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: यूनिसेफ ने नीति निर्माताओं से COVID-19 के दौरान बच्चों के हितों को प्राथमिकता देने के लिए अनुरोध किया... COVID-19 के प्रभाव से बच्चों की सुरक्षा के लिए साथ आये यूनिसेफ और प्रदेश के विधायकगण....

Admin

Fri, Jul 10, 2020

सूरजपुर- COVID-19 की प्रतिक्रिया में बच्चों को प्राथमिकता देने के अपने प्रयासों के तहत, यूनिसेफ ने छत्तीसगढ़ के विधानसभा क्षेत्रों के सदस्यों के साथ एक ऑनलाइन चर्चा का आयोजन किया किया।  बच्चों की सुरक्षा और महामारी के दौरान उनकी आवश्यकताओं को प्राथमिकता बनाने हेतु नीति निर्माताओं से समर्थन प्राप्त करने के उद्देश्य से यह सत्र आयोजित किया गया। सत्र का आयोजन मीडिया कलेक्टिव  चाइल्ड राइट्स के सहयोग से आयोजित किया गया।
सत्र को सम्बोधित करते हुए यूनिसेफ छत्तीसगढ़ कार्यालय के प्रमुख जॉब ज़करिया ने कहा कि “COVID19 महामारी ने बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे पैदा किये है।  COVID-19 पर जागरूकता फैलाने और इसके इलाज के लिए प्रदेश में पर्याप्त स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु सरकार ने कई कदम उठाए हैं। लेकिन इन प्रयासों के अतिरिक्त, बच्चों की आवश्यकताओं और उनसे जुड़े मुद्दों को भी COVID-19 की प्रतिक्रिया और पुनर्वास रणनीति में शामिल करने की ज़रूरत है। ” महिलाओं और बच्चों को महामारी  प्रभावों से सुरक्षा हेतु समर्थन के लिए उन्होंने विधायकों के नेतृत्व में समुदाय की भागीदारी का आह्वान किया। सत्र के दौरान, महामारी के प्रभाव से बच्चों  को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से यूनिसेफ द्वारा पांच प्राथमिकताओं  के प्रति विधायकों का ध्यान आकर्षित किया गया, जिनमे बाल शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा, स्वच्छ जल और स्वच्छ वातावरण के साथ ही प्रवासी कामगारों के बच्चों का संरक्षण शामिल है। गुणरदेही के विधायक कुँवर सिंह निषाद ने कहा की बच्चों के सीखने की प्रक्रिया घर पर ही जारी रखने के लिए सामुदायिक भागीदारी की आवश्यकता है। बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी ने पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र से आने वाले लोगों के स्वास्थ्य और स्वच्छता की जरूरतों को पूरा करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस सत्र में संस्थागत प्रसव, टीकाकरण और पोषण पुनर्वास केंद्रों की सेवाओं का लाभ लेने के लिए लोगो को प्रेरित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। यूनिसेफ ने जन प्रतिनिधियों से अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में बच्चों की स्थिति की निगरानी करने का आग्रह किया ताकि बाल विवाह, बाल श्रम, और बाल शोषण की रोकथाम की जा सकें। