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: तीन गांवों में पहले होती है होली….एक सप्ताह तक चलता है रंगों का त्योहार….महुली, कछवारी, मोहरसोप में आज होगी होली….

पप्पु जायसवाल
बिहारपुर.-जिले के दुरस्थ क्षेत्र के तीन गांव में होली होने से पांच दिन पहले ही होलिका दहन कर रंगों का त्योहार होली शुरु है ग्रामीणो की मानना है कि अनहोनी विपत्तियों से बचने के लिए यह सिलसिला पिछले कई अधिक वर्षों से होते आ रहा है. ओड़गी ब्लॉक के महुली, मोहरसोप और कछवारी गांव में होली से पांच दिनो पहले होलिका दहन कर दिया जाता है. गांव के बैगा जग मोहन ने बताया कि यह गांव की परंपरा बहुत पहले से चली आ रही है साथ ही गांव में गढ़वतिया पहाड़ पर मां अष्टभुजी देवी का मंदिर है यही पर गांव के लोग होलिका दहन के लिए लकड़ियां रखते थे जो रात के समय स्वत आग लग जाती थी. उसी दिन महुली गांव के लोग पहाड़ पर स्थित देवी मां के मंदिर के पास और कछवारी व मोहरसोप गांव के लोग अपने गांव में ही होली मनाते हैं.स्थानीय ग्रामीण सुमार साय खेरवार ने बताया कि 1996 में गांव के बैगा परिवार के सदस्य की मृत्यु हो जाने पर होलिका दहन दस दिनो बाद किया गया था इसके बाद गांव में बीमारी फैल गई थी जो बहुत इलाज कराने के बाद भी असर नही हुआ. लोगों का मानना है कि बैगा की पूजा-अर्चना के बाद इस बीमारी से पीड़ित लोग अचानक ठीक हो गए। इसके बाद से इस परंपरा को मानने वालों की देवी मां पर आस्था और बढ़ गई।

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