: श्याम महोत्सव में जमकर झूमे श्याम भक्त
Wed, Aug 22, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर-
जिले के सूरजपुर स्थित एकमात्र श्याम बाबा मंदिर का 42 वां वार्षिक उत्सव विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के मध्य मनाया गया, इस दौरान निकाली गई कलशयात्रा एवं झांकी में बड़ी संख्या में महिलाओं, बच्चों और श्याम भक्तों ने उत्साह के साथ भाग लिया।
गौरतलब है कि 42 वर्ष पूर्ण सूरजपुर के नेहरू पार्क रोड में खाटूवाले श्याम बाबा के मंदिर की स्थापना की गई थी, तब से लेकर आज तक अनवरत वार्षिक महोत्सव का आयोजन सावन शुल्क एकादशी के दिन प्रतिवर्ष मनाया जाता है। दो दिवसीय वार्षिक महोत्सव में 21 अगस्त को दुग्धाभिषेक, राजोपजार, अखण्ड ज्योति पाठ, छप्पन भोग समेत अन्य विभिन्न अनुष्ठानों का आयोजन भक्ति भावना के साथ किया गया। वहीं 22 अगस्त को कलशयात्रा के तहत श्याम मंदिर से श्रीराम मंदिर तक महिलाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। दोपहर पश्चात श्रीश्याम मंदिर से श्याम बाबा की भव्य झांकी निकाली गई, जो नगर के सभी प्रमुख मार्गों से होते हुए वापस श्रीश्याम मंदिर पहुंची। इस दौरान रंग बिरंगे निशान और शुमधुर भजनों की अनुगुंज से समुचा शहर श्याममय हो गया।
चावल की सजावट रहा आकर्षण का केन्द्र
इस बार श्याम बाबा का दरबार फूलों के साथ- साथ रंग बिरंगे चावलों का श्रृंगार मुख्य आकर्षण का केन्द्र है, बाहर से आये कलाकारों द्वारा मंदिर परिसर को चावल के दाने पर आधारित कलाकृतियों से सजया और श्यामजी के दरबार को नया स्वरूप देने का प्रयास किया। श्री श्याम प्रभु के दरबार के भव्य श्रृंगार का नजारा लेने पूरे दिन भक्तों का तांता लगा रहा।
लगे भण्डारे, व्यवस्था भी चाक चौबंद
श्री श्याम महोत्सव के संबंध में जानकारी देते हुए श्री श्याम मंदिर सेवा समिति के सदस्यों ने बताया कि इस अवसर पर गोयल मिर्जापुरिया परिवार और गर्ग मिर्जापुरिया परिवार के द्वारा भण्डारे का आयोजन किया गया था, परिवार के अन्य सदस्यों के द्वारा भी पृथक से जलपान एवं भोजन की निःशुल्क व्यवस्था की गई थी। आयोजन को लेकर जिला एवं पुलिस प्रशासन ने चाक चौबंद व्यवस्था की थी, यातायात और पुलिस सुरक्षा व्यवस्था की सभी के द्वारा प्रसंशा की जा रही थी। श्याम बाबा की विशाल झांकी का जगह- जगह स्वागत किया गया और श्याम भक्तों की सेवा के लिए श्याम प्रेमियों के द्वारा सेवा स्टाल लगाये गये थे।
: महिला सशक्तिकरण... सफलता की ओर ब़ढते क़दम
Wed, Aug 22, 2018
राजेश सोनी
सरगुजा-
सशक्त महिला, सशक्त समाज' देश के विकास में दोनों ही एक-दूसरे के पूरक हैं। देश में महिलाओं का सशक्तिकरण होना आज की महती आवश्यकता है इसी दिशा बढते हुए
महिला सशक्तिकरण की मिसाल कुछ ऐसा ही देखने को मिला है छ0ग0 के सरगुजा जिले के छोटे से ग्राम कुंवरपुर गाव मे,जहा पर जय मां दुर्गा महिला स्वंम सहायता समुह की महिलाओ ने तीन लाख रुपये की लोन लेकर धान की खेती कर ईट बनाकर अपनी आय मे ईजाफा किया ही साथ ही साथ गाव मे स्वछय भारत अभियान से जुडकर ग्रामीणो को शौचालय बनवाने और उपयोग करने के लिये प्रेरित किया! समुह की महिलाओ की इस पहल से न सिर्फ उन्हे आर्थिक रुप से मजबुत किया है बल्कि सरगुजा जिले का नाम भी रोशन किया है!
