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: भीख मांग कर जीवन यापन कर रही है पूर्व जिला पंचायत की सदस्य....कभी किसी ने दे दिया तो ठीक नही तो भुखे पेट रहना पडता है...अपनो ने ठुकराया, नेताओ ने भुलाया...राशन कार्ड के लिये दो सालो से लगा रही चक्कर...

Admin

Wed, Jul 21, 2021

राजेश सोनी, पप्पु जायसवाल
सूरजपुर/बिहारपुर. कभी मध्यप्रदेश राज्य के सरगुजा जिला पंचायत सदस्य रही यशोदा भीख मांग कर अपना गुजारा कर रही है. गुमनामी के अंधेरे में जीने को मजबुर इस महिला का नाम है 70 वर्षीय यशोदा बाई है जो कभी मध्य प्रदेश राज्य के सरगुजा जिला पंचायत की सदस्य थी. आज उसे अपने लोगो ने ठुकरा ही दिया, दुसरों से क्या उम्मीद. जिस पार्टी के लिये समर्पित थी और जिला पंचायत की सदस्य थी साथ ही पार्टी के आला नेताओ के साथ अच्छी खासी जान पहचान थी आज उसके बुरे समय में भुला दिया. जबकि सरकार में उन्ही की पार्टी की सत्ता है. उसका हाल चाल पुछने वाले तक नही है उसके दल के नेताओ ने उसकी सुध लेना उचित नही समझा. नही तो आज उसकी भीख मांगने की स्थिति नही बनती. पेट की आग क्या होती है यह यशोदा बाई अच्छे से जानती है. तीन पुत्र एक बेटी है. बेटी शादी के बाद गुजरात के सुरत शहर चली गई तो वही तीनो पुत्रो की शादी के बाद अलग घर बना कर रहने लगे. कई सालो तक सरपंच रहे पति दखल सिह की मौत के बाद बच्चो ने मां से वास्ता नही रखा. जिससे वह एकांकी जीवन जी रही है कुछ मिल गया तो खाना बना लेती नही, कुछ कही से मिल गया तो खा लेते है नही भुखे सोना पडता है. आज उसका कोई सहारा नही है.

राशन कार्ड बनवाने के लिये भटक रही
बिहारपुर क्षेत्र के कोल्हुआ निवासी पुर्व जिला पंचायत की सदस्य रही यशोदा बाई को प्रधानमंत्री आवास का लाभ तक नही मिला है मिटटी के टुटे फुटे घर में रहती है. बरसात में जगह जगह पानी रिसने लगा है. यशोदा ने बताया पहले उसका राशन कार्ड बना था लेकिन जब राशन कार्ड का नवीनीकरण हुआ तो उसका नाम काट दिया गया. तभी से उसको शासकिय उचित मुल्य की दुकान से मिलने वाला राशन मिलना बंद हो गया. लगभग दो साल से ज्यादा हो गया है. तभी से वह राशन कार्ड बनवाने के लिये लाठी के सहारे सचिव का चक्कर लगा रही है. कोरोना महामारी में उसे कई दिनो तक भुखे पेट सोना पडा. आज वह भीख मांग कर गुजारा कर रही है.

जिले का यह गौरव है या दुर्भाग्य, जब ब्लाक सहित पंचायत स्तर के कर्मचारी गरीब विधवा असहाय वृद्ध महिलाओ को लाभ देना तो दुर कई सालो से चक्कर लगवाते रहते है. कई लोगो से तो बतौर रिश्वत पैसे भी लिये है लेकिन राशन कार्ड अभी तक नही बना. गरीब असहाय की मदद तो करना दुर वर्षो की दुरी बना लेते है. गांव के अशोक जायसवाल ने बताया कि जिस जगह पर बहुत ज्यादा समस्या है वहा तो कलेक्टर आते नही ना ही यहा पर उनका जन चौपाल लगता है जबकि इस क्षेत्र में समस्याओ का अंबार के साथ निर्माण कार्यो में भारी धाधली है..

लगभग 7-8 हजार लोग राशन कार्ड से है वंचित
बिहारपुर चांदनी क्षेत्र के कोल्हुआ,महुली,अन्तिकापुर,चोगा,करोटी,खैरा,पेंडारी,थाडपाथर,विशालपुर,कांतिपुर,नवगई सहित दो दर्जन से अधिक गाव के लगभग 7 से 8 हजार लोग राशन कार्ड बनवाने के लिये परेशान है कई ऐसे लोग भी है जो सचिव को चढावा भी दिये है फिर भी अभी तक उनका राशन कार्ड नही बन सका.

जब अपनो ने दुर कर दिया तो कैसी शिकायत. यशोदा आज एक एक पैसे की मोहताज है हालात यह है कि भीख मांग कर गुजारा करना पड रहा है. उनकी पार्टी के नेताओ ने कभी उसकी स्थिति जानने की कोशिश नही की. विधायक सहित नेताओ का दौरा होता रहा लेकिन किसी ने यशोदा बाई की हाल चाल पुछना जरुरी नही समझा. जबकि जिला पंचायत सदस्य रहते कई बडे काग्रेस के नेताओ से उनकी अच्छी जान पहचान रही. भैयाथान ब्लाक काग्रेस अध्यक्ष वरिष्ठ काग्रेसी नेता रावेन्द्र सिह बाबा ने बताया कि सरगुजा जिला पंचायत में बिहारपुर चांदनी क्षेत्र से काग्रेस समर्थित चुनाव में निर्वाचित हुई थी. उनके पति स्व0 दखल सिह और वे काग्रेस के जुझारु कार्यकर्ता थे. दखल सिह कई बार सरपंच भी थे.

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