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: गोलमाल है सब गोलमाल….किसानो से तय मानको से ज्यादा ले रहे धान…. खरीदी केंद्र में धड़ल्ले से चल रहा आधा किलो अवैध धान की उगाही……

Admin

Tue, Dec 22, 2020

सूरजपर-जिले में प्रशासन के नाक के नीचे धान खरीदी केन्द्र में बडी मात्रा में गोल माल हो रहा है निरिक्षण के लिये प्रभारी व सभी विभागो सहित तहसीलदार से लेकर कलेक्टर तक जा रहे है परंतु लाखो की गडबडी को पकड नही पा रहे है या तो सबकी सलिप्तता है या चोरी को पकडने में अक्षम है। आये दिन गडबडियो की शिकायत मिल रही है। धान खरीदी केंद्र बसदेई में जहां किसानों से प्रत्येक बोरी आधा किलो धान अधिक लिया जा रहा है. जबकि शासन द्वारा धान खरीदी का निर्धारित वजन 40 किलो 600 ग्राम है। सूक्ति के नाम से धान खरीदी केंद्र के प्रभारी द्वारा किसानों से 41 किलो 200 ग्राम धान लिया जा रहा है. यही आलम जिले के तमाम धान खरीदी केंद्रों का भी है बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारी इस और कोई ध्यान नहीं देते और चुप्पी साधे हुए बैठे हुए हैं. क्षेत्र के किसानों ने जिले के उच्च अधिकारियों से इस ओर जांच कर कार्यवाही की मांग की है।
प्रति बोरी आधा किलो अधिक ले रहे धान…….
धान खरीदी केंद्र बसदेई में शासन के मानक के अनुरूप धान खरीदी नहीं की जा रही है बल्कि किसानों से प्रति बोरी आधा किलो धान अधिक लिया जा रहा है. गांव के किसान भोले होने के कारण इसका विरोध भी नहीं कर पाते और चुपचाप 41 किलो 200 ग्राम धान दे देते हैं।
अधिकारियों की कार्यशैली पर उठ रहा सवाल….
सभी धान खरीदी केंद्रों में समितियों की मॉनिटरिंग के नाम पर नोडल अधिकारी, सहायक नोडल अधिकारी, पटवारियों की ड्यूटी लगाई गई है बावजूद इसके नोडल अधिकारी इनका गफलतों पर कोई ध्यान नहीं देते हैं. किसानों का यह भी कहना है कि अधिकारी मॉनिटरिंग के लिए आते तो जरूर हैं लेकिन उनसे यह तक नहीं पूछा जाता क्या खरीदी सही चल रहा है…..?
कर्मचारी भी कर रहे हैं मनमानी…..
धान खरीदी केंद्र में पहुचे किसान उमेश राजवाड़े ने बताया कि उनके द्वारा प्रति बोरी 40 किलो 800 ग्राम धान दिया जा रहा था लेकिन समिति के ऑपरेटरों द्वारा धान लेने से इनकार कर दिया गया और कहा गया कि हमको एक क्विंटल अधिक दोगे तो हम धान लेंगे, नहीं तो पूरा 41 किलो 200 ग्राम धान भर कर लाओ तभी हम आपका धान लेंगे नहीं तो ले जाओ।
मुंह देखकर जारी किया जा रहा टोकन…..
किसानों का यह भी आरोप है कि धान खरीदी केंद्र में ऑपरेटर के द्वारा किसानों को दो-तीन दिन तक बुलाकर परेशान किया जाता है और टोकन जारी नहीं किया जाता है. यह भी कहना है कि ऑपरेटर के द्वारा अपने परिचितों व संबंधित हों को कभी भी जगह खाली ना होने पर भी टोकन जारी कर दिया जाता है।
फटे बोरों की सिलाई करने में परेशान हो रहे किसान…..
समितियों में किसानों को बारदाना की कमी होने के कारण फटा बोरा दिया जा रहा है. किसान जैसे ही बोरी में धान डालता है धान गिरने लगता है जिससे किसान बोरो की सिलाई करना में ही परेशान है।
पिछले वर्ष की खरीदी में हुई गडगडी पर कलेक्टर ने हटाया था प्रभारी को….इस वर्ष बन गया वही प्रभारी…..
पिछले वर्ष धान खरीदी के दौरान तत्कालिन कलेक्टर ने मंडी स्थित धान खरीदी केन्द्र के प्रबंधक की चोरी को पकड कर धान खरीदी से पृथक कर दिया था. फिर भी इस बार वही प्रबंधक धान खरीदी कर रहा है। उक्ताशय की शिकायत करने कलेक्टर से पहुचे किसानो ने बताया कि मंडी प्रागण में धान खरीदी शासन के द्वारा की जा रही है परंतु सरकार की मंशा किसानो को लाभ पहुचाने की है किन्तु यहा प्रबंधक मालामाल हो रहा है. पिछले वर्ष धान खरीदी प्रभारी के द्वारा की गई गडबडीयो को तत्कालिन कलेक्टर के द्वारा पकडे जाने पर उसे हटा दिया था साथ ही लाखो रुपयो की भरपाई किया गया तब जाकर मामला शांत हुआ था। इस वर्ष की धान खरीदी मे फिर से उसी खरीदी प्रभारी को बनाकर उपकृत किया गया है। शिकायत कर्ताओ ने बताया है कि खरीदी केंद्र में भाई भतीजा वाद का बोलबाला है यही नही बोरा के नाम हमाली के नाम किसानों से बेजा वसूली की जा रही है। किसान परेशान है और प्रशासन मस्त है। फिलहाल शिकायतकर्ताओ ने प्रशासन से व्यवस्था सुधारने व आरोपी प्रभारी को हटाए जाने की मांग की है।

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