: आरोपो से घिरे सूरजपुर पुलिस को मिले उत्कृष्ट सम्मान पर लोग चौके……झिलमिली थाने को देश के सर्वश्रेष्ठ थानों में मिला चौथा स्थान........इसी पुलिस थाने में पुलिस की पिटाई से रेलवे के इंजीनियर की हुई थी मौत….. पुलिस प्रताड़ना से पटवारी ने की थी आत्महत्या…..
Admin
Thu, Dec 3, 2020
राजेश सोनी
सूरजपुर- जिले के भैयाथान उर्फ झिलमिली थाने को उत्कृष्ट पुलिस थाने का तमगा मिलने पर सहसा लोगो को यकीन नही हुआ तब जब समुचे जिले की पुलिस पर इतने धब्बे है कि उसे धोने में वर्षो लग जाएंगे। आरोप भी कोई ऐसा वैसा नही है सीधे सीधे मौत जैसे संगीन तोहमत है। यही नही झिलमिली पुलिस भी इस कटघरे में खड़ी है। ये वही पुलिस है जिसके गृह मंत्री इतने नाराज थे कि उन्हें यह कहना पड़ गया था कि पुलिस इसी व्यवहार के कारण युवको को नक्सल का रास्ता अपनाना पड़ जाता है। खैर इन तोहमतों के बीच मिले इस तमगे से लोगो का चौकना लाजमी है।देश के 10 शीर्ष थानों में सूरजपुर जिले का झिलमिली थानें को चौथा स्थान हासिल हुआ है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के द्वारा उत्कृष्ट थाना को लेकर पूरे भारतवर्ष में सर्वे कराया था और इनमें से 10 शीर्ष पुलिस थानों की रैंकिंग की गई है। इसके लिए पहले थानों में डाटा विश्लेषण, सीधी परख और मिले फीडबैक के आधार पर रैंकिंग प्रक्रिया के तहत सर्वश्रेष्ठ कार्य प्रदर्शन करने वाले थानों की संक्षिप्त सूची तैयार की गई। जिसमें थाना की साफ-सफाई, रंग-रोगन, कैम्प सुरक्षा प्रबंध, पब्लिक बिहेवियर, क्वीक रिस्पांस, रिकार्ड संधारण, सीसीटीएनएस व अपराधों के समाधान के आधार पर बनाई गई। इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक डी.एम.अवस्थी ने आईजी सरगुजा रतनलाल डांगी व पुलिस अधीक्षक राजेश कुकरेजा ने पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई दी है। गौरतलब है कि यह वही झिलमिली पुलिस थाना है जहा पर पुलिस कस्टडी में मारपीट की घटना में रेलवे के इंजीनियर की मौत होने के आरोप विभाग पर लगे हैं। वहीं एक अन्य मामले में पटवारी की आत्महत्या में भी पुलिस प्रताड़ना का आरोप परिजनों ने लगाया है। इसके बाद भी आज तक एक भी मामले की न तो जांच पूरी हो सकी है और न ही आरोपियों को सजा मिली है।

7 साल पहले झिलमिली थाने में पिटाई से इंजीनियर की हुई थी मौत…..
प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री रामसेवक पैकरा के गृहग्राम चेन्द्रा के पकनी निवासी नरनारायण सिंह रेलवे मे इंजीनियर के पद पर गुजरात में तैनात थे। वह छुट्टी लेकर अपनी बेटी के अन्नप्राशन के लिए गांव पहुंचे थे। 11 नवंबर 2013 को चेकिंग के दौरान पुलिस ने उन्हें भी रोका तो वह नहीं रुके। इस पर पुलिस के दो आरक्षकों ने पीछा कर उनको पकड़ लिया और थाने ले जाकर जमकर पीटा। इलाज के दौरान उनकी रापुर में 21 नवंबर को उनकी मौत हो गई। विरोध के बाद तत्कालीन एसपी एसएस सोरी ने दोनों आरक्षकों को निलंबित कर तत्कालीन कलेक्टर डाॅ. एस. भारती दासन ने प्रतापपुर एसडीएम के नेतृत्व में की गई जांच में पुलिस थाने के दोनों आरक्षकों को दोषी पाया गया। इसके बाद दोषी पुलिसकर्मियों को बचाने के लिए फिर से मजिस्ट्रियल जांच शुरू की गई। जांच कमेटी में अपर कलेक्टर एमएल धुतलहरे को शामिल किया गया, जिन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को निर्दोष करार दिया। परिवार ने न्यायालय की शरण ली है।

सुसाइड नोट में लिखी पुलिस प्रताड़ना की कहानी, नहीं हुई कार्रवाई…..
24 मार्च 2018 को पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाकर पटवारी रामनारायण दुबे ने जहर खाकर आत्महत्या कर दी। मृतक के सुसाइड नोट में झिलमिली थाने में तैनात एक महिला एएसआई पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था। मृतक पटवारी से बरामद सुसाइड नोट में उन्होंने महिला एएसआई पर 6 लाख रुपए मांगने का आरोप लगाया। इसमें अपनी मौत का जिम्मेदार महिला एएसआई, तत्कालीन पटवारी व सूरजपुर के एक व्यवसायी को बताया था। बहरहाल जिले मे झिलमिली पुलिस थाने के चयन होने पर पुलिस अधीक्षक श्री कुकरेजा ने कहा कि यह गौरव का क्षण है कि छत्तीसगढ़ पुलिस के सूरजपुर जिले के थाना झिलमिली को देशभर के सर्वश्रेष्ठ थानों में चौथा स्थान हासिल हुआ है। तो वही दुसरी ओर अधिवक्ता और समाजिक कार्यकर्ता ए एन पाण्डेय ने बताया कि जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली किसी से छिपी नही है किस तरह उत्कृष्ट कार्य पुलिस कर रही है वह इसी झिलमिली पुलिस थाने में प्रर्याप्त सबुत है कि किस तरह एक रेलवे का इंजीनियर की पुलिस जांच के नाम पर थाने ले जाकर चंद पैसे के लिये बेदम पिटाई करती है और उसकी ईलाज के दौरान मौत हो जाती है तो वही पुलिस प्रताडना के वजह से एक पटवारी मौत को गले लगा लेता है। किस तरह पुलिस थानो से शराब का जखीरा गायब करके कम शराब का प्रकरण तैयार किया जाता रहा यह किसी से छिपी हुई नही है।
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