: पुलिस ने स्पीफ्ट कार चोरी का आरोपी 24 घंटे के भीतर किया गिरफ्तार... लेकिन उसके खुद के विभाग के आरक्षक के स्कार्पियो वाहन की चोरी हुए एक साल बीत जाने के बाद भी चोरी किये वाहन को नहीं कर पाई बरामद....
Admin
Mon, Feb 10, 2020
राजेश सोनी
सूरजपुर-बसदेई पुलिस ने स्वीफट कार चोरी का आरोपी 24 घंटे के भीतर किया गिरफ्तार किया है पुलिस टीम की तत्परतापूर्वक की गई इस कार्यवाही पर पुलिस अधीक्षक ने पुलिस टीम को नगद ईनाम देने की घोषणा की है। तो वही पुलिस के खुद के विभाग के आरक्षण राजेश पटेल के घर के सामने से 9 जनवरी 2019 से खड़ी स्कार्पियों वाहन चोरी के मामले मे एक साल गुजर जाने के बाद भी हवा मे तीर मारते रही अभी तक आरक्षक के वाहन की बरामदी नही कर सकी है। पूरा मामला यह है की मुकेश यादव डबरीपारा, चैकी बसेदई की स्वीफ्ट कार क्रमांक सीजी 15 डीए 9800 को घर के सामने से चोरी करने की रिपोर्ट पर चौकी बसदेई मे अपराध पंजीबद्ध कर आस पास के लोगों से पूछताछ की गई जिससे पता चलाने पर संदेही श्रवण कुमार यादव उर्फ भोलू उर्फ सिद्वार्थ यादव को चोरी की घटना को अंजाम पाये जाने पर ग्राम कसकेला थाना भटगांव में दबिश दिया गया। चोरी गई स्वीफट कार को कहीं अन्यत्र राज्य में ले जाकर खपा देने की शंका पर पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुये अंतरराज्यीय बार्डर पर के थानों से सम्पर्क कर नाकाबंदी की गई उक्त चोरी गई स्वीफट कार के साथ घाट पण्डारी के पास देखने पर पुलिस के द्वारा रोकने का प्रयास किया गया, आखिरकार पुलिस ने चोरी की वाहन को पकडकर कडी पूछताछ करने पर आरोपी श्रवण कुमार यादव उर्फ भोलू उर्फ सिद्वार्थ यादव बताया गया कि वह स्व. नरेन्द्र यादव के स्वीफट कार को दिनांक 07.02.2020 की रात्रि में मुकेश यादव के घर सामने से चोरी कर लिया था बरहाल आरोपी को गिरफतार कर न्यायालय पेश कर जेल भेज दिया गया। बसदेई पुलिस टीम की तत्परतापूर्वक की गई इस कार्यवाही पर पुलिस अधीक्षक ने पुलिस टीम को नगद ईनाम देने की घोषणा की है।
खुद के विभाग की चोरी की गई वाहन को एक साल बाद भी नही बरामद कर सकी.....
तो वही जिले की पुलिस के खुद के विभाग के आरक्षण राजेश पटेल के घर के सामने से 9 जनवरी 2019 से खड़ी स्कार्पियों वाहन चोरी के मामले मे हवा मे ंतीर चलाती रही और मालामाल होती रही। बकायदा पुलिस की टीम गठित कर आरोपियों तक पहुंचा गया, जिसमें प्रार्थी आरक्षक भी शामिल था। टीम ने झारखंड में कुछ आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद कुछ को छोड़ दिया था साथ ही आरक्षक राजेश को जांच से हटाकर ओड़गी थाना में ट्रांसफर कर दिया गया। इसके बाद आरक्षक लिखित आरोप लगाया था कि वाहन चोरी के आरोपी झारखण्ड और बिहार के राजनीतिक रसूखबदार लोग होने और शराब माफियाओं से जुड़े हैं। साथ ही रांची का रहने वाले रणजीत सिंह और विशाल गुप्ता को तीन दिन हिरासत में रखकर बिना कार्रवाई किए छोड़ दिया गया। उन्होंने अपने अधिकारियों पर रणजीत सिंह से तीन लाख, विशाल गुप्ता से तीन लाख, अशरफ अली से साढ़े सात लाख और शम्भू यादव से एक लाख तीस हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। आरक्षक राजेश पटेल के अनुसार उसकी स्कार्पियों बिहार पटना के जानीपुर इलाके में शराब माफिया राजा पासवान के पास है। बावजूद इसके पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। आज एक साल गुजर जाने के बाद भी पुलिस विभाग अपने खुद के विभाग के आरक्षक के चोरी किये गए वाहन को बरामद नहीं कर पाई है।
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