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: कलेक्टर साहब.... मत किजिए किसी हादसे का इंतजार, इस जर्जर छत के नीचे पढ़ने में लगता है डर

Admin

Tue, Aug 7, 2018
प्रवेश गोयल सूरजपुर- ओड़गी विकासखण्ड मुख्यालय स्थित प्राथमिक शाला कन्या आश्रम अपनी किस्मत पर आंसू बहा रहा है, भवन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है और आये दिन छत का प्लास्टर गिरने से अध्ययनरत पांच दर्जन बच्चे दहशत भरे वातावरण में शक्षा प्राप्त करने के लिए मजबूर हैं। विद्यालय भवन की दुर्दशा की जानकारी उच्चाधिकारियों को भी है, लेकिन शायद उन्हें किसी हादसे का इंतजार है। गौरतलब है कि ओड़गी विकासखंड मुख्यालय स्थित प्राथमिक शाला कन्या आश्रम का भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है भवन की छत पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है छत का प्लास्टर आए दिन टूट टूट कर बच्चों के ऊपर गिरता रहता है छत की सलाखें स्पष्ट नजर आने लगी है कभी भी यह भवन धराशाही हो कर बच्चों की जान के लिए खतरा बना हुआ हैं या यूं कहें कि जानलेवा साबित हो सकती है यह छत तो अतिशयोक्ति नहीं होगी. शासन प्रशासन का ध्यान सूचना के बावजूद इस ओर नहीं जा रहा है जबकि इस विद्यालय भवन को बने लगभग 15 साल हो गए हैं और इस भवन को मरम्मत की आवश्यकता है करीब 60 बच्चों की दर्ज संख्या वाले इस विद्यालय में अपना भविष्य तलाशते बच्चे और उनके अभिभावक यह देखकर अक्सर सहम जाते हैं और अन्य कोई विकल्प ना होने के कारण इसी विद्यालय में अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए मजबूर है। बरसात होते ही भवन छोड़ बाहर निकल जाते हैं बच्चे प्राथमिक शाला कन्या आश्रम के भवन की स्थिति इतनी जर्जर है कि मामूली बरसात होने पर स्कूल की बालिकाएं संभावित हादसे की कल्पना कर भयभीत हो जाती हैं कि वे भवन छोड़कर बाहर निकलकर भिगने लगती हैं या आस- पास के भवनों के बरामदों में शरण लेना पड़ता है। इन सारे हालातों से ब्लाक व जिला स्तर के सभी अधिकारी अवगत हैं इसके बावजूद भवन की मरम्मत कराने के प्रति गंभीर नहीं हैं। शायद उन्हें किसी बड़े हादसे का इंतजार है।

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