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: जांच कराने घंटों धुप में कर रहे अपनी बारी का इंतजार….सैम्पल देने आये कई बैरंग लौटे….प्रशासन की बेपरवाही से मरीज हलकान….

Admin

Mon, Apr 12, 2021

राजेश सोनी
सूरजपुर-कोरोना के दूसरे लहर में बड़ी तादाद में नए पॉजिटिव केस मिलने के साथ मरीजों की मौतें भी हो रही है मगर जिला प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग बेपरवाह बनी हुई है. कही कोरोना मरीजो को दवाई नही पहुच रही तो वही देखने सुनने वाला नही. जिले के कोविड अस्पताल का हाल बेहाल है.पूर्व में यहा के डाक्टरो के क्रियाकलापो के वजह से यह अस्पताल परिसर शराब खोरी के लिये बदनाम हुआ था. अब सुत्र बताते है कि इस अस्पताल मंे लगे आइसीयू जैसे प्राणदाई संसाधन का सही संचालन नही हो पा रहा है. जिससे गम्भीर मरीज मेडिकल कॉलेज अस्पताल अम्बिकापुर रेफर किये जा रहे हैं तो वही इसका लाभ निजी अस्पतालों को मिल रहा है तो वही कई जान गवां रहे हैं. नागरिकों का कहना है कि वार्ड की बदहाली से अवगत कराने के बाद भी प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है. यदि ऐसे ही हालात रहे तो लोग सैम्पल जांच कराने से भी कतराएंगे, जिसका खामियाजा अन्य लोगों को भी भोगना पड़ेगा।
रिपोर्ट मिलने में लग रहा 3-3 दिन
स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना मरीजों का जांच रिपोर्ट जारी करने में तीन से चार दिन का समय लिया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा आरटीपीसीआर का सैंपल लेने के बाद बहुत देर से मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर भेजा जाता है, जिसे रिपोर्ट मिलने में काफी देर होती है. टेस्ट कराने आये लोगो का कहना है कि रोज का सैंपल रोज आरटीपीसीआर लैब नहीं भेजा जाता है बल्कि दो-तीन दिन का सैंपल एक साथ भेजा जाता है, जिससे रिपोर्ट आने में लेटलतीफी हो रही है और मरीज सेम्पल देने के बाद खुलेआम घूम रहे हैं.
सैम्पल देने धूप में घण्टों इंतजार…
जिला चिकित्सालय सूरजपुर में लैब की समुचित व्यवस्था ना होने से अस्पताल के बाहर शौचालय के समीप कोरोना जांच किया जा रहा है. कोविड के मामलों जहाँ राज्य सरकार टेस्टिंग क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रही तो वहीं टेस्टिंग सेंटरो से लोगों को बिना टेस्ट किये ही वापस भेजा जा रहा है. ताजा मामला आज का है जहाँ जाँच के लिए पहुँचने वालों को किट खत्म होने और जाँच के लिए तय टारगेट 50 पूरा होने बाकी बात कहकर बिना सेम्पल लिए ही वापस भेज दिया जा रहा है. टेस्ट कराने पहुँचने वालों का आरोप है कि जिला अस्पताल में उनका सेम्पल नही लिया गया और जब इसका कारण उनसे पूछा गया तो किट खत्म होने के साथ रोजाना का तय टारगेट पूरा होने का हवाला दिया गया. तो वही दुसरी ओर टीका लगवाने पहुंचने वालों की संख्या होने से टीकाकरण कक्ष के बाहर उनका जमावड़ा लगा रहता है जिसमें ना तो सोशल डिस्टेंस का पालन हो रहा है और ना ही इसका पालन करवाने कोई मुस्तैद है।
टारगेट के हिसाब से करते है टेस्टिंग…
मुख्य जिला चिकित्साधिकारी ने बताया कि जिले से उनको 1310 सेम्पल जाँच के लिए लेना है जिसमे जिला अस्पताल को सिर्फ 50 लेना है जिसका रजिस्ट्रेशन आज पूरा हो चुका है और हमारे पास पर्याप्त जाँच किट उपलब्ध होने की बात कही।

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