: छाता लेकर पढ़ रहे है छात्र..उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ओडगी का हाल बेहाल
Admin
Thu, Jul 26, 2018
शमरोज खान
सूरजपुर- ओडगी विकास खंड मुख्यालय के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का हाल बेहाल है। हल्की बारिश में ही स्कूल के कमरो मे पानी सिपेज करने के कारण बच्चो को छाता लेकर मजबूरन शिक्षा ग्रहण कर रहे है। वहीं भारी वर्षा होने पर स्कूल के प्राचार्य के द्वारा छुट्टी कर दिया जाता है क्योकि स्कूल के कई कमरो का प्लास्टर गिरता रहा है इस कारण कई छात्र स्कूल ही नही आते है क्योकि कभी भी कोई गंभीर घटना ना हो जाये !
सन् 1985 मे बना यह स्कूल भवन आज अपनी दुरदशा पर रो रहा है इस विद्यालय पर प्रशासन के द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया गया जिससे वजह से आये दिन इस विद्यालय के शिक्षकों से लेकर विधार्थीयो के ऊपर खतरा मंडराता रहता है! विभागीय अधिकारियों को जानकारी होने के बावजूद भी अपनी आखे बंद किये हुए है ।
अतिरिक्त कक्ष बना वो भी घटिया - शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ओडगी मे एक अतिरिक्त कक्ष का निर्माण सन् 2009 मे कराया गया लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण ठेकेदार के द्वारा घटिया निर्माण कराये गए, जिसके कारण वह अतिरिक्त कक्ष का हाल बेहाल है कई कमरे बरसातहो रही है।
जिला पंचायत भी बैठा मौन - एक वर्ष पूर्व जिला पंचायत के द्वारा इस विद्यालय भवन का प्राक्कलन बनवाकर मंगाया गया था लेकिन आज तक इस ओर जिला प्रशासन के द्वारा भी कोई ध्यान नहीं दिया गया । जिला पंचायत उक्त प्राक्कलन को कचरे के ढेर मे फेक दिया है जिसके कारण आज तक इस विद्यालय भवन का स्थिति जस की तस बनी हुई है।
बच्चों का भविष्य अंधकारमय
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ओडगी का स्कूल की व्यवस्था लचर हो गयी है कई स्कूली भवन जर्जर हो चूका है और हर कमरे मे पानी भर जा रहा है कई छात्रों को बैठने तक का जगह नही बचा है वही रोज पानी गिरने पर कमरो के छतों का प्लास्टर भी गिर रहा है जिससे 350 छाञ - छाञाओ का भविष्य भी अंधकारमय होता जा रहा है ।
इस संबंध में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ओडगी के प्राचार्य प्रदीप सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कहाँ की हमने ऊपर जानकारी दे दि है अधिक वर्षा होने पर बच्चे खुद नही रूकते इस कारण छुट्टी कर देते है क्योंकि हर कमरे मे पानी चू रहा है वही रूम मे रहना खतरे से बाहर नही है।
इस संबंध मे विकास खंड शिक्षा अधिकारी जे. पी. साय से पूछा गया तो उन्होंने कहाँ की जिला पंचायत के द्वारा एक वर्ष पहले प्राक्कलन मांगा गया था जो भेजवा दिया गया अब हम क्या कर सकते है। यह जिला प्रशासन के हाथ मे है।
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