ब्रेकिंग

बोल बम' के जयघोष से गुंजायमान होगी सूरजपुर नगरी,16अगस्त को ऐतिहासिक जमड़ी धाम के लिए प्रस्थान करेगी भव्य कांवड़ पदयात्रा

सूरजपुर में विश्व आदिवासी दिवस पर दिखा भव्य नजारा, पर चरमराई यातायात व्यवस्था और DJ के शोर से लोग रहे परेशान

एडवेंचर स्पोर्ट्स’बना पुरानपारा स्कूल, टपकती छत और गिरते प्लास्टर के बीच 38 मासूमों की 'साहसिक' पढ़ाई!

​ '30 दिन में लाइट दो, वरना मंत्री आवास का कनेक्शन काटेंगे! आज भी अंधेरे में 38 गाँव

थाने के सामने खड़ी गाड़ी को मारी जोरदार टक्कर, रौब दिखाकर मौके से फरार

सूचना

: सुकमा से आवाज़ आई है....कलेक्टर मालिक नहीं, जनता का नौकर है, अनपढ़ अधिकारी संविधान पढ़ो...? कलेक्टर से नाराज ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट का किया घेराव...

Admin

Wed, Mar 23, 2022

राजेश सोनी

सुकमा. सुकमा जिले में मंगलवार को हजारों ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया. ग्रामीणों का आरोप है कि कलेक्टर विनीत नंदनवार उनकी समस्या नहीं सुनते हैं और इसी के विरोध में सर्व आदिवासी समाज के लोग कलेक्टर को हटाने की मांग को लेकर आंदोलन पर उतर आए. हजारों ग्रामीणों की भीड़ को पुलिस भी नहीं रोक पाई और कलेक्ट्रेट परिसर के मुख्यद्वार को तोड़कर ग्रामीण अंदर घुस आए जहां जमकर नारेबाजी की गई. सर्व आदिवासी समाज ने बताया कि, 11 मार्च को समाज के कुछ सदस्य विभिन्न समस्याओं को लेकर कलेक्टर से मिलने के लिए पहुंचे थे काफी देर तक इंतजार करवाने के बाद भी कलेक्टर उनसे नहीं मिले जिसके बाद से ग्रामीणों में कलेक्टर के प्रति जमकर गुस्सा फूटा. मंगलवार को कोया, गोंड, मुरिया, माड़िया, धुरवा, कलार, धाकड़ समेत सर्व आदिवासी समाज के लोग इकठ्ठा होकर कलेक्टर को हटाने की मांग को लेकर आंदोलन पर उतर आए.

ग्रामीणों की प्रमुख मांग
तेंदूपत्ता संग्राहक कार्यकर्ताओं को नगद भुगतान कर 100 गड्डी का ₹700 किया जावे.महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत लंबित मजदूरी भुगतान, आदिवासी के नाम से फर्जी जाति पर कार्यरत शासकीय कर्मचारियों को तत्काल बर्खास्त किया जाए,पांचवी अनुसूची क्षेत्र में गैर संवैधानिक रूप से बनाए गए तीन नगर पंचायत जिनमें सुकमा दोरनापाल और कोंटा को पुनः ग्राम पंचायत बनाया जाए, जिले में ईसाई मिशनरी आदिवासियों को बहला-फुसलाकर जबरन धर्मांतरण पर सख्त कार्रवाई, जिले के हजारों बेकसूर आदिवासियों को नक्सलियों के नाम पर जेल भेजा गया मामले की निष्पक्ष जांच, एड्समेटा गोली कांड में मारे गए निर्दोष आदिवासियों के परिजनों को मुआवजा, सरकार के शर्तों के अनुसार बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता, वन अधिकार अधिनियम 2006 को पूर्ण रुप से लागू कर समुदायिक अधिकार, पांचवी अनुसूची क्षेत्र में पेसा कानून अ लागू करने की मांगे थी.

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें