और पूरा दिन नष्ट हो जाता है। कई बार बैंक पहुंचने पर नकदी संकट या लंबी कतारों के कारण उन्हें बिना काम कराए ही खाली हाथ लौटने पर मजबूर होना पड़ता है।
40 गांवों के हजारों किसान प्रभावित
क्षेत्र की नवगई और मोहरसोप धान खरीदी केंद्रों से जुड़े लगभग 40 गांवों के हजारों किसान इस समस्या से सीधे प्रभावित हैं। धान विक्रय की राशि निकालने, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) नवीनीकरण, ऋण प्रक्रिया और खाता संचालन जैसे जरूरी कामों के लिए किसानों को बार-बार यह लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
जनप्रतिनिधियों से गुहार, प्रशासन से आस
ग्रामीणों और किसान संगठनों द्वारा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और सांसदों को कई बार ज्ञापन सौंपकर बिहारपुर में शीघ्र बैंक शाखा खोलने की मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रगति दिखाई नहीं दी है। क्षेत्र के किसानों ने एक बार फिर मुख्यमंत्री, सहकारिता विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि स्थानीय स्तर पर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए इस शाखा की स्थापना को प्राथमिकता दी जाए।
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