ब्रेकिंग

के बीच प्यासा किसान; नवगई और मोहरसोप केंद्रों में पेयजल का भारी संकट

बारातियों से भरी पिकअप पलटी, दो की मौत, कई घायल

प्रेमनगर स्वास्थ्य केंद्र में गर्भवती महिला से छेड़छाड़, आरोपी वार्ड बॉय गिरफ्तार

9 साल की मासूम से दादा ने की दरिंदगी

इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खाक, महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित ​

सूचना

: कैसा बेढापार होगा जब यह हाल है सत्ताधारी पार्टी की... निगम मंडल की लिस्ट जारी होते ही खुलकर हुआ विरोध...

Admin

Sun, Jul 18, 2021

राजेश सोनी
सूरजपुर. निगम मण्डल की नियुक्ति के बाद जिले के काग्रेस में तुफान मचा हुआ है बगावत खिफाफत की सुनामी के बीच कार्यकताओ ने कांग्रेस आलाकमान पर उपेक्षा का आरोप लगाया है. अप्रत्याशित तौर पर जिले से विन्की बाबा की बजाए पूर्व विधायक भानुप्रताप सिंह को अनुसूचित जनजाति आयोग का अध्यक्ष बना दिया गया. जिससे काग्रेस समर्थक एक गुट बेहद नाराज है शनिवार को बड़ी संख्या में काग्रेस के पदाधिकारी कार्यकर्ता रेस्ट हाउस में एकत्र होकर बैठक किये. जहाँ लालबत्ती को लेकर कठोर लहजो में नाराजगी व्यक्त की गई, बैठक में खुलकर खिलाफत बगावत के दौरान जिले से लालबत्ती के सबसे बड़े दावेदारो में विन्देश्वर शरण सिंह ने कहा कि आज कांग्रेस की हालत यह है कि जिसने संघर्ष किया वे दरकिनार किये जा रहे है और जो सरकार बनने के बाद पार्टी में आ रहे है उन्हें तव्वजो दी जा रही है. कर्मठ लोग अपमानित हो रहे है.कांग्रेस में गुटबाजी चरम पर है निगम मण्डल में ऐसे लोगो को जगह दी गई है जिन्हें कोई जानता तक नही है जबकि अपेक्षित कार्यकर्ताओ की खुले तौर पर उपेक्षा की गई है. इस्तीफे के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम क्यो इस्तीफा दे,यह हमारे बॉप दादो की पार्टी है हमने मेहनत कर सरकार बनाया है. बहरहाल उन्होने जो संकेत दिये है इससे साफ जाहिर है कि काग्रेस के अच्छे दिन नही आने वाले है मौजुदा आलाकमान के रवैया से काग्रेस को आगामी चुनाव में बहुत बुरा परिणाम भुगतना पड सकता है. रेस्ट हाउस में पदाधिकारी कार्यकर्ताओ की बैठक में जिला कॉंग्रेस अध्यक्ष भगवती राजवाडे भी पहुँची थी गुटबाजी से तो इंकार कर यह जरूर कहा कि कार्यकर्ता नाराज जरूर है पर सब ठीक हो जाएगा.आयोजित बैठक में शिव भजन सिंह मरावी,अशोक जगते,बिहारीलाल कुलदीप,रामकृष्ण ओझा, संजय डोसी,पवन साहू जैसे अनेक नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे जो विन्की बाबा को जगह देने की मांग की तख्ती लगाए अपनी भावना व्यक्त कर रहे थे. कार्यकर्ताओ से नेताओ ने कहा कि वे आलाकमान को इससे अवगत करा कर उपेक्षा दूर करने की मांग करेंगे. हस्ताक्षर अभियान चलाने की बात भी कही गई.

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें