: गृहमंत्री का मजदूरों को लेकर विवादित बयान.....मजदूरों के पलायन पर बोले कुछ मजदूर आदतन होते हैं....
Admin
Sun, Nov 8, 2020
राजेश सोनी
सूरजपुर- सूरजपुर में माता कर्मा चौक के उद्घाटन में आये ताम्रध्वज साहू ने मजदूरों के पलायन और मानव तस्करी के सवाल पर बोला कि प्रदेश में रोजगार की कोई कमी नही है.लॉक डाउन में पूरे देश में छत्तीसगढ़ ने सबसे ज्यादा रोजगार दिया है.कुछ मजदूर आदतन होते हैं दूसरे प्रदेशों में काम करने के लिए। गौरतलब है कि कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर दूसरे प्रदेशों से अपने प्रदेश बिहारपुर चादनी क्षेत्र के विभिन्न ग्रामीण वापस लौटे स्थानीय ग्रामीण प्रवासी मजदूर बेरोजगारी की मार झेलने के बाद अब रोजी रोजगार की तलाश में अपनी जान जोखिम में डाल कर दूसरे प्रदेशों में लौटने लगे हैं। कोल्हुआ गांव के इमलीपारा के 22 मजदुर काम की तलाश में अन्य शहर का रुख अख्तियार कर वापस चले गये है तो वही इसी क्षेत्र से अन्य मजदुर काम काज के अभाव में बडे महानगर जाने सिलसिला की शुरुआत हो गई है। कोरोना काल मे बड़े पैमाने पर इन इलाकों से मजदूर घर लौटे है । जो रोजगार के अभाव में बेरोजगारी की मार झेल रहे है। सरकार व प्रशासन भले कुछ भी दावे कर ले पर हकीकत यह है कि गांव में रोजगार की कोई समुचित व्यवस्था नही है जिससे लोग पलायन करने को विवश है।
बसो से मजदुरो को बाहर ले जाया जा रहा है….
बीते दिनो तमिलनाडु जा रहे बस में सवार 52 लोगो को विशालपुर गांव के ग्रामीणो की सजगता पकडकर पुलिस के हवाले किया गया। जो तमिलनाडु की एक धागा कम्पनी में ले जाये जा रहे थे। उक्त बस में मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, तथा बलरामपुर जिले के मजदूर थे,जिनमे 31 किशोर भी थे। जिसकी सूचना पर जिला मुख्यालय से बाल संरक्षण की टीम मौके पर भेजी गई थी। जिसके पहल पर 31 किशोरों को सूरजपुर लाकर काउंसलिंग के बाद बाल गृह भेज दिया गया है। सभी तमिलनाडु की एक धागा कम्पनी में ले जाये जा रहे थे।
दो मजदुरो की हो चुकी है मौत……
15 जनवरी 2020 को हैदराबाद गये नाबालिक युवक का शव ठेकेदार ने चोरी छुपे गृहग्राम भेजवा दिया था। मृतक काम करने के दौरान टृेक्टर पलटने से मृत्यु होने के पश्चात ठेकेदार ने शव चोरी चुपके से मृतक के गृहग्राम भेजवा दिया जिससे नाराज अविभावक सहित ग्रामीणो ने पुलिस थाने मे ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्यवाही करने की शिकायत भी हुई रही। तो वही कोरोना काल मे जहां से बाहर से लौटा एक युवक कोरोना संक्रमित होकर यहां पहुँचा था जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई थी यह युवक बिहारपुर का था। ग्रामीणों का कहना है बिगड़ते हालात पर सरकार का ध्यान नहीं है। मजदूर हर दिन काम करके जो कमाता है उससे उसका घर चलता है। मजदुरो ने बताया कि अगर वे मनरेगा मे काम करते है पंचायत के रोजगार सचिव तो दुसरे के नाम से हाजरी लगाई जाती है जिससे उनकी मेहनत की मजदुरी नही मिलती साथ ही भुगतान मे गडगड झाला। तो वही मनरेगा मे आठ घंटे काम करने पर उन्हे 194 रुपये मिलता है बाहर कम्पनी फैक्टृी मे काम करने पर उन्हे 250 रुपये मिलता है और ओवर टाईम करने पर प्रत्येक घंटे का 100 रुपये अतिरिक्त मिलता है।
पलायन के बारे में बात करने पर जनपद ओडगी के सीईओ ने बताया की अभी धान की कटाई में मजदुर लगे हुये हमें खुद मजदुर नही मिल रहा है। मजदुरी भुगतान मंे अनिमियता करने पर उन्होने दुरुस्त करने की बात कही, दुसरे की नाम की हाजरी लगाने पर उन्होने ठीक ठाक करने की बात कही। जो काम यहा उपलब्ध है वह बाहर में नही है जो मजदुर गये है क्यो गये है इस बावत पता लगाया जायेगा-श्रवण कुमार मरकाम मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत ओडगी
कांग्रेस के एक गुट ने बनाई दूरी……
गृह मंत्री श्री साहू के इस समूचे कार्यक्रम से कांग्रेस का एक गुट नदारत रहा। बताया जाता है कि वैसे तो उनका यह कार्यक्रम सामाजिक था। पर नगरीय प्रशासन ने माता कर्मा चैक के अनावरण कार्यक्रम भी आयोजित किया था जिसमे कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारियो के साथ साथ कुछ पार्षद,एल्डरमैन आदि को सूचना तक नही दी गई थी। जिससे लोग खफा थे और इस कार्यक्रम से दूरी बनाए हुए थे।हालांकि माता कर्मा चैक के अनावरण में साहू समाज के कुछ लोग भी उपेक्षा को लेकर प्रशासन से खफा दिखे और कार्यक्रम को हाइजेक करने का आरोप लगाया।
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