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: जिले के सरकारी योजनाओ का हाल बेहाल...पंचायत प्रतिनिधि व कर्मचारी फलिता लगाने में लगे....

Admin

Wed, Aug 25, 2021

सुभाष गुप्ता

सूरजपुर. जिले के सरकारी योजनाओ का हाल बेहाल है जन उपयोगी योजनाओ को पंचायत प्रतिनिधि व कर्मचारी जमकर फलिता लगाने में लगे हुए है बात करे स्वच्छ भारत मिशन की तो यहाँ पर भी सरकारी राशि की बन्दर बांट हुई है जिसकी सीमा नही है. पिछले दिनों जहाँ कल्याणपुर का मामला सामने आने के बाद अब जिला मुख्यालय से लगे बसदेई गाव का सामने आया है गाव की पूर्व महिला सरपंच द्वारा करीब 55 लाख रुपए के गोलमाल का किये जाने का मामला जांच के बाद उजागर हुआ है. तत्कालीन सरपंच को नोटिस जारी किया गया है.बताया गया है कि स्वच्छ भारत मिशन मद से 532 नग एवं अन्य मद से 36 नंग कुल 568 नग शौचालय निर्माण कराया जाना पाया गया। स्वच्छ भारत मिशन मद से शौचालय निर्माण हेतु राशि रूपये 20,00,000/- प्राप्त हुआ था। कुल 568 नग शौचालय का प्रति शौचालय 12000/- के मान से रुपये 6818000/- होता है। किंतु स्वच्छ भारत मिशन एवं अन्य अन्य मद मिलाकर कुल व्यय राशि रूपये 7177442/- किया गया। निर्मित शौचालय से अधिक व्यय राशि रूपये 361442 है. इसी तरह स्वच्छ भारत मिशन मद से प्राप्त राशि रूपये 4611000/- है जो पूर्व में अन्य मद से व्यय राशि का समायोजन किया जाना चाहिये था. पूर्व में राशि का समायोजन न कर प्राप्त राशि के विरुद्ध 5437000 /- स्वच्छ भारत मिशन मद की राशि के अतिरिक्त पंचायत में उपलब्ध अन्य राशि को मिलाकर अनियमित भुगतान किया गया. इसी तरह पंचायत में कार्यरत कर्मचारी के नाम से भुगतान बताकर राशि रूपये 99000/- व्यय किया है जबकि कार्यरत कर्मचारी के बयान अनुसार भुगतान नहीं हुआ है. कुल मिलकर करीब 55 लाख रुपए का गड़बड़ झाला सामने आया है. जांच उपरांत जिला पंचायत ने तत्कालीन महिला सरपंच के नामजद नोटिस जारी कर 07 दिवस के भीतर जवाब देने को कहा गया है। समय सीमा में जबाव प्रस्तुत न करने एवं समाधानकारक नही पाये जाने की स्थिति में छ.ग. पंचायत राज अधिनियम की धारा 92 के तहत कार्यवाही की चेतवानी दी गई है।इसके पूर्व कल्याणपुर से भी इसी तरह का मामला सामने आया है।सवाल यह है कि उस समय के जिम्मेदार पंचायत अधिकारियो को भी जांच के दायरे में लाना चाहिए क्योंकि उनकी देखरेख में काम हो रहा था तो वे क्यो आंख मूंदे हुए थे…

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