: जिले के दुरस्थ क्षेत्रो की स्वास्थ सुविधा चरपाई पर…न घर में, न अस्पताल में, रास्ते में ही खाट में हुआ नवजात का जन्म…
Admin
Thu, Oct 7, 2021
राजेश सोनी
सूरजपुर. जिले के दुरस्थ क्षेत्रो में स्वास्थ्य सेवाएं चारपाई पर बीमार पड़ी है. दर्द से तड़पती एक पंडो जनजाति की गर्भवती महिला को खाट पर उठाए परिजन एंबुलेंस तक पहुंचाने तीन किलोमीटर पैदल चलने की जद्दोजहद को मजबूर हुए. डिलीवरी कक्ष में प्रसव पीड़ा की सुविधा मिलने की जगह गर्भवती व उसके परिजन इस दहशत में रहे कि कहीं अस्पताल पहुंचने से पहले कोई अनहोनी न हो जाए. सरकार संस्थागत प्रसव पर जोर देती है, ताकि सब सुरक्षित हो, इसी विश्वास पर अस्पताल के लिए निकली गर्भवती की जंचकी न तो घर में हुई, न अस्पताल में,बल्कि रास्ते में ही खाट में बच्चे का जन्म हो गया. मामला ओड़गी विकासखंड के ग्राम पंचायत भवंरखोह के सेमरखाड़ पारा का है जहां पर बसंती पंडो पति रामभरोस पंडो को करीबन देर शाम 6 बजे प्रसव दर्द शुरू हुआ. परिजनों ने महतारी एक्सप्रेस 102 में फोन किया गया लेकिन रास्ता खराब होने के कारण परिजन खाट में सुलाकर अंधेरी रात में लगभग तीन किलोमीटर के रास्ते में पैदल निकल पड़े. परन्तु आधे रास्ते में खाट में ही बच्चा का प्रसव हो गया, फिर परिजन खाट में ही जच्चा-बच्चा सहित वापस घर ले आए. परिजनों का कहना है कि मोहल्ले में सड़कों का हाल बेहाल है. ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार भवंरखोह गांव के सेमरखाड़ में लगभग 250 ग्रामीण है मोहल्ले से गांव तक लगभग 3 किलोमीटर का कच्चा सड़क पगडंडी रास्ते व गड्डे में तब्दील हो गया है तो वही बीच में छोटे छोटे नालों में पुल भी नहीं है.
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