: राष्ट्रीय सेवा योजना का सात दिवसीय शिविर सम्पन्न...
Tue, Feb 21, 2023
सूरजपुर.
संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय अम्बिकापुर द्वारा प्रायोजित राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ के इकाई शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सूरजपुर का विशेष सात दिवसीय ग्रामीण शिविर का समापन ग्राम पंचायत रूनियाडीह में सम्पन्न हुई। कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानन्द जी के छायाचित्र में दीप प्रज्जवलित कर प्रारम्भ की गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि सत्यनारायण जायसवाल ने राष्ट्रीय सेवा योजना के सूरजपुर इकाई द्वारा उनके जिला पंचायत क्षेत्र के ग्राम रूनियाडीह को शिविर करने पर धन्यवाद ज्ञाप किया। उन्होंने विभिन्न कार्यो का उल्लेख करते हुए कहा की यदि हम स्वयं सेवकों से प्रेरणा लेकर ग्राम की स्वच्छता को बरकरार रख सकते हैं जिससे हमारे ग्रामवासियों का स्वास्थ्य भी ठीक रहेंगा। उन्होंने स्वयं सेवकों से कहा कि वे अपना लक्ष्य बनाकर कार्य करें तो वे अपने-अपने मंजिल को प्राप्त कर सकते हैं। विशिष्ठ अतिथि जनपद सदस्य बाबूलाल राजवाडे ने अपने उद्बोधन में समाज सेवकों के प्रकार को बताते हुए कहा कि सेवक तीन प्रकार के होते हैं। जिसमें स्वयं सेवक सबसे श्रेष्ठ होता है। उन्होंने कहा की आपके द्वारा ग्राम पंचायत में चलाये गये सभी कार्य गावं के लोगों के लिए प्रेरणादायी हैं, हम ग्रामवासियों को इसका अनुशरण करना चाहिये। सरपंच श्रवण कुमार सिंह ने स्वयं सेवकों के द्वारा अनुशासित ढंग से ग्राम में किये गये विभिन्न कार्यो को बताते हुए ग्रामवासियों व समाज के अन्य लोगों को इससे प्रेरित होने को कहा। मानव सेवा समिति के अध्यक्ष जीतराम राजवाड़े ने स्वयं सेवकों जैसा सेवा भाव ग्रामवासियों में जागृत करने हेतु अपना उद्बोधन दिया। सात दिवसीय विशेष ग्रामीण शिविर का प्रतिवेदन कार्यक्रम अधिकारी ओमप्रकाश राजवाड़े ने प्रस्तुत करते हुए बताया की इन सात दिवसों में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों द्वारा ग्राम पंचायत रूनियाडीह के गोंडपारा, लोहारपारा, पटेलपारा, गोटियानपारा, रजवार पारा, घसिया पारा आदि विभिन्न मोहल्लों के सभी गलियों, नालियों की साफ-सफाई की गई। ग्राम पंचायत में स्थित सभी हेण्ड पम्पों के आसपास नालियों की सफाई कर आवश्यकता अनुसार सोख्ता गढ्ढों का निर्माण किया गया। ग्राम पंचायत रूनियाडीह में रेणुका नदी के किनारे में बने मंदिर परिसर की सफाई तीन दिनों तक अलग-अलग दलों के द्वारा इधर-उधर बिखरे ईटों को व्यवस्थित किया गया। इस मंदिर में बनाये जा रहे सावर्जनिक शौचालय निर्माण में स्वयं सेवकों के द्वारा दो दिनों तक श्रम दान किया गया।
बौद्धिक परिचर्चा में कैरियर कॉउसिलग, रोजगार मूलक शिक्षा, विभिन्न प्रकार के प्रतियोगिता परीक्षाओं हेतु मार्गदर्शन किया गया। लक्ष्य निर्धारित कर कक्षा बारहवीं के बाद छात्रों को रोजगार मूलक शिक्षा आदि विषयों पर परिचर्चा आयोजित की गई। शिविर दिनचर्या अनुसार प्रति दिवस गाव में जनसम्पर्क कर शासन द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न योजनाओं के बारे में ग्रामवासियों को अवगत कराया। इस समापन अवसर पर स्वयं सेवक लोकेश जायसवाल व साथियों के द्वारा लक्ष्य गीत, घरलाल केवट व साथियों द्वारा छत्तीसगढ़ी नृत्य तथा राजकुमार सिंह द्वारा शोलो डांस, तथा स्वयं सेवकों द्वारा समाज में अंध विश्वास व नशा पान शिर्षक पर एक लघु नाटिका प्रस्तुत किया जो काफी सराहनीय रहा।
: छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए जल्द शुरू होगा, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) का प्रशिक्षण...
