: प्रशासन की एक अपील से दुर्गोत्सव समिति ने बदली 32 साल की परम्परा
Admin
Tue, Oct 16, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- जहां एक ओर दुर्गोत्सव के दौरान आदर्श आचार सहिंता की वजह से देर रात होने वाले रात्रि जागरण व विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर प्रशासन और आयोजन समिति के मध्य टकराव की स्थिति बन रही है, वहीं दूसरी ओर नगर की प्रतिष्ठित एवं धार्मिक संस्था नव युवक श्री दुर्गा मण्डल ने आदर्श चुनाव आचार सहिंता का सम्मान करते हुए विगत 32 वर्षों से चली आर रही जगराता की परम्परा के समय में परिवर्तन कर नई मिशाल पेश की है।
गौरतलब है कि सेवाभावी धार्मिक संस्था नवयुवक श्री दुर्गा मण्डल के 32 वें वार्षिक महोत्सव के तहत 16 अक्टूबर को विभिन्न धार्मिक व सांस्कृति कार्यक्रमांं के साथ जगराता का कार्यक्रम निश्चित किया गया था, लेकिन जिला मुख्यालय समेत पूरे प्रदेश में लागू चुनाव आचार सहिंता के तहत रात को 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को प्रतिबंधित किये जाने के कारण नवयुवक श्री दुर्गा मण्डल के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने दुर्गा पण्डाल में आज सुब आपात बैठक बुलाई और आचार संहिता के नियमों की जानकारी देते हुए सभी ने यह निर्णय लिया कि वार्षिक उत्सव का आयोजन देर रात तक जारी रखने के बाजय रात्रि 10 बजे तक समापन किया जायेगा। मण्डल के व्यवस्थापक व संरक्षक मदन लाल गोयल, धर्मवीर अग्रवाल, ललित अग्रवाल, ईश्वरचंद गुप्ता, राजेन्द्र बंसल, विजय साहू, राजेष तायल समेत अन्य ने नगर निरीक्षक दीपक पासवान के आग्रह और निर्वाचन आयोग के दिषा निर्देष पर चर्चा करते हुए 32 वर्षों से जारी रात्रि जागरण की परम्परा में आंशिक संशोधन का प्रस्ताव सर्व सम्मति से पारित किया और रात्रि जागरण को भजन संध्या का नाम देकर आयोजन का समय 7 बजे से दूसरे दिन सुबह होने तक की बजाय दोपहर पश्चात 3 बजे से रात्रि 10 बजे तक करने के निर्णय को मुहर लगा दी। वार्षिक उत्सव के समस्त कार्यक्रमों को यथावत रखते हुए समय में परिवर्तन कर नवयुवक दुर्गा मण्डल ने जिला प्रषासन व आयोजन समिति के साथ- साथ माता भक्तों के मध्य संभावित टकराव की स्थिति को टालकर नई मिशाल पेश की है।
नवयुवक श्री दुर्गा मण्डल ने निर्वाचन आयोग की गाईड लाईन को सम्मान के साथ लागू करने हेतु जो निर्णय लिया वह संवैधानिक नियमों का सम्मान और अन्य आयोजन समितियों के लिए मिशाल है। आयोग के नियम और प्रशासन के कर्तव्यों के अनुपालन की दिशा में नवयुवक श्री दुर्गा मण्डल का यह कदम सराहनीय है। अन्य समितियों को भी इनका अनुशरण कर प्रशासन का सहयोग करना चाहिए।
दीपक पासवान, नगर निरीक्षक कोतवाली सूरजपुर
गौरतलब है कि सेवाभावी धार्मिक संस्था नवयुवक श्री दुर्गा मण्डल के 32 वें वार्षिक महोत्सव के तहत 16 अक्टूबर को विभिन्न धार्मिक व सांस्कृति कार्यक्रमांं के साथ जगराता का कार्यक्रम निश्चित किया गया था, लेकिन जिला मुख्यालय समेत पूरे प्रदेश में लागू चुनाव आचार सहिंता के तहत रात को 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को प्रतिबंधित किये जाने के कारण नवयुवक श्री दुर्गा मण्डल के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने दुर्गा पण्डाल में आज सुब आपात बैठक बुलाई और आचार संहिता के नियमों की जानकारी देते हुए सभी ने यह निर्णय लिया कि वार्षिक उत्सव का आयोजन देर रात तक जारी रखने के बाजय रात्रि 10 बजे तक समापन किया जायेगा। मण्डल के व्यवस्थापक व संरक्षक मदन लाल गोयल, धर्मवीर अग्रवाल, ललित अग्रवाल, ईश्वरचंद गुप्ता, राजेन्द्र बंसल, विजय साहू, राजेष तायल समेत अन्य ने नगर निरीक्षक दीपक पासवान के आग्रह और निर्वाचन आयोग के दिषा निर्देष पर चर्चा करते हुए 32 वर्षों से जारी रात्रि जागरण की परम्परा में आंशिक संशोधन का प्रस्ताव सर्व सम्मति से पारित किया और रात्रि जागरण को भजन संध्या का नाम देकर आयोजन का समय 7 बजे से दूसरे दिन सुबह होने तक की बजाय दोपहर पश्चात 3 बजे से रात्रि 10 बजे तक करने के निर्णय को मुहर लगा दी। वार्षिक उत्सव के समस्त कार्यक्रमों को यथावत रखते हुए समय में परिवर्तन कर नवयुवक दुर्गा मण्डल ने जिला प्रषासन व आयोजन समिति के साथ- साथ माता भक्तों के मध्य संभावित टकराव की स्थिति को टालकर नई मिशाल पेश की है।
नवयुवक श्री दुर्गा मण्डल ने निर्वाचन आयोग की गाईड लाईन को सम्मान के साथ लागू करने हेतु जो निर्णय लिया वह संवैधानिक नियमों का सम्मान और अन्य आयोजन समितियों के लिए मिशाल है। आयोग के नियम और प्रशासन के कर्तव्यों के अनुपालन की दिशा में नवयुवक श्री दुर्गा मण्डल का यह कदम सराहनीय है। अन्य समितियों को भी इनका अनुशरण कर प्रशासन का सहयोग करना चाहिए।
दीपक पासवान, नगर निरीक्षक कोतवाली सूरजपुरविज्ञापन
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