: अपर कलेक्टर ने नौकरी लगाने के नाम पर ली थी मोटी रकम.......सेवानिवृति उपरांत पुलिस ने किया गिरफ्तार.
Admin
Tue, May 28, 2019
अजय सोनी
सूरजपुर--जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न पदों के लिए जारी की गई। भर्ती प्रक्रिया के दौरान नौकरी लगाने के नाम पर हितग्राहियों से रिश्वत लेने और नौकरी न लगा पाने पर रिश्वत की रकम वापस न देने से संबंधित मामले में सूरजपुर पुलिस ने जिले के तत्कालीन अपर कलेक्टर एमएल धृतलहरे को आज गिरफ्तार किया है।
गौरतलब है कि सूरजपुर जिले के तात्कालिक अपर कलेक्टर एम एल घृतलहरे ने नौकरी लगाने के नाम पर कई ग्रामीण हितग्राहियों से लाखों रुपए की उगाही की थी और नौकरी न लगा पाने के बाद जब ग्रामीण अभ्यर्थियों के द्वारा रिश्वत की रकम वापस मांगी गई। तो उन्होंने रकम वापस नहीं की लेकिन अभ्यर्थियों और उनके परिजनों का मुंह बंद करने के उद्देश्य से उनसे ली गई। रकम के एवज में चेक जारी कर दिया था। जिसकी शिकायत अभ्यर्थियों के द्वारा जिले के कलेक्टर, मुख्यमंत्री, पुलिस अधीक्षक समेत विभिन्न मंचों और संस्थाओं के समक्ष की थी। इस मामले में पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर सूरजपुर के निर्देश पर पुलिस टीम ने तात्कालिक अपर कलेक्टर एमएल घृतलहरे के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया था, लेकिन इस मामले में आरोपी अपर कलेक्टर एमएल घृतलहरे की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में आज एक बड़ी सफलता हासिल की है। सेवानिवृत्ति के उपरांत रायपुर में निवास कर रहे अपर कलेक्टर एमएल घृतलहरे के संबंध में सूचना संकलित कर टीम बना कर दबिश दी और रायपुर स्थित निवास से उन्हें गिरफ्तार कर सूरजपुर लाया गया। यहां आगामी कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा।
जानिए क्या है मामला
सूरजपुर जिले के तात्कालिक अपर कलेक्टर रहते एमएल धृतलहरे की अगुवाई में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती की जा रही थी। इस दौरान जिले के कुछ बेरोजगार अभ्यर्थियों के द्वारा नौकरी लगाने के लिए इनसे संपर्क किया गया और उसके एवज में अपर कलेक्टर के द्वारा मोटी रकम की मांग की गई। बेरोजगार अभ्यर्थियों ने अपर कलेक्टर के अनुसार नौकरी लगाने के नाम पर रकम की व्यवस्था की और दे दी लेकिन वायदा अनुसार अपर कलेक्टर ने उनकी नौकरी नहीं लगाई। सूरजपुर जिले के प्रतापपुर तहसील अंतर्गत ग्राम चाची डाड़ निवासी ओंकार पटेल समेत अन्य अभ्यर्थियों ने जब दी गई रकम वापस मांगी तो उन्होंने उक्त राशि वापस नहीं की। दबाव बनाने के बाद ओंकार पटेल को 2-2 लाख रुपए के दो चेक प्रदान कर दिए, लेकिन बैंक में पर्याप्त राशि न होने की वजह से सभी चेक बाउंस हो गए। इस बात की शिकायत अभ्यर्थियों के द्वारा परेशान होकर मुख्यमंत्री जनदर्शन में की गई जनदर्शन में शिकायत के बाद विगत 24 दिसंबर 2018 को सूरजपुर कोतवाली थाना में तात्कालिक अपर कलेक्टर एमएल घृतलहरे के विरुद्ध धारा 420 के तहत अपराध पंजीबद्ध तो कर लिया गया। लेकिन गिरफ्तारी नहीं की गई थी। 6 महीने बाद आज उनकी गिरफ्तारी हो पाई है।
कोतवाली पुलिस ने अभी तो ओंकार पटेल प्रतापपुर की शिकायत पर की गई, एफ आई आर के आधार पर ही तत्कालीन अपर कलेक्टर एमएल घृतलहरे को गिरफ्तार किया है। लेकिन जब उनकी गिरफ्तारी की खबर क्षेत्र में फैली तो कोतवाली थाना में कई ऐसे अभ्यर्थी भी पहुंचे जिनसे अपर कलेक्टर के पद पर रहते हुए उन्होंने रिश्वत ली थी। काम न होने पर रिश्वत की रकम वापस न किए जाने से दुखी अभ्यर्थियों ने पुलिस को आवेदन देकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है।
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