: 60 जंगली हाथियों का दल एक महीने से चांदनी बिहारपुर क्षेत्र मे डाला हैं डेरा
Admin
Mon, Jun 11, 2018
पप्पू जायसवाल बिहारपुर
सुरजपुर-सूरजपुर जिले के दुरस्थ क्षेत्र चांदनी बिहारपुर वन अंचल क्षेत्र में जंगली हाथियों ने 1 महीने से डेरा डाला हुआ हैं साथ ही हाथियों ने कई बच्चो को जन्म दिए हैं
ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले दिनों तेंदूपत्ता तोडाई के दौरान लगभग जंगल में 60 हाथियों का झुंड देखने के लिए मिला जिसमें 6 छोटे-छोटे बच्चे थे, यह जंगली हाथी गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान के जंगलों जमे हुए है। हलाकि अभीतक तक जंगली हाथियों द्वारा कोई क्षति नहीं पहुंचाया जा रहा है अनुमान लगाया जा रहा हैं की हाथी जंगल में रहकर बच्चों का पालन पोषण कर रहे हैं तो वही बिहारपुर क्षेत्र में भारी सख्या मे जंगली हाथियों को देखे जाने पर भय का माहौल बना हुआ है! गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान बीट गार्ड ने बताया की हाथी के समूह के विचरण चाँदनी बिहारपुर के गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान बैकुण्ठपुर के पार्क परिक्षेत्र रिहंद अन्तर्गत सर्किल मोहरसोप छतरंग सिमा लाइन वन परिक्षेत्र बिहारपुर की सीमा लाइन में विचरण करते हुए शांति से अपना जीवन यापन कर रहे हैं किसी भी प्रकार का क्षति व्यहार नही दिखा रहे है जगली हाथी!
इसके पीछे का कारण यह हैं कि
- युपयुक्त आवास स्थल
- भोजन पानी की पर्याप्त मात्रा होना
- यह स्थान नम उपयुक्त आच्छादित क्षेत्र का होना जिसमे छिप कर अपने वंस वृद्धि करते है
- वर्तमान में यह 32 की संख्या में देखे गए है
- जिसमे कई बच्चे है
गोरतलब हैं कि यह समूह पिछले 4 साल से तमोर पिंगला अभ्यरण से गोंड बटी सर्किल रमकोला से रेंड नदी पार कर गुरुघासीदास राष्ट्रीय उद्यान बैकुण्ठपुर रेहन्ड रेंज के सर्किल मोहरशोप रेंज में प्रवेश करते है और पुरे गर्मी में यह रेहन्ड बीट, मोहरसोप बीट, बरंगा बीट में निवास करते है और रेड़ नदी में बरसात लगने से पहले पार कर जाते है उन क्षेत्र में उन हाथी समूह से अभीतक कोई गंभीर समस्या उत्पन्न नही हुआ है लेकिन हाल में उनके समूह सदस्यों के द्वारा रेहन्ड बीट अंतर्गत ग्राम कछिया में दो महिला को पैर से कुचल कर मार डाला तथा फसल की हानि किए ग्राम नौडिहा,भगबर्दा,कछिया,मोहरसोप, बसनारा खैरा जुडवानीया रामगढ रसौकी लुल महुली हैं।
इसके पीछे का कारण यह हैं कि
- युपयुक्त आवास स्थल
- भोजन पानी की पर्याप्त मात्रा होना
- यह स्थान नम उपयुक्त आच्छादित क्षेत्र का होना जिसमे छिप कर अपने वंस वृद्धि करते है
- वर्तमान में यह 32 की संख्या में देखे गए है
- जिसमे कई बच्चे है
गोरतलब हैं कि यह समूह पिछले 4 साल से तमोर पिंगला अभ्यरण से गोंड बटी सर्किल रमकोला से रेंड नदी पार कर गुरुघासीदास राष्ट्रीय उद्यान बैकुण्ठपुर रेहन्ड रेंज के सर्किल मोहरशोप रेंज में प्रवेश करते है और पुरे गर्मी में यह रेहन्ड बीट, मोहरसोप बीट, बरंगा बीट में निवास करते है और रेड़ नदी में बरसात लगने से पहले पार कर जाते है उन क्षेत्र में उन हाथी समूह से अभीतक कोई गंभीर समस्या उत्पन्न नही हुआ है लेकिन हाल में उनके समूह सदस्यों के द्वारा रेहन्ड बीट अंतर्गत ग्राम कछिया में दो महिला को पैर से कुचल कर मार डाला तथा फसल की हानि किए ग्राम नौडिहा,भगबर्दा,कछिया,मोहरसोप, बसनारा खैरा जुडवानीया रामगढ रसौकी लुल महुली हैं। विज्ञापन
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