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: धारा बढ़ाने के एवज में रिश्वत लेते सहायक उप निरीक्षक गिरफ्तार…

Admin

Wed, Jun 26, 2024

सूरजपुर. सूरजपुर जिले के पुलिस थाना,चौकियां बनिया की दुकान में तब्दील हो गई है अवैध धंधा पर लगाम लगाने के जगह खाखीधारी खुद इस कारोबार में लिप्त है और काफी शोहरत बिखेर रहे है। आज रामानुजनगर थाने में पदस्थ asi माधव सिंह व उसके सहयोगी को एन्टी करप्शन की टीम ने गिरफ्तार किया है। बताया गया कि प्रार्थी शिवमंगल सिंह, निवासी ग्राम सूरता, थाना रामानुजनगर जिला सूरजपुर ने एन्टी करप्शन ब्यूरो अंबिकापुर के कार्यालय में शिकायत की थी, कि ग्राम सूरता में उसके भाई को टंगिया से सिर पर मारने एवं गंभीर चोट आने की घटना पर थाना रामानुजनगर में धारा 294, 506, 323, 34 भादवि के तहत अपराध दर्ज किया गया था। अपराध की विवेचना सहायक उप निरीक्षक माधव सिंह द्वारा किया जा रहा है। उपरोक्त अपराध में धारा 307 जोड़ने, आरोपियों को गिरफ्तार करने एवं चालान करने के लिये जाँचकर्ता अधिकारी सहायक उप निरीक्षक माधव सिंह द्वारा 30,000 रूपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी।  शिकायत की सत्यापन पर सही पाये जाने से ट्रेप आयोजित कर आज आरोपी सहायक उप निरीक्षक माधव सिंह, थाना रामानुजनगर, जिला सूरजपुर एवं उसके सहयोगी मोहमुद्दीन जिसके माध्यम से 10,000 रूपये रिश्वत की राशि पुलिस थाने में ली गई और दोनों को रंगे हाथों पकड़ा गया। दोनों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध धारा 7 पीसीएक्ट 1988 के तहत कार्यवाही की है।

चक्कर काटते रहा...

प्रार्थी शिवमंगल सिंह ने बताया कि उसके भाई को बहुत गंभीर चोट सिर में आई थी रायपुर में इलाज चला किसी तरह उसकी जान बची इसके उलट पुलिस इस मामले के आरोपी को संरक्षण दे रखा था। इसके लिए वह पुलिस अधीक्षक कार्यालय जाकर भी शिकायत किया था लेकिन कार्यवाही नगण्य रहा।

 ये दाग अच्छे है...

जिले की पुलिस विभाग की बात करे यहाँ रिश्वतखोरी आम है, यह दस्तूर निभाये कुछ नही होता। कानून के रक्षक वर्दी के नशे में चूर आम फरियादी पीड़ित को लूटने में कोई कसर नही छोड़ती। कानून का पाठ पढ़ाने वाले किस तरह कानून को तोड़ रहे है किसी से छिपा नही है। खुद न्यायकर्ता,खुद को भगवान समझने वाले न जाने कितनों की जान ले चुके है। अपराधियों अपराध पर अंकुश लगाने के साथ साथ खुद के विभाग के अपराधो पर अंकुश लगाने की जरुरत है..? 

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