Mon, Feb 20, 2023
सूरजपुर. छत्तीसगढ़ में शिक्षा क्षेत्र में बढ़ते निवेश के बावजूद, लोगो में बीच तकनीकी ज्ञान और पारस्परिक कौशल के बीच एक अंतर बना हुआ है। यह व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन दोनों में चुनौतियों का कारण बन सकता है, क्योंकि किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए प्रभावी ढंग से संवाद करने और दूसरों के साथ काम करने की क्षमता आवश्यक है। यह समस्या विशेष रूप से भारत के टियर 2 और टियर 3 शहरों में पाई गयी है, जहां उचित प्रशिक्षण की कमी और कौशल अंतराल के परिणामस्वरूप युवाओं की एक पीढ़ी में प्रमुख सॉफ्ट स्किल्स की कमी है। ये कहना है, छत्तीसगढ़ के आईटी इंजीनियर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विशेषज्ञ समीर रंजन।विश्व के 100 प्रमुख आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) विशेषज्ञों में शुमार, रंजन के मनाना है कि, हम दुनिया के सबसे अच्छे प्रौद्योगिकीविद् हो सकते हैं, लेकिन अगर हम पश्चिम की विचारधाराओं का सम्मान नहीं करते हैं और उनके प्रति केवल आलोचनात्मक रवैय्या अपनाते हैं, तो हम वैश्विक स्तर के कई अवसरों से वंचित रह जायेंगे और इसका उपाय है,' मायामाया कार्ययोजना' जो समाधान स्वरूप, लोगों को यह पता लगाने में मदद करते हैं कि वे कौन हैं और उनकी वास्तविक ताकत क्या है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तीव्र प्रगति ने इस मुद्दे को और जटिल बना दिया है, और व्यक्तियों को कार्यबल में प्रासंगिक बने रहने के लिए अपस्किल करने की आवश्यकता है, जो कि मजबूत पारस्परिक कौशल के बिना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
इस तकनीकी कमी को दूर करने के अपने अद्यतन प्रयास में, समीर रंजन, छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए एक तत्वीरित एक योजना पे कार्य कर रहे हैं, जिसके तहत न केवल युवाओं को, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के कार्यप्रणाली को समग्र रूप में समझने में मदद मिलेगी बल्कि, इस बारे में प्रशिक्षण उन्हें, नए दिशा के रोजगार पाने में भी उचित मदद करेगी।
रंजन,भारत ने दुनिया के लिए वैश्विक सॉफ्टवेयर विकास केंद्र बनने की सच्ची क्षमता दिखाई है। दुनिया के किसी भी अन्य देश की तुलना में, भारत के पास अगले 10-15 वर्षों के लिए बहुत तेजी से पदों को भरने के लिए बड़ी आबादी में प्रतिभाशाली इंजीनियर, कार्यक्रम प्रबंधक हैं। भारत के लिए इसका मतलब यह है कि बाजार में मांग और आपूर्ति में भारी अंतर होने जा रहा है, जहां मांग इतनी अधिक होगी कि हम प्रतिभा की आपूर्ति नहीं कर पाएंगे। मगर इससे बड़ी समस्या यह होगी कि- इन वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) के लिए सही कौशल का पता कैसे लगाया जाए।
जीसीसी को एक ऐसा आख्यान खोजना होगा जहां वे न केवल तकनीक बेच रहे हों बल्कि अपनी फर्म के मानवीय पहलू को पेश कर रहे हों। मानवीय पहलुओं में उनके कर्मचारियों के व्यक्तित्व के साथ-साथ उनके कौशल भी शामिल होंगे। यदि सामूहिक रूप से एक फर्म के औसत मूल्य अनुबंध करने वाली कंपनी की अपेक्षाओं से मेल खाते हैं तभी वह फर्म उस कंपनी के साथ काम करने में सक्षम होगी। याद रखें कि पिछली बार आपने विदेशी फर्मों के साथ सौदा कब खोया था, 10 में से 8 बार कारण यह नहीं होगा की आपके पास तकनीकी कौशल की कमी है, बल्कि इसका आधार संगठन के कल्चर से मेल न खाना होगा। और कल्चर का मेल खाना कर्मचारियों की सामूहिक योग्यता (व्यक्तित्व मैट्रिक्स) पर आधारित होता है। जीसीसी के रूप में आवश्यक है की आप अपनी कंपनी संस्कृति और परियोजना के प्रति अपना दृष्टिकोण निर्धारित करें, जिससे आपको अनुबंध पाने में आसानी हो।
रंजन कहते हैं, की वो और उनकी टीम इस वर्ष छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में ये प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगी और वो प्रयास करेंगे कि, जिन युवाओँ ने इसका प्रशिक्षण लिए है, उन्हें नियोक्ताओं के साथ काम करने का भी अवसर मिले ताकि वो और दक्ष हो सकें।
भारत में बेरोजगारी अभी भी एक समस्या है, लेकिन मेरा विश्वास है की तेज़ी से हो रहे विकास से यह समस्या अतीत की बात हो जाएगी, हमे सिर्फ कौशल अंतराल खोजने के लिए तकनीकों को लागू करने की आवश्यकता हैं। हम ढेर सारी नौकरियां सृजित करेंगे लेकिन इस अंतर को पाटे बिना समस्या का हल नहीं हो सकता।
कुल मिलाकर, तकनीकी ज्ञान और पारस्परिक कौशल के बीच का अंतर एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जिसे संबोधित करने की आवश्यकता है ताकि भारत में युवा पीढ़ी नेतृत्व की भूमिका निभाने और वैश्विक कार्यबल में योगदान करने के लिए तैयार हो सके।
एक गम्भीर मुस्कान के साथ वो कहते हैं, की अगर युवा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में प्रशिक्षित हो जाएंगे तो, उनके लिए नियोक्ता खुद अपने दरवाजे खोल देंगे।
वर्तमान में, अमेरिका में कार्यरत समीर रंजन, पिछले कुछ दिनों से भारत मे हैं, और इन्होंने, एन. आई.टी रायपुर, बैंगलोर के विश्वविद्यालय, बी.आई.टी भिलाई, और शंकराचार्य विद्यालय में, इस विषय पर व्याखन दे चुके हैं।
: जिला कांग्रेस कमेटी सूरजपुर की बैठक सम्पन्न...
