: बरसात होते ही बिहारपुर क्षेत्र में फिर शुरू हुआ मौत का सिलसिला
Admin
Tue, Jul 17, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- जिले के सीमावर्ती चादनी बिहारपुर क्षेत्र के ग्राम महुली में बरसात शुरू होते ही मौसमी बिमारी ने अपना घर बनाना शुरू कर दिया है। विगत वर्ष बरसात के दिनों में ही इस क्षेत्र के कई ग्राम मलेरिया और डायरिया की चपेट में आ गये थे और सिलसिलेवार ढंग से तीन दर्जन से भी अधिक लोगों की अकाल मौत हो गई थी, मंगलवार को महुली निवासी दो वर्षीय बालक की बुखार से मौत हो गई। इस मौत को लेकर ग्रामीणजन दहषत में है। वे आषंकित है कि कही पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी क्षेत्र में मौत का ताण्डव इस मासूम की मौत से शुरू तो नहीं हो गया।
इस संबंध में देवलोक प्रतिनिधि पप्पू जायसवाल ने बताया कि मंगलवार को महुली निवासी रामसेवक पनिका के दो वर्षीय पुत्र ऊतक पनिका को बुखार की षिकायत होने पर महुली उपस्वास्थ्य केन्द्र लाया गया था, लेकिन यहां उपस्वास्थ्य केन्द्र में ताला लटकने के कारण बच्चे को उपचार के लिए बिहारपुर ले जाया गया था। जहां से उसे रेफर करने के बाद परिजनों के द्वारा पड़ोसी राज्य के सीमावर्ती शहर बेढ़न ले जाया जा रहा था, जिसकी रास्ते में ही मौत हो गई।
स्वास्थ्य अमले को एलर्ट होने की जरूरत
मासूम बच्चे की मौत के बाद क्षेत्र के ग्रामीण पिछले वर्ष की भयावह तस्वीर को याद कर के परेषान हैं, पिछले वर्ष की तरह मौत का सिलसिला शुरू न हो जाये इसलिए उन्होंने कलेक्टर का ध्यान इस ओर आकर्षित कराते हुए क्षेत्र में स्वास्थ्य अमले को एलर्ट करने की मांग की है और ग्राम महुली के छः माह से बंद पड़े उपस्वास्थ्य केन्द्र का संचालन नियमित रूप से शुरू करने के साथ- साथ स्वास्थ्य षिविर लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण व उपचार शुरू करने की भी मांग की है।
इस संबंध में देवलोक प्रतिनिधि पप्पू जायसवाल ने बताया कि मंगलवार को महुली निवासी रामसेवक पनिका के दो वर्षीय पुत्र ऊतक पनिका को बुखार की षिकायत होने पर महुली उपस्वास्थ्य केन्द्र लाया गया था, लेकिन यहां उपस्वास्थ्य केन्द्र में ताला लटकने के कारण बच्चे को उपचार के लिए बिहारपुर ले जाया गया था। जहां से उसे रेफर करने के बाद परिजनों के द्वारा पड़ोसी राज्य के सीमावर्ती शहर बेढ़न ले जाया जा रहा था, जिसकी रास्ते में ही मौत हो गई।
स्वास्थ्य अमले को एलर्ट होने की जरूरत
मासूम बच्चे की मौत के बाद क्षेत्र के ग्रामीण पिछले वर्ष की भयावह तस्वीर को याद कर के परेषान हैं, पिछले वर्ष की तरह मौत का सिलसिला शुरू न हो जाये इसलिए उन्होंने कलेक्टर का ध्यान इस ओर आकर्षित कराते हुए क्षेत्र में स्वास्थ्य अमले को एलर्ट करने की मांग की है और ग्राम महुली के छः माह से बंद पड़े उपस्वास्थ्य केन्द्र का संचालन नियमित रूप से शुरू करने के साथ- साथ स्वास्थ्य षिविर लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण व उपचार शुरू करने की भी मांग की है।विज्ञापन
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