: चुनावी चक्रम....... एकजुटता की कोशिश के बावजूद, अजय गोयल, रेणुका सिंह, गिरीश गुप्ता की गैर मौजूदगी से कहीं मुरझा न जाये कमल...... प्रवेश गोयल
Admin
Thu, Nov 1, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- टिकिट की दौड़ में एड़ी- चोटी एक करने के बाद नामांकन भरने के दौरान एक जुटता दिखाने की कोशिश कितनी कारगर होगी यह तो आने वाले वक्त ही बतायेगा। प्रेमनगर सीट से टिकिट के दावेदार रही पूर्व विधायक रेणुका सिंह और भटगांव सीट के प्रबल दावेदार पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष अजय गोयल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष गिरीश गुप्ता समेत अन्य की गैर मौजूदगी यहां चर्चा का विषय बना हुआ है।
यहां गैर मौजूदगी क्यां गूल खिलायेगी इसका नजारा तो एक दिन पूर्व ही अजय गोयल ने दिखा दिया है। समय रहते खाई नहीं पाटी गई तो परिणाम का प्रभावित होना तय नजर आ रहा है। बहरहाल प्रेमनगर से विजय प्रताप, भटगांव से रजनी त्रिपाठी और प्रतापपुर सीट से गृहमंत्री रामसेवक पैकरा ने समर्थकों के साथ रैली निकाली और नामांकन दाखिल किया है। अब रूठों को मनाने का दौर शुरू हो जायेगा।
रेणुका सिंह रही नदारद, राजलाल ने भरा नामांकन
जिले की प्रेमनगर सीट से विजय प्रताप सिंह के अलावा पूर्व पापुनि अध्यक्ष भीमसेन अग्रवाल, भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक बाबूलाल अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष रामकृपाल साहू, नपाध्यक्ष थलेश्वर साहू, जिला पंचायत सदस्य भूलन सिंह मरावी, पूर्व जनपद अध्यक्ष पुष्पा सिंह, भाजयूमो जिलाध्यक्ष रितेश गुप्ता तो नामांकन रैली में नजर आए, लेकिन पूर्व विधायक रेणुका सिंह का इस एकजुटता रैली में न रहना और भाजपा कार्यकर्ता राजलाल राजवाडे़ का निर्दलीय नामांकन भरना यहां चर्चा का विषय बना हुआ है। सूत्रों के अनुसार रैली से एक दिन पूर्व संगठन के पदाधिकारियों ने बैठक लेकर दावेदारी पेश करने वाले नेताओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाया था, जिसका असर रैली में तो दिखा लेकिन चुनावी मैदान में कितना रहेगा इसके लिए लोगों को इंतजार करना पड़ेगा।
अजय गोयल की नाराजगी बिगाड़ेगी खेल
भटगांव विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की टिकिट के दावेदार रहे पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष अजय गोयल भी इस एकजुटता रैली में नजर नहीं आये, ये रेणुका सिंह की तरह खामोशी नहीं है, बल्कि भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन भरकर अपना रूख साफ कर चुके हैं, इनके रूख को समय रहते गंभीरता से नहीं लिया गया तो भाजपा के लिए नुकसान दायक होगा। भटगांव सीट के अन्य दावेदारों में जिला पंचायत उपाध्यक्ष गिरीश गुप्ता की खामोशी और जिला पंचायत सदस्य किरण केराम की मुखरता भी भटगांव विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी के लिए मुसीबत का कारण बन सकती है।
यहां गैर मौजूदगी क्यां गूल खिलायेगी इसका नजारा तो एक दिन पूर्व ही अजय गोयल ने दिखा दिया है। समय रहते खाई नहीं पाटी गई तो परिणाम का प्रभावित होना तय नजर आ रहा है। बहरहाल प्रेमनगर से विजय प्रताप, भटगांव से रजनी त्रिपाठी और प्रतापपुर सीट से गृहमंत्री रामसेवक पैकरा ने समर्थकों के साथ रैली निकाली और नामांकन दाखिल किया है। अब रूठों को मनाने का दौर शुरू हो जायेगा।
रेणुका सिंह रही नदारद, राजलाल ने भरा नामांकन
जिले की प्रेमनगर सीट से विजय प्रताप सिंह के अलावा पूर्व पापुनि अध्यक्ष भीमसेन अग्रवाल, भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक बाबूलाल अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष रामकृपाल साहू, नपाध्यक्ष थलेश्वर साहू, जिला पंचायत सदस्य भूलन सिंह मरावी, पूर्व जनपद अध्यक्ष पुष्पा सिंह, भाजयूमो जिलाध्यक्ष रितेश गुप्ता तो नामांकन रैली में नजर आए, लेकिन पूर्व विधायक रेणुका सिंह का इस एकजुटता रैली में न रहना और भाजपा कार्यकर्ता राजलाल राजवाडे़ का निर्दलीय नामांकन भरना यहां चर्चा का विषय बना हुआ है। सूत्रों के अनुसार रैली से एक दिन पूर्व संगठन के पदाधिकारियों ने बैठक लेकर दावेदारी पेश करने वाले नेताओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाया था, जिसका असर रैली में तो दिखा लेकिन चुनावी मैदान में कितना रहेगा इसके लिए लोगों को इंतजार करना पड़ेगा।
अजय गोयल की नाराजगी बिगाड़ेगी खेल
भटगांव विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की टिकिट के दावेदार रहे पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष अजय गोयल भी इस एकजुटता रैली में नजर नहीं आये, ये रेणुका सिंह की तरह खामोशी नहीं है, बल्कि भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन भरकर अपना रूख साफ कर चुके हैं, इनके रूख को समय रहते गंभीरता से नहीं लिया गया तो भाजपा के लिए नुकसान दायक होगा। भटगांव सीट के अन्य दावेदारों में जिला पंचायत उपाध्यक्ष गिरीश गुप्ता की खामोशी और जिला पंचायत सदस्य किरण केराम की मुखरता भी भटगांव विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी के लिए मुसीबत का कारण बन सकती है। विज्ञापन
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