: नही सुधर रहा है कोविड अस्पताल की व्यव्स्थाये....प्रति दिन हो रही है मौते....
Admin
Tue, May 11, 2021
मृतक के परिजनो ने समुचित इलाज नही मिलने का लगाये आरोप 0 घंटो इंतजार करना पडता है परिजनो को शव वाहन के लिये 0 एक ही शव वाहन से पहुचाये जा रहे शव.....
राजेश सोनी
सूरजपुर. यहां जिला मुख्यालय स्थित कोविड अस्पताल में दाखिल संक्रमितों के सांसों की डोर टूटने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. दूसरी ओर मृतकों के परिजनो द्वारा वहां मौजूद चिकित्सको पर उपचार में लापरवाही का लगातार आरोप भी लगाया जा रहा है. यह आरोप प्रत्यारोप कोविड अस्पताल के लिए अब आम बात हो चली है. इससे यहां के प्रबंधन की सेहद पर कोई फर्क नहीं पड़ता है. बताया गया है कि बीती रात लटोरी के एक संक्रमित युवक की मौत हो गई साथ मौजूद उनकी पत्नी ने डियूटी पर तैनात चिकित्सको पर समय रहते समुचित इलाज नही करने का आरोप लगाया है. सुर्खियों में रहने वाले यहां के कोविड अस्पताल की उपचार व्ययवस्था में सुधार नही होने से आये दिन आरोप लगते आ रहा है. 4 मई को यहां के कोविड अस्पताल में कोरोना संक्रमित दम्पती उपचार हेतु दाखिल किए गए थे. मृतक की पत्नी के अनुसार बीते रात उसके पति की स्थिति गंभीर होने पर उसने उपचार के लिए डाक्टरो सहित डियूटी पर तैनात संबिधित लोगो से फरीयाद की परन्तु मौके पर चिकित्सक की मौजूदगी नहीं होने और समय रहते उपचार के आभाव में उनके पति की जान चली गई. मृतक की पत्नी ने बताया कि रात में इस अस्पताल में कोई डाक्टर नही आता ना स्वास्थ बिगडने पर किसी तरह मदद मिलती. देखने वाला कोई नही रहता. आज सुबह जब उनके पति की मौत होने पर डाक्टर देखने आये थे. पति की मौत के बाद परेशान महिला शव वाहन के लिए भी घंटो तक इंतजार करती रही.
एक अनार सौ बीमार
यहां के जिला अस्पताल में एक मात्र शव वाहन होने पर कुछ दिनो पुर्व रेड क्रास सोसायटी द्वारा दो और शव वाहन की व्यवस्था की गई है। परन्तु उक्त शव वाहन किसी काम का नही है। जिसकी वजह उसमे पार्टीशन नही होना बताया गया है। बरहाल एक मात्र वाहन होने से मृतको के परिजनो को काफी परेशानी का सामना करना पड रहा है और शव ले जाने के लिए कई घंटे का इंतजार करना पडता है। जबकि रोजाना कोविड अस्पताल से करीब 5 से 6 शव निकल रहे है।
गंदगी का अंबार
कोविड अस्पताल की व्यव्स्था का हाल बेहाल है यहा गंदगी का अंबार लगा हुआ है इंसान उपचार के लिये यहा आता जरुर है लेकिन यहा पर मौजुद गंदगी से मरीज का हा हाल बेहाल हो जाते है बाथरूम का हालत यह है कि इंसान तो क्या जानवर भी जाने से कतरा जाए ऐसे में तो आदमी यहां बेमौत मारा जाएगा. कुछ दिनो अखबारों में यहा की व्यव्स्था छपने पर प्रबंधक ने एक बार साफ सफाई कराया गया इसके बाद से फिर कोविड अस्पताल कचडे में तब्दील हो गया है.
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