: मृतक का दोस्त ही निकला कातिल..प्रेम संबध बना वजह...दोनों दोस्त का एक ही युवती से था प्रेम संबंध...
Admin
Tue, May 21, 2019
राजेश सोनी
सूरजपुर-सूरजपुर जिले के रामानुजनगर थाना पुलिस ने अन्धे कत्ल की गुत्थी का खुलासा किया जिसमें मृतक का दोस्त ही निकला कातिल..हत्या की वजह बनी प्रेम संबंध...पिछले दिनों रामानुजनगर थाना के दवना गाव में कुंआ के अन्दर एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था| पुलिस के द्वारा अग्रिम विवेचना कर अज्ञात शव के शिनाख्त नहीं होने से शोसल मिडिया के माध्यम प्रसारित किया गया इसके बावजूद मृतक के शिनाख्त नही होने से शव का अंतिम संस्कार कराया गया|इसी बीच पुलिस की विवेचना में मृतक की शिनाख्त पोड़ी निवासी सूरजचंद के रूप में होने पर शव उत्खनन कर शव को उसके पिता के सुपुर्द किया गया|पुलिस की जाच विवेचना में हत्या की वजह प्रेम संबध रहा|अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरिश राठौर ने पुरे घटनाक्रम को बताया की मृतक सूरजचंद यादव व उसका दोस्त बलिन्दर सिंह का एक युवती से प्रेम संबंध था युवती अलग अलग समय पर दोनों दोस्त से बात करती रहती थी|इसी बीच दोनों दोस्त शादी में गए हुए थे और वही से दोनों दोस्त मोबाईल से युवती से बात किये इसी से नाराज आरोपी बलिन्दर सिंह ने अपने ही दोस्त सूरजचंद से मारपीट कर पास के ही कुए में डाल दिया| पुलिस के पूछताछ में आरोपी ने जुर्म स्वीकार करते बताया कि पिछले दिनों उसके रिस्तेदार के घर में शादी था,वह अपने साथी सूरजचंद के साथ मोटर सायकल में बारात गया था साथ में डान्स करने के बाद दोनों वहां से कुछ दुर गये फिर बलिन्दर ने सूरजचंद से उसका मोबाईल मांगा और अपनी प्रमिका से बात करने लगा और सूरजचंद भी आरोपी के प्रेमिका से हंस-हस कर बात करने लगा जो बलिन्दर को अच्छा नही लगा और दोनों में झुमा झटकी के पश्चात् आरोपी बलिन्दर मृतक सूरजचंद को बगल में जो कुआं था उसी में जोर से ढकेल कर गिरा दिया जिससे सूरजचंद कुआ की मौत हो गई|बरहाल पुलिस ने घटना स्थल निरीक्षण कर परिस्थिति जन्य साक्ष्य के आधार पर धारा 302 पंजीबद्ध कर आरोपी बलिन्दर सिंह को गिरफ्तार कर न्यायालय सूरजपुर पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस की विवेचना में पुलिस अनुविभागीय अधिकारी प्रेमनगर चंचल तिवारी के मार्गदर्शन में प्रकरण का खुलासा किया गया पुलिस की इस कार्यवाही में थाना प्रभारी रामानुजनगर विकेश तिवारी, एसआई बी.डी. यादव, प्रधान आरक्षक लखेश साहू, देवनारायण यादव, रविन्द्र भारती आरक्षक अकरम मोहम्मद, अमलेश्वर कुमार, देवान सिंह एवं गणेश सिंह सक्रीय रहे।
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