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: सहकारिता मंत्री व जनप्रतिनिधियों की पहल पर दूसरे दिन 1 बजे कारख़ाना में हड़ताल समाप्त

सचिन तायल प्रतापपुर । शक्कर कारख़ाना केरता में 20 घंटे से जारी कर्मचारियों की हड़ताल आज समाप्त हो गई,सहकारिता मंत्री व उनके प्रतिनिधियों द्वारा समझौता के बाद हड़ताली कर्मचारी काम पर लौटने तैयार हुए,विभिन्न मांगों को लेकर प्रबन्धन ने कर्मचारियों को लिखित आश्वासन दिया,जिसमें मुख्यतः नियमतिकरण को लेकर दस फरवरी को मंत्री के समक्ष उचित निराकारण करना है। गौरतलब है कि विभिन्न मांगों को लेकर शक्कर कारख़ाना कर्मचारियों ने कल शनिवार से हड़ताल चालू कर दी थी जिसके बाद कारख़ाना पूरी तरह बन्द हो गया था,हड़ताल से सबसे ज्यादा परेशान किसान हुए और हजारों टन गन्ना कारख़ाना में इकट्ठा हो गया था और कारख़ाना के साथ किसानों को लाखों का नुकसान हुआ।शनिवार को ही कर्मचारियों को समझाने का बहुत प्रयास किया गया था लेकिन वे नहीं माने,सहकारिता मंत्री के प्रतिनिधि जितेंद्र दुबे के साथ विद्यासागर सिंह,नवीन जायसवाल ने भी समझौता कर हड़ताल समाप्त कराने का प्रयास किया था लेकिन कर्मचारी मानने को तैयार नहीं हुए थे बल्कि किसानों और कर्मचारियों के बीच तनाव की स्थिति निर्मित हो गई थी।आज सुबह फिर कर्मचारी हड़ताल में बैठ गए और कारख़ाना प्रारम्भ नहीं हो सका,सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह ने हड़ताल समाप्त कराने पहल की और अपने प्रतिनिधि के तौर पर कुमार सिंह देव,जितेंद दुबे,विद्या सागर सिंह नवीन जायसवाल को भेजा।कई घण्टे की बैठक के बाद कर्मचारी हड़ताल समाप्त करने को तैयार हुए,इसमें सबसे प्रमुख मांग नियमतिकरण जिसको लेकर प्रबन्धन के द्वारा गुमराह करते आ रहा था,को लेकर निर्णय हुआ कि प्रबंधन प्रकरण बनाकर मंत्रालय को भेजेगा और दस फरवरी को मंत्री के साथ विचार विमर्श होगा कि क्या हो सकता है,एक कर्मचारी को वापस लेने की मांग पर न्यायालय के निर्णय के बाद व तीसरी मांग शासन के आदेश के बाद कार्यवाही करने का आश्वासन दिया जो प्रबंधक ने लिखित में दिया 20 घण्टों में हड़ताल समाप्त होने के बाद प्रबन्धन के साथ किसानों ने राहत की सांस ली,इस दौरान कर्मचारियों ने प्रबन्धन पर गंभीर आरोप लगाते हुए एमडी जीएम को हटाने के साथ मनोज पढ़ी की नियुक्ति व प्रमोशन की जांच की मांग भी की।जिससे
पारदर्शिता से काम हो सके

लोगो से मिली जानकारी के अनुसार अगर एमडी जीएम को नही हटाया गया तो फिर द्वेषपूर्ण साजिश रचकर कर्मचारियों को परेशान करता रहेगा पूर्व में भी ऐसी घटना विरोध करने पर घटित हो चुकी है जिसकी आज तक कोई ठोस पहल न होने से कर्मचारी भोग रहे है

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