लाइफ लाइन विवाद : साहब की दबंगी, सफाईकर्मियों पर बरसाए 'प्रशासनिक' थप्पड़
Rajesh Soni
Tue, Aug 18, 2026
सूरजपुर। विश्रामपुर रेलवे स्टेशन पर गरीबों के मुफ्त इलाज के लिए 'लाइफ लाइन एक्सप्रेस' क्या पहुंची, जिले के एक वरिष्ठ प्रशासनिक हुक्मरान ने अपनी हेकड़ी दिखा दी। विवादों से पुराना याराना रखने वाले अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा पर आरोप लगा है कि उन्होंने स्टेशन पर व्यवस्था दुरुस्त करने के नाम पर नगर पंचायत के अदने प्लेसमेंट कर्मचारियों पर सीधे हाथ साफ कर दिया।
निरीक्षण का नया फॉर्मूला: पहले गाली, फिर थप्पड़
सफाईकर्मियों का दर्द है कि वे स्टेशन की सड़क व्यवस्था को ठीक कर रहे थे उसी दौरान निरीक्षण पर पहुंचे साहब का पारा सातवें आसमान पर पहुंचा, मुंह से धमकियों की बौछार हुई और फिर हाथ भी चल पड़े। अब रोज कुआं खोदकर पानी पीने वाले दिहाड़ी कर्मचारियों ने तुरंत काम बंद किया, और सीधे थाने पहुंच गए।
साहब का दावा: 'हाथ नहीं चले, सिर्फ अल्फाज कड़े थे'
मामला गर्म होते ही जब कैमरे साहब की तरफ घूमे, तो तेवर अचानक शांत हो गए। अपर कलेक्टर महोदय का कहना है कि मारपीट की बात कोरी अफवाह है, उन्होंने तो बस 'कड़क आवाज में कड़े निर्देश' दिए थे। अब प्रशासनिक शब्दावली में 'कड़े निर्देश' का मतलब थप्पड़-मुक्का कब से हो गया, यह शोध का विषय है।
कर्मचारी न्याय की मांग को लेकर लामबंद हैं। एडिशनल एसपी ने नपे-तुले अंदाज में फरमाया—"शिकायत आई है, जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई होगी।"
अब देखना यह दिलचस्प होगा कि यह जांच साहब की भारी-भरकम कुर्सी और रसूख के वजन तले दब जाती है, या उन गरीब सफाईकर्मियों को इंसाफ मिलेगा, जिनके चेहरों पर 'प्रशासनिक सख्ती' के निशान छपे हैं।
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