: प्रेमनगर की राजनीतिक हलचल- तो फिर कांग्रेस में खेलसाय का विकल्प कौन..? प्रवेश गोयल
Admin
Mon, Jul 30, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- प्रेमनगर अनारक्षित विधानसभा सीट पर कांग्रेस की टिकिट को लेकर लगाये जा रहे कयासों के मध्य एक बात तो बिल्कुल स्पष्ट दिख रही है कि कांग्रेस की टिकिट के मजबूत दावेदार अजजा वर्ग से ही है। जिसमें वर्तमान विधायक खेलसाय सिंह स्वाभाविक दावेदार है, जबकि पूर्व विधायक भानूप्रताप सिंह और जिला पंचायत अध्यक्ष ने भी सक्रियता बढ़ा कर स्वयं को खेलसाय सिंह के विकल्प के तौर पर पेश कर दिया है।
गौरतलब है कि प्रेमनगर विधानसभा सीट वर्ष 2008 में अनारक्षित हुई और यहां से कांग्रेस ने ओबीसी कार्ड खेला लेकिन चाउर वाले बाबा की लहर ने भाजपा को जीत दिलाकर ओबीसी कार्ड को फेल कर दिया, वहीं जब 2013 में विधानसभा चुनाव हुए तो भाजपा और कांग्रेस दोनों ने इस अनारक्षित सीट से आदिवासी उम्मीदवार उतारा और खेलसाय सिंह ने भाजपा प्रत्याशी रेणुका सिंह को करारी शिकस्त देकर उन्हें हाशिए में डाल दिया, दरअसल यह खेलसाय की जीत कम और रेणुका सिंह की हार ज्यादा थी। भाजपा संगठन की अनदेखी और रेणुका सिंह का मनमानीपूर्ण रवैया उन्हें महंगा पड़ा। इस परिणाम ने यह संदेश देने की कोशिश की, कि सामान्य वर्ग और कार्यकर्ताओं का अपमान और उनकी अनदेखी करना किसी भी दल के लिए ठीक नहीं होगा।
भानूप्रताप ने बढ़ाई खेलसाय की मुसीबत
प्रेमनगर की राजनीति में यदि कांग्रेस की बात करें तो कार्यकर्ताओं की नाराजगी के बावजूद विधायक खेलसाय सिंह ही मजबूत प्रत्याशी गिने जाते हैं, लेकिन इसी बीच जब पूर्व विधायक भानूप्रताप सिंह ने सक्रियता बढ़ाई तो कांग्रेस और पैलेस के पास एक और बेहतर विकल्प आ गया। भानूप्रताप सिंह वैसे तो पैलेस खेमे के ही है, लेकिन उनकी गिनती कांग्रेस जिलाध्यक्ष विन्ध्येश्वर शरण सिंहदेव के खेमे से की जाती है, पूर्व इंका नेता जिलाध्यक्ष यूएस सिंहदेव, तथा बसदेई भण्डार से ही इनकी राजनीति शुरू भी हुई है। भानुप्रताप का नाम सामने आने के बाद समर्थकों ने भी क्षेत्र में सक्रियता बढ़ा दी है। वैसे दबी जुबान से जिपं अध्यक्ष अशोक जगते का नाम भी लिया जा रहा है। जो कांग्रेस जिलाध्यक्ष के करीबी माने जाते है, लेकिन भानूप्रताप सिंह के मुकाबले उनकी दावेदारी कमजोर आंकी जा रही है।
परिवारवाद में उलझी कांग्रेस की राजनीति
प्रेमनगर की राजनीति में कांग्रेस पूरी तरह से परिवारवाद में उलझती नजर आ रही है, विधायक खेलसाय सिंह पर क्षेत्र और कार्यकर्ताओं के प्रति उदासीनता का आरोप लगता रहा है, इसके बावजूद कांग्रेस की टिकिट के वे धूरी बने हुए हैं। कार्यकर्ताओं के विरोध को देखते हुए कांग्रेस का एक खेमा खेलसाय सिंह की बजाये उनकी पुत्री और दामाद में से किसी एक पर दांव खेलने का मन भी बना रहा है। वहीं सामान्य वर्ग से स्वयं कांग्रेस जिलाध्यक्ष विन्ध्येश्वर शरण सिंहदेव भी टिकिट के दावेदार नजर आ रहे है, यदि ऐसा हुआ तो नेता प्रतिपक्ष और विधायक दोनों पर परिवारवाद का आरोप लगना तय है। राजनीतिक हलकों में कांग्रेस जिलाध्यक्ष की बैठकों में गैर मौजूदगी को उनकी नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है, यह चर्चा है कि विंकी बाबा टिकिट को लेकर नाराज हैं, इसीलिए वे किसी भी सम्मेलन व बैठकों में शामिल नहीं हो रहे है।
छजकां ने सामान्य और आप ने दिया ओबीसी प्रत्याशी
प्रेमनगर विधानसभा सीट के लिए छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस और आप पार्टी ने तो प्रत्याषियों की घोषणा रणभेरी बजने से पूर्व ही कर दी है, छजकां पार्टी ने ब्राम्हण समुदाय के प्रत्याषी पंकज तिवारी को उतारा है वहीं आप ने ओबीसी कार्ड खेलते हुए राजवाडे़ समुदाय की महिला देवंती राजवाडे़ को टिकिट दी है। अब सबकी नजरें भाजपा और कांग्रेस की टिकिट पर टिकी है। ये दोनों दल पिछले चुनाव की भांति इस बार भी आदिवासी कार्ड खेलेंगे या फिर सामान्य सीट से सामान्य वर्ग का उम्मीदवार देंगे, इस बात की जिज्ञासा सभी वर्ग समुदाय को है।
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