: भगवान श्रीराम के हमले से पहले ही रावण ने कर लिया अग्नि स्नान...सूरजपुर के अग्रसेन स्टेडियम ग्राउंड में रावण दहन से पहले ही धू धू कर जल गया रावण का पुतला..
Admin
Sat, Oct 20, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- अग्रसेन स्टेडियम ग्राउंड में आयोजित रावण दहन और दशहरा महोत्सव कार्यक्रम में इस बार गजब का नजारा देखने को मिला.... परंपरा के अनुसार राम रावण युद्ध के बाद रामचंद्र जी के वार से रावण का दहन होता था लेकिन इस बार रामचंद्र जी वार ही नहीं कर पाए और इधर रामजी के हमले से पहले ही रावण ने खुद अग्नि स्नान कर लिया, कुंभकरण और मेघनाथ का पुतला बाद में जलाया गया।
गौरतलब है कि शुक्रवार को नगर के अग्रसेन वार्ड स्थित स्टेडियम ग्राउंड में सूरजपुर सेवा समिति के तत्वाधान में रावण दहन एवं दशहरा महोत्सव का आयोजन प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी किया गया था, रावण दहन कार्यक्रम से पूर्व मंच पर अतिथियों और आयोजकों की भाषण बाजी चल रही थी और आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कार्यकर्ताओं संस्थाओं और समितियों को सम्मानित करने का दौर चल रहा था और जैसे ही यह दौर खत्म हुआ स्टेडियम ग्राउंड में आतिशबाजी शुरू हो गई आतिशबाजी की चिंगारी अचानक रावण के पुतले पर आकर गिरी और रावण का विशालकाय पुतला रामचंद्र जी के हमले से पहले ही धू धू कर जल गया जबकि परंपरा के अनुसार पहले मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले का दहन होना था और रामचंद्र जी की के तीरंदाजी के बाद ही रावण का दहन होता था लेकिन इस बार ऐसा लगा जैसे राम जी के हमले से घबराकर रावण ने अग्नि स्नान कर आत्महत्या कर लिया हो ।
आयोजन स्थल पर अचानक रावण के पुतले पर आग लग जाने को लेकर तरह-तरह की चर्चा होने लगी और बिना विलंब किए आयोजकों ने भी एक-एक कर रावण दहन होते ही कुंभकरण के पुतले में भी आग लगा दी । कार्यक्रम का निर्धारण 10:00 बजे तक किया गया था लेकिन 9:45 बजे ही संपूर्ण कार्यक्रम का समापन कर आभार व्यक्त कर दिया गया। इस आयोजन में सूरजपुर सेवा समिति के अध्यक्ष भीमसेन अग्रवाल, नगर पालिका अध्यक्ष थलेश्वर साहू, उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल, समिति के सचिव राम कृष्ण ओझा, कोषाध्यक्ष कैलाश चंद्र अग्रवाल के अलावा नगर के सभी दुर्गोत्सव समिति के अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित थे। मंच का संचालन भाजयुमो जिलाध्यक्ष रितेश गुप्ता और सचिव रामकृष्ण ओझा के द्वारा किया गया, वहीं नगर पालिका के उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल के द्वारा आभार व्यक्त किया गया।
गौरतलब है कि शुक्रवार को नगर के अग्रसेन वार्ड स्थित स्टेडियम ग्राउंड में सूरजपुर सेवा समिति के तत्वाधान में रावण दहन एवं दशहरा महोत्सव का आयोजन प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी किया गया था, रावण दहन कार्यक्रम से पूर्व मंच पर अतिथियों और आयोजकों की भाषण बाजी चल रही थी और आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कार्यकर्ताओं संस्थाओं और समितियों को सम्मानित करने का दौर चल रहा था और जैसे ही यह दौर खत्म हुआ स्टेडियम ग्राउंड में आतिशबाजी शुरू हो गई आतिशबाजी की चिंगारी अचानक रावण के पुतले पर आकर गिरी और रावण का विशालकाय पुतला रामचंद्र जी के हमले से पहले ही धू धू कर जल गया जबकि परंपरा के अनुसार पहले मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले का दहन होना था और रामचंद्र जी की के तीरंदाजी के बाद ही रावण का दहन होता था लेकिन इस बार ऐसा लगा जैसे राम जी के हमले से घबराकर रावण ने अग्नि स्नान कर आत्महत्या कर लिया हो ।
आयोजन स्थल पर अचानक रावण के पुतले पर आग लग जाने को लेकर तरह-तरह की चर्चा होने लगी और बिना विलंब किए आयोजकों ने भी एक-एक कर रावण दहन होते ही कुंभकरण के पुतले में भी आग लगा दी । कार्यक्रम का निर्धारण 10:00 बजे तक किया गया था लेकिन 9:45 बजे ही संपूर्ण कार्यक्रम का समापन कर आभार व्यक्त कर दिया गया। इस आयोजन में सूरजपुर सेवा समिति के अध्यक्ष भीमसेन अग्रवाल, नगर पालिका अध्यक्ष थलेश्वर साहू, उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल, समिति के सचिव राम कृष्ण ओझा, कोषाध्यक्ष कैलाश चंद्र अग्रवाल के अलावा नगर के सभी दुर्गोत्सव समिति के अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित थे। मंच का संचालन भाजयुमो जिलाध्यक्ष रितेश गुप्ता और सचिव रामकृष्ण ओझा के द्वारा किया गया, वहीं नगर पालिका के उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल के द्वारा आभार व्यक्त किया गया।
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