: अंतरजातीय विवाह करना युवक को पडा भारी....अपनों ने मारपीट कर घर से निकाला....जंगल के पेड के नीचे रहने को है मजबुर....
Admin
Wed, Mar 24, 2021
राजेश सोनी
सूरजपुर-अंतरजातीय विवाह करना एक युवक को मुश्किलों में डाल दिया है. अंतरजातीय विवाह पर मिलने वाली सरकारी मदद भी नही मिली और अब नदी के किनारे खानाबदोश की जिंदगी गुजारनी पड़ रही है. जिले के ओडगी ब्लाक के आखिरी छोर पर बसे खालबहरा के चंद्रिका प्रसाद यादव की माने तो वर्ष 2015 में अपने छोटे भाई को एक घटना से बचाने उसने बडा फैसला लिया और वह परिवार से बगावत कर गांव की ही दुसरे जाति की लड़की से वर्ष 2018 में विवाह कर लिया. जिसके बाद युवक भैयाथान पहुचकर मेहनत मजदुरी करते हुये जीवन यापन करने लगा. लेकिन इसी बीच लॉक डाउन लग गया और रोजी रोटी के लाले पड़ने पर वह वापस गांव लौट गया. लेकिन परिजनो का गुस्सा कम नही हुआ था ऐसे में उसे घर मे जगह नही मिलने पर पंचायत ने दरियादिली दिखाई और उसे स्कूल में शरण देने की पेशकश की जिसे उसने नामंजूर कर दिया और उसने गांव से लगे नदी किनारे के जगल में खुले आसमान के नीचे अपने सात माह के बेटे के साथ सपत्नी रहने का निर्णय लिया. युवक को अपने फैसले पर कोई मलाल नही है बस चाहता है कि उसे वह सरकारी मदद मिल जाये जो प्रावधान में निहित है इसके लिए कलेक्टर, एसडीएम, पुलिस अधीक्षक को आवेदन भी दिया है पर उसे अब तक मदद नही मिली है. जिस जगह पर वह परिवार सहित रह रहा है वहा पर जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है पर उसे इसकी कोई फिक्र नही है चंद्रीका प्रसाद ने बताया कि नदी किनारे पत्थर तोडते है जिसे क्रेषर वाले खरीद लेते है उसी से उनका किसी तरह गुजारा होता है। अभी तक उसका रोजगार गारंटी कार्ड तक नही बना ना ही राशन कार्ड है। उसने बताया कि उनके बेटे का जन्म प्रमाण पत्र भैयाथान के अस्पताल वालो ने नही बनाया जबकि वे कई बार अस्पताल का चक्कर लगा चुका है।
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