Mon, Feb 20, 2023
सूरजपुर. कांग्रेस पार्टी के होने वाले तीन दिवसीय राष्ट्रीय महाधिवेशन (24,25,26 फ़रवरी) के तैयारियों एवं अधिवेशन में उपस्थित होने के संबंध में आज जिला कांग्रेस कमेटी की अति महत्वपूर्ण बैठक जिलाध्यक्ष भगवती राजवाड़े की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में मुख्य रूप से सविप्रा अध्यक्ष एवं प्रेमनगर विधायक आदरणीय खेलसाय सिंह जी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष नरेश राजवाड़े जी उपस्थित थे।
कांग्रेस के सभी वरिष्ठ पदाधिकारी गण,जिला कांग्रेस कमेटी के समस्त पदाधिकारीगण,ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षगण, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, सेवा दल, किसान कांग्रेस, इंटक, व्यापार प्रकोष्ठ, पिछड़ा वर्ग कांग्रेस,असंगठित कामगार कांग्रेस,अल्पसंख्यक कांग्रेस, आई टी सेल, अजा प्रकोष्ठ, अजजा प्रकोष्ठ सहित कांग्रेस के सभी प्रकोष्ठ के अध्यक्षगण, जिला पंचायत, जनपद पंचायत, नगरीय निकाय के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित कांग्रेस पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि महासभा के दिन 26 फरवरी को जिले लगभग 1000 पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता रायपुर जायेंगे। इस हेतु प्रत्येक ब्लाक में एक एक बस की व्यवस्था की जा रही है। तथा नगरीय क्षेत्रों के लिए अलग व्यवस्था की जा रही है जिसके लिये ब्लाक अध्यक्षों एवं निकाय के अध्यक्षों तथा वरिष्ठ पदाधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है जो कि अपने विधानसभा क्षेत्र के माननीय विधायक गण से समन्वय बना कर कार्यकर्ताओं के लिए ब्लॉकवार, नगरीय क्षेत्रवार व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। इस हेतु समन्वय समिति बनाई गई है। समन्वय समिति में - सूरजपुर ग्रामीण से धर्मेंद्र सिंह, जाकेश राजवाड़े, सूरजपुर शहर से संजय डोसी, राहुल अग्रवाल, परमेश्वर राजवाड़े, विश्रामपुर शहर से आशीष यादव, चंदन सिंह, प्रेमनगर से आलोक जगते, आलोक साहू, प्रेमनगर ग्रामीण ब्लॉक से सरिता सिंह, तुलसी यादव, पुष्पेंद्र सिंह, रामानुज नगर ब्लाक से प्रदीप साहू, चंद्र दत्त दुबे, ब्लाक ओड़गी से गौतम कुशवाहा, मन्देश गुर्जर, भैयाथान ब्लाक से रावेन्द्र प्रताप सिंह, नूर आलम, सलका ब्लाक से मुकेश अग्रवाल, सोनू पांडेय, मनिहारी लाल पैकरा, लटोरी ब्लाक से गोवर्धन सिंह, रोहन राजवाड़े, भटगांव शहर से सूरज गुप्ता, वीरेंद्र गुप्ता, सुखदेव राजवाड़े, जरही शहर से बीजू दासन, प्रेम राजवाड़े, प्रतापपुर ब्लाक से कुमार सिंहदेव, जगतलाल आयाम, प्रतापपुर शहर से कंचन सोनी, इम्तियाज जफर समन्वयक बनाये गये हैं।