: पिता रो रोकर बताते रहा....बेटी की तबियत है खराब....ऐसे में नही बचेगी वह....आखिरकार काल के गाल में समा गई....!
Admin
Thu, Apr 15, 2021
राजेश सोनी
सूरजपुर -जिले के कोविड अस्पताल के अजब गजब की व्यव्स्थाओ की कीमत जान देकर चुकाये जा रहे है जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण देखने को मिला. कल बुधवार को एक पिता अपने 35 वर्षीय पुत्री को कोविड अस्पताल लाया गया जहा पर रात मे उसकी मौत हो गई. पुरा मामला इस तरह है प्रतापपुर के बगल के गांव में रहने वाली महिला को पेट सर दर्द होने पर उसे मंगलवार को प्रतापपुर अस्पताल ले जाया गया जहा पर कोरोना टेस्ट करने पर संक्रमित पाये जाने पर उसे बुधवार को जिला मुख्यालय के कोविड अस्पताल लाया गया जहा पर फिर के कोविड टेस्ट के दौरान पिता को बताया गया की उसकी पुत्री को कोरोना संक्रमित नही है लेकिन फिर भी उसकी पुत्री को कोविड अस्पताल ले जाया गया और वहा पर उसकी तबियत लगातार खराब रहने पर वह रो रोकर मदद के लिये अस्पताल परिसर मे गुहार लगाता रहा. उसे मालुम था कि कोविड अस्पताल में मेरी बेटी ठीक नही है उसकी मौत हो सकती है इसलिये वह अपनी बेटी को अपने साथ अपने गाव अनरोखा ले जाने की हर किसी से फरियाद करते रहा इस दौरान रात को नौ बजे उसकी बेटी की मौत हो गई. मृतक के 8 व् 5 साल की दो पुत्री है. मृतक के पिता ने अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाते हुये बताया कि उसकी पुत्री तीन दिनों से खाना नही खा रही थी जिससे उसे कमजोरी के साथ चक्कर आ रहा था. उसकी तबियत कोविड अस्पताल में ज्यादा खराब हो गई थी जिससे ईलाज के अभाव में मौत हो गई. आज बेहद गमगीन माहौल मे कोविड गाईड लाईन के तहत मृतक का अंतिम संस्कार किया गया
15 दिनो में 8 मौते
जिले में एक अप्रैल से लेकर अब तक आठ लोगो की मौत हो गई है अब तक कोरोना से होने वाली मौतो का आकडा 66 हो चुका है तो वही आज दुसरे दौर मे कोरोना संक्रमितो का रफ्तार तेजी बढता हुआ 1909 हो गये है आज पाये जाने वाले कोरोना संक्रमित का बेहताशा वृृद्धि होते 375 मरीज पाये गये है।
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