सरगुजा जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दुर ग्राम पंचायत कुंवरपुर गांव है,यहा 80 प्रतिशत आदिवासी जनजाति का बाहूल्य गांव है यहा के लोेगो की आमदनी का मुख्य जरीया कृषि है,,प्रशासनिक पहल पर जय मां दुर्गा महिला स्वंम सहायता समुह की महिलाओ को अच्छे कार्य के लिये उत्साहित करते हुये आवश्यक प्रशिक्षण दिया,जिससे यह स्वंम सहायता समुह ने आत्मनिर्भर बनने और रोजगार सूजन की दिशा मे अपने प्रभावी कदम बढाते हुये तीन लाख रुपये का लोन लेकर समुह की महिलाओ ने आपस मे बाटकर रोजगार सृजन करते हुये अपने और अपने घर परिवार की आय मे ईजाफा करते हुये आर्थिक स्वावलंबन की ओर बढने लगी है!
जय मां दुर्गा महिला स्वंम सहायता समूह की अध्यक्ष संतोषी विष्वकर्मा ने बताया कि जब वह इस गांव मे शादी होकर आई तो उनकी अर्थिक स्थिति काफी दयनिय थी,पति की आय कमजोर थी जिसके बाद समुह के बारे मे पता चलने पर वह समुह बनाकर धान की खेती किये साथ वह गांव मे ईट का निर्माण किया जिसका उपयोग गांव मे स्वच्छ भारत के तहत बनने वाले शौचालय मे उपयोग किया गया जिससे उन्हे अच्छा खासा मुनाफा मिला, कल तक वह छोटे से कच्चे के मकान मे रहती थी आज वह पक्के की सीट वाली मकान बनवा रही है,संतोषी बताती है उनके कार्य मे तकलीफे तो आई लेकन वह आगे बढती रही अपने समुह का सफलता पुर्वक संचालन करने बाद वे मास्टर टृेनर भी है अलग अलग गांव मे जाकर समुह का गठन भी करवाती है जनपद से उनको पैसा भी मिलता है उनकी सक्रिय भागदारी को देखते हुये उनको माईक्रो एटीएम का कार्य दिया गया है वे आसपास के गांव गांव जाकर पेशन वितरण के साथ आवास सहित मनरेगा का पैसा वितरण कर रही है जिसका उनको अलग से पैसा भी मिलता है! आज उनके समुह को सफलता पुर्वक संचालन को देखते देखते गांव मे 36 स्वंम सहायता बन गई है!
स्वंम सहायता समुह जैसा कि इसके नाम से इंगित होता है कि एक-दुसरे की आपस मे मदद करना है और कुंवरपुर गांव की इस समूह ने अपने नाम को सार्थक करते हुये अन्य स्वंम सहायता समूहो के लिये प्रेरणा का स्रोत बन गये है आज हर गांव मे समूह का विस्तार हो रहा है जिससे गांव मोहल्ले पारा टोले की जरुरतमंद महिलाये समूह से जुडकर रोजगार कर सके!
: निर्वाचक नामावली में दावा आपत्ति तिथि अब 31 अगस्त तक
Tue, Aug 21, 2018
रायपुर
-भारत निर्वाचन आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में निर्वाचक नामावली के द्वितीय विशेष सार पुनरीक्षण के लिए दावा आपत्ति की अंतिम तिथि 21 अगस्त 2018 तक नियत की गई थी। जिसे भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संशोधित करते हुए अब निर्वाचक नामावली में द्वितीय विशेष सार पुनरीक्षण के लिए नाम जोड़ने एवं अन्य त्रुटि सुधार हेतु दावा आपत्ति प्रस्तुत करने की समयावधि को 31 अगस्त 2018 तक बढ़ा दिया गया है।निर्वाचन आयोग की तरफ से विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के घोषित कार्यक्रम के अनुसार 31 जुलाई 2018 से आज तक वोटर लिस्ट में नाम जोड़वाने की आखिरी तारीख थी। भूपेश बघले ने अपने पत्र में लिथा कि राज्यपाल बलरामदास टंडन और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर दो अलग-अलग दिन सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की गयी। छुट्टी की वजह से पुनरीक्षण का काम प्रभावित हुआ!आज दोपहर भी सुब्रत साहू ने प्रेस कांफ्रैस ली थी, जिसमें मतदाता सूची के बारे में जानकारी दी गयी थी। उन्होंने बताया था इस बार चुनाव में कुल 18179435 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे्। इनमें पुरुष मतदाता 9146099 और महिला मतदाता की संख्या 9032505 है.उन्होंने जानकारी दी थी कि प्रदेश में कुल 23632 मतदान केंद्र बनाए गए है. इसमें भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अनुमोदित 23411 मतदान केंद्र है. इसके अलावा 234 प्रस्तावित है, जबकि वही 13 मतदान केंद्र को विलोपित कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि 221 मतदान केन्द्रों की संख्या में वृद्धि की गयी है। वहीं ईवीएम व वीवीपेट मशीन की तकनीकी जानकारी का कार्यक्रम भी आयोग ने रखा है, जिसे 31 अगस्त तक नया रायपुर के विभिन्न शासकीय भवनों में किया जाएगा.