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: खबर का असर... देवलोक की खबर के बाद कलेक्टर ने गठित की जांच टीम, लेकिन जांच टीम की शैली पर उठने लगे सवाल

Admin

Thu, Jul 19, 2018
प्रवेश गोयल सूरजपुर- जिले के चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने ओडगी तहसीलदार पर मुआवजा में हेराफेरी करने का आरोप लगाने और उनके आरोपों की जांच को लेकर देवलोक द्वारा प्रमुखता से पोर्टल में समाचार को जारी करने के बाद जिला प्रषासन ने इन आरोपों को गंभीरता से लिया है, जिले के कलेक्टर केसी देवसेनापति ने जांच समिति गठित करने के निर्देष अपर कलेक्टर केपी साय को दिये थे। जिस पर तत्परता दिखाते हुए अपर कलेक्टर ने डिप्टी कलेक्टर रवि सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच टीम बनाकर रवाना कर दिया। जांच में पहुंची टीम की शैली पर षिकायतकर्ता जनप्रतिनिधियों ने कई तरह के सवाल खड़े किये है। गौरतलब है कि चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने ओडगी तहसीलदार शालिकराम गुप्ता के द्वारा एस्सार पावर ट्रांसमिशन कंपनी के एजीएम के के त्रिपाठी के साथ सांठगांठ करके टावर और तार बिछाने के काम में ग्रामीणों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया था। जिसे देवलोक ने अपने वेब पोर्टल में प्रमुखता से स्थान दिया था। इसके बाद जिले के कलेक्टर केसी देव सेनापति के निर्देषन में अपर कलेक्टर केपी साय ने पुरे मामले की जांच करने के लिए जांच टीम गठित की जिसमें जांच टीम के अध्यक्ष डिप्टी कलेक्टर रवि सिंह को बनाया गया है। वहीं टीम के सदस्य के रूप में सूरजपुर तहसीलदार नंदजी पाण्डेय और सूरजपुर के राजस्व निरीक्षक ईजराइल खान को शामिल किया गया है। टीम ने शुरू की जांच डिप्टी कलेक्टर रवि सिंह ने टीम के सदस्यों के साथ गुरूवार को चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के प्रभावित ग्रामों का दौरा किया और ओड़गी के तहसीलदार शालिक राम गुप्ता की उपस्थिति में ही ग्रामीणों के बयान दर्ज कर भूमि और प्रभावित वृक्षों व अंचल सम्पतियों का पंचनामा भी बनाया। जांच टीम ने गांव में जांच की औपचारिकता पूरी कर एस्सार पावर ट्रांसमिशन कंपनी के एजीएम केके त्रिपाठी से मिलने बैढ़न रवाना हो गये। जांच की शैली पर जनप्रतिनिधियों ने उठाये सवाल एस्एसआर कम्पनी और ओड़गी तहसीलदार के मध्य सांठगांठ कर प्रभावित किसानों और ग्रामीणों के हितों के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाने वाले जनपद उपाध्यक्ष नित्यानंद पाठक और प्रभावित किसानों ने देवलोक से चर्चा करते हुए बताया कि जांच टीम ने जांच के नाम पर केवल औपचारिकता पूरी की जिस तहसीलदार के विरूद्ध जांच टीम का गठन किया गया है उसी तहसीलदार के इसारे पर लिपा पोती की गई है। जांच टीम पर भी एस्सार कम्पनी के एजीएम और ओड़गी तहसीलदार के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाया है। यह है पुरा मामला ओड़गी जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष नित्यानंद पाठक ने बताया कि एस्सार पावर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा टावर निर्माण एवं तार बिछाने का काम किया जा रहा है टावर लगाने के दौरान किसानों के साथ समन्वय बनाने और पंचायत की सहमति लेकर गाइडलाइन के अनुसार मुआवजा देने का प्रावधान है, लेकिन किसी भी प्रावधान का तहसीलदार के द्वारा पालन नहीं किया गया है उनका कहना है कि एस्सार कंपनी के एजीएम के के त्रिपाठी और तहसीलदार शालिक राम गुप्ता ने आपस में सांठगांठ करके दलालों के सहयोग से किसानों का हक छीन लिया है किसानों को न तो विश्वास में लिया गया है और ना ही उनकी जमीन का उचित मुआवजा दिया जा रहा है मुआवजा वितरण से पूर्व ग्रामसभा का आयोजन कर वांछित भूमि का मुआवजा निर्धारित किया जाना था, लेकिन भूमि के दर निर्धारण को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है टावर लगाने के लिए जमीन के साथ-साथ इस मार्ग में पड़ने वाले पेड़ पौधों की भी कीमत किसानों को दिया जाना चाहिए था लेकिन तहसीलदार ने सांठगांठ कर पूरे प्रकरण में गरीब आदिवासी और किसानों को नुकसान पहुंचाया है कई किसानों को तो मुआवजा भी नहीं मिला है और दलालों के नाम पर फर्जी रूप से मुआवजा प्रकरण बनाकर उन्हें लाभ पहुंचाया जा रहा है जनपद उपाध्यक्ष नित्यानंद पाठक ने इसकी शिकायत कलेक्टर से करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इन प्रभावित किसानों को नहीं मिला मुआवजा जनपद उपाध्यक्ष नित्यानंद पाठक ने बताया कि जिन किसानों की जमीन पर टावर लगाया जा रहा है और टावर के कारण जिन किसानों की जमीन प्रभावित है उनमें मुकुंदलाल जायसवाल, बैकुंठ पूरी, जगदीशपुरी, पवन कुमार, देवांगनपुरी, रामजी जायसवाल, लालजी, सीताराम, रिचक बिहारी, सुरेंद्रपुरी, विजय बहादुर, कन्नीलाल, अरविंद कुमार, राजकुमार, परशुराम, रामकृपाल, सोबरन सिंह, कमलेश कुमारी, बिहारीलाल, लालबिहारी, श्याम सुंदर, नन्हीं पण्डो, कांता सिंह, खूनप्रसाद, केवल सिंह, कुमान सिंह, अंबिका सिंह, शुघर सिंह, मनबोध यादव, नंदपुरी एवं अन्य किसान और उनके सगे संबंधी का नाम शामिल है जिन्हें मुआवजा के नाम पर ठग दिया गया है।

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