: देश की आशाओं और आकांक्षाओं की पूर्ति करने वाला बजट- केंद्रीय राज्यमंत्री रेणुका सिंह......केंद्र सरकार का यह बजट छत्तीसगढ़ को छलने वाला बजट है-आर के ओझा जिला काग्रेस उपाध्यक्ष प्रवक्ता.....
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Mon, Feb 1, 2021
राजेश सोनी
सूरजपुर- देश का आम बजट पेश होने पर केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह ने इसे आम आदमी के विकास का बजट बताया है। मंत्री रेणुका सिंह ने बताया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आज विकास कि राह पर ले जाने वाला बजट पेश किया है. जिसमे सभी वर्गों के विकास की बात कही गई है इस बजट के बाद देश दुगुनी रफ्तार से विकास की राह पर चल पड़ा है बना बजट में 75 साल से अधिक उम्र वालों को अब आयकर रिटर्न भरने की आवश्यकता नहीं होगी। वहीं किसानों की आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। शहरी, ग्रामीण स्वच्छता के लिए सरकार ने बजट में प्रावधान किए हैं। स्वच्छ हवा के लिए भी सरकार ने अपना पिटारा खोला है। सरकार ने रेलवे के लिए राष्ट्रीय रेल योजना 2030 तैयार करने का प्रावधान किया है। जल्द ही वॉलेंट्री स्क्रैप पॉलिसी को लॉन्च किया जाएगा। बीमा क्षेत्र में 74 फीसदी तक एफडीआई को मंजूरी दी गई है। वहीं प्रवासी मजदूरों के लिए एक पोर्टल बनाया जाएगा। जिसमें उन जुड़ी जानकारी होगी। कई सरकारी कंपनियों के विनिवेश का भी एलान किया गया। लेह में केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाया जाएगा और अनुसूचित जाति के 4 करोड़ विद्यार्थियों को 35 हजार करोड़ रुपये दिए जाएंगे। बजट में इस साल राजकोषीय घाटा के 6.8 फीसदी तक रहने का अनुमान किया गया है। सरकार ने जहां सोने और चांदी से कस्टम ड्यूटी को घटाया है।

भाजपा जिलाध्यक्ष बाबूलाल अग्रवाल ने कहा कि केन्द्रीय बजट में आम आदमी के हितों का ख्याल रखा गया है वैश्विक महामारी कोरोना के वेक्सीन के लिए बजट प्रावधान किए जाने से अब आम लोगों आसानी से वैक्सीन उपलब्ध हो सकेगा. बजट में कोई नया कर न जोड़कर आम लोगों को राहत दी गई है.आत्मनिर्भर भारत, स्वच्छ भारत अभियान के लिए बजट में पर्याप्त राशि का प्रावधान होने से रोजगार व सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी.कृषि के क्षेत्र में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए उत्पादन लागत से डेढ़ गुना एमएसपी की घोषणा की गई है।
भाजयुमो जिलाध्यक्ष व नगरपालिका उपाध्यक्ष रितेश गुप्ता ने कहा कि राष्ट्र की समयानुरूप आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए देशवासियों की जरूरतों व सुविधाओं की भी संतुलन बनाए रखते हुए देश को आर्थिक विकास की दिशा में ले जाने का संकल्प केंद्र सरकार के सुलझे आर्थिक दृष्टिकोण का परिचायक है रेल परियोजना से यात्रा की बात हो। स्वास्थ्य के लिए सरकार द्वारा 94 हजार करोड़ से बढ़ाकर 2.38 लाख करोड़ स्वास्थ्य के लिए बजट में प्रावधान करने का विषय होना राहत की बात है।

केंद्र सरकार का यह बजट छत्तीसगढ़ को छलने वाला बजट है…
बजट को लेकर जिला काग्रेस उपाध्यक्ष प्रवक्ता आर के ओझा ने बताया कि पेट्रोल पर 2.50 रुपये और डीजल पर 4 रुपये का सेस लगाकर मंहगाई दरों को और ऊंचे स्तर पर ले जाने की पूरी कोशिश है यह केवल चुनावी राज्यों को विशेष पैकेज की घोषणा से केंद्र सरकार की सिर्फ चुनाव में लाभ लेने की मंशा जाहिर हुई है। किसानों को 2022 तक दोगुनी आय का झूठा वादा करने वाली सरकार की ड़ेढ गुना एम एस पी की बात हमेशा की तरह एक छलावा मात्र है। जबकि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ में धान का उचित मूल्य देने की राह खुद रोड़े अटकाती आ रही है। सरकार यह बताये की अभी डेढ़ गुना तो 2022 में दोगुना कैसे करेगी। रेल्वे, एयरपोर्ट और गेल जैसे देश के सार्वजनिक उपक्रमों को पिछले दरवाजे से प्रायवेट सेक्टर को बेचने की साजिश का खुला प्रावधान इस बजट में दिखाई दे रहा है। वित्तमंत्री ने कोरोना महामारी का जिक्र किया, ज्यादा खर्चों की मार आम आदमी पर पड़ा उसका भी जिक्र किया लेकिन कोरोना की मार से पीड़ित आम आदमी और व्यापार में कर राहत की कोई बात नहीं कही। व्यापारियों के लिए जटिल हो चुके जीएसटी के सरलीकरण की किसी प्रक्रिया का कोई उल्लेख नहीं किया। बुजुर्गों को आयकर से छूट की बात का प्रचार तो ऐसा किये की पूरा देश झूमे लेकिन उसमें भी अड़ंगा लगाते हुए केवल पेंशन और ब्याज की आय की शर्त लगा दी गई है। श्री ओझा ने बताया कि आंकड़ेबाजी से जनता को भरमाने की पूरी कोशिश दिखाई दे रही है। कोरोना महामारी के लिए कहने को 35000 करोड़ जबकि औसत 259.25 रुपये प्रति व्यक्ति का प्रावधान सरकार की कोरोना के प्रति गम्भीरता को दर्शाता है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रेलवे और रक्षा बजट अनुपातिक रूप से 2013-14 के स्तर से भी काफी कम है। कुलमिलाकर यह केवल आम जनता को छलने वाला बजट है।
अश्विनी सिंह अध्यक्ष-ब्लाक कांग्रेस कमेटी ने बजट 2021 को लेकर बताया कि केन्द्र के बजट में ग्रामीण क्षेत्रो के विकास के लिए कोई भी योजनाओं को शामिल नही किया गया है ग्रामीण अंचल में रहने वाले लोग आज भी विकसित नही हो पाए है और केन्द्र सरकार के बजट से ग्रामीणों को बहुत उम्मीदें थी लेकिन इस बजट में ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए कोई भी योजनाओं को शामिल नही किया गया है केवल बड़े-बड़े उद्योगपतियो के लिए यह बजट लाया गया है.शहरों में आज भी मुख्य स्थानों पर पानी,बिजली,सड़क जैसी मूल-भूत योजनाओं को शामिल नही किया गया है।
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