: नदी में नहाने गये 4 बच्चो मे से दो बालिकाओ की डुबने से हुई मौत....गाव के ही किशोर ने डुबते हुये देखने पर दो बच्चो को बचाया....खुशी का माहौल मातम मे बदला....तीन घंटे रेस्क्यू कर नदी से शव निकाला गया....
Admin
Mon, Jun 7, 2021
राजेश सोनी
सूरजपुर. नगर सीमा से लगे नमदगिरी गांव में विवाह समारोह में आये चार बालिकाये नदी मे नहाने गई थी जिसमे से दो की डुबने से मौत हो गई. तीन घंटे के रेस्क्यू कर नदी से शव को निकाला गया तो वही जिला प्रशासन ने मृतक के परिजनो को तत्काल 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि दिया गया. प्राप्त जानकारी के अनुसार नमदगिरी मे विजय राजवाडे के घर वैवाहिक कार्यक्रम में चारो बालिकाये आई हुई थी. आज सुबह गांव के दो महिलाओ के साथ वे रेणुका नदी के चकदीहा घाट पर नहाने गये थे दो महिला नहाकर जा ही रहे थे उसी समय चारो लडकिया नदी मे डुबने लगी तो वही घाट के पास जानवर चराने गये हुये गांव के ही विवेक केवट ने नदी मे उन्हे डुबता देख नदी मे छलांग लगा दी जिसमे से दो लडकियों वह किसी तरह बचा पाया. शोर गुल होने पर गांव के लोग वहा एकत्र हो गये जिसकी सुचना पर जिला प्रशासन सहित पुलिस के साथ एसडीआरएफ की 12 सदस्यीय टीम पहुची. जो नदी मे शव की तलाश मे ंलगी रही. तीन घंटे के अथक प्रयास करने पर दोनो शव को नदी से बाहर निकाला गया. मौके पर डाक्टरो की टीम ने दोनो किशोरियों का शव परिक्षण किया गया लेकिन तब तक देर हो चुकी थी. मृतको में पचिरा निवासी कविता राजवाडे 12 वर्ष जो अपने मामा की शादी में आई हुई थी. तो वही उचडीह निवासी सीता राजवाडे 17 वर्ष वधु की रिश्ते में बहन है वह उसके साथ नमदगिरी आई थी लेकिन उसे पता नही था उसकी मौत उसे यहा तक खिच लाई है.

विवेक के अदम्य साहस ने दो बालिकाओ को डुबने से बचाया
नमदगिरी गांव के ही 15 वर्षीय विवेक केवट पिता फलेश्वर केवट आज सुबह अपने घर के जानवरो को लेकर नदी किनारे गया हुआ था जहा अचानक उसकी नजर चकदीहा घाट पर कुछ बालिकाओ के डुबने व बचाने की आवाज पर वह नदी के किनारे गया तो उसने तत्काल बिना किसी देरी के नदी मे छलाग लगा दी और मृतक कविता राजवाडे की बडी बहन प्रियंका राजवाडे पिता गंगाराम 16 वर्ष निवासी पचिरा सहित पसला निवासी भूप नारायण राजवाडे की 15 वर्षीय पुत्री अमृता राजवाडे को डुबने से बचाते हुये नदी के किनारे ले आया. उसके अदम्य साहस को आज ग्राम वासियो व बालिकाओ के परिजनो ने विवेक की सराहना करते हुये उसके प्रति कृतज्ञता प्रकट की. आज पुरे गांव सहित क्षेत्र मे विवेक की चहुओर प्रशंसा हो रही है. उसके माता गीता देवी पिता फुलेश्वर भी विवेक के इस सराहनीय कार्य से फुले नही समा रहे है. विवेक गांव के ही स्कुल से आठवीं तक शिक्षा ग्रहण कर अपने मां पिता के साथ कृषि सहित घरेलु कार्य में हाथ बटाता है.

शादी का जश्न मातम मे बदला
नमदगिरी गाव के विजय राजवाडे के घर आज सोमवार सुबह तक जश्न का माहौल था उसके घर दुल्हन को विदा कर चैथी रस्म के लिये मेहमान आने वाले थे इससे पूर्व इस घटना ने सारी खुशियों को मातम मे बदल दिया. मृतक दोनो बालिकाये और इस घटना मे खुशनसीब रही दो और बालिकाये ये चारो वर वधु पक्ष की रिश्तेदार थी.
चार लाख की दी गई सहायता राशि
घटना की जानकारी लगने पर मौक पर पुलिस अधिकारी व एसडीएम पुष्पेन्द्र शर्मा, तहसीलदार नंदजी पाण्डे सहित प्रशासनिक अमला पहुचा था. मृत हुये दोनो बालिकाओ के परिजनो को तत्कालिक सहायता के रुप मे चार चार लाख रुपये के चेक प्रदान किये गये.
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