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: सीएससी संचालकों ने की पंचायत ऑपरेटर के पद पर नियुक्ति की मांग

Admin

Sat, Jun 16, 2018
रक्षेन्द्र सिह   सूरजपुर - सीएससी परियोजना के अधिकारियों की बेपरवाही से सामान्य सेवा केन्द्र संचालकों को घोर परेषानियों का सामना करना पड़ रहा है। समय पर कमीषन न मिलने, कराए गए अन्य कार्यां का भुगतान न करने व अपने भविष्य को देखते हुए सामान्य सेवा केन्द्र संचालकों ने मंगलवार को कलक्टर का जनदर्षन कार्यक्रम में कलक्टर केसी देवसेनापति व जिला पंचायत सीईओ संजीव कुमार झा को सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा है। सौंपे गए ज्ञापन में जिला व्हीएलई संघ ने पंचायतों में पंचायत कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर उन्हें नियुक्त किए जाने व समस्याओं के निराकरण की मांग की है। कलक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में जिला व्हीएलई संघ ने बताया है कि केन्द्र एवं छग शासन की महत्वपूर्ण महत्वांकांक्षी योजना एवं डिजिटल इंडिया परियोजना के अहम घटक व्हीएलई हैं। उनके द्वारा जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में शासन की योजनाओं एवं ऑनलाइन सेवाआें को आमजनमानस तक पहुंचाने में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। वहीं उनसे राज्य शासन द्वारा विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु कार्य कराया जाता है परन्तु मानदेय देने में हमेषा जिला प्रषासन द्वारा सुस्ती दिखाई जाती है व कतिपय अधिकारियों द्वारा सहयोग भी नहीं किया जाता। व्हीएलई को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है इनमें प्रषासनिक सहयोग की शून्यता, मानदेय अथवा कमीषन दर कमतर होना प्रमुख है तथा उन्हें प्रषासन द्वारा अपना अंग नहीं माना जाता है। जबकि जो व्हीएलई किसी बैंक के बीसी बतौर कार्य कर रहे हैं उन्हें निरन्तर परेषानियों का सामना करना पड़ रहा है। छग राज्य ग्रामीण बैंक के बीसी को विगत छह माह से कमीषन अप्राप्त है और कमीषन दर भी काफी कम है। एक बीसी पूरे माह मेहनत करने के बाद भी अधिकतम 3-4 हजार रुपए कमीषन ही अर्जित कर पाता है। वहीं इतना खर्च तो उसे बैंक से राषि लाने में ही हो जाता है। जबकि सूचना के अधिकार से प्राप्त दस्तावेज व जानकारी अनुसार बीसी को प्रतिमाह निष्चित 5 हजार रुपए मानदेय व कमीषन का भुगतान किया जाना चाहिए। वहीं खातों में न्यूनतम बैलेन्स मेन्टेन करने हेतु भी राषि प्रदान की जानी चाहिए तथा प्रधानमंत्री जीवन ज्योति व जन सुरक्षा योजना की बीमा राषि का भी कमीषन राषि का भुगतान बैंक बीसी को नहीं किया जा रहा है। इतना ही नहीं व्हीएलई को जिले के हितग्राहियों का आधार सीडिंग, प्रधानमंत्री आवास व शौचालयों को जियो टैग, आधार पंजीयन का कमीषन राषि, ई पंचायत मानदेय का भुगतान भी प्रषासनिक लापरवाही के कारण विगत दो वर्षां से लंबित है। जबकि इन दिनों व्हीएलई को स्काई योजना के तहत ग्राम पंचायतों में मोबाइल के लिए प्राप्त हितग्राहियों के आवेदन को एंट्री करने का शासन द्वारा महज 1.5 रुपए प्रति आवेदन निर्धारित किया गया है। जबकि शासन द्वारा प्रति पेज स्केनिंग शुल्क 5 रुपए निर्धारित है। वहीं एक आवेदन में दो पेज स्केनिंग और ऑनलाइन एंट्री करनी पड़ती है। व्हीएलई संघ ने कमीषन दर के संधारण के साथ व्हीएलई को पंचायत कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर नियुक्ति देते हुए उन्हें नियमित वेतन प्रदान करने की मांग सीएम रमन से की है। इस दौरान संघ के अध्यक्ष मो0 साकिर अंसारी, सचिव मुकेष मांझी, कोषाध्यक्ष अषोक राजवाड़े, हुस्ने आरा, मीडिया प्रभारी रविन्द्र प्रताप सिंह, नारेन्द्र कुषवाहा, अष्विनी कुमार, सुनील शर्मा, प्रेम कुमार मिश्रा, प्रज्ञा कुषवाहा, पुष्पा पुरी, दीपक कुमार गुर्जर, विनीत तिवारी, सीताराम साहू, विन्देष्वर जायसवाल, हिमालय, राजेष प्रजापति, भोला राजवाड़े, विवके राजवाड़े, प्रदीप कुमार साहू, रजनी सिंह, बजरंग राम, उगेन्द्र कुमार समेत अन्य व्हीएलई गण उपस्थित रहे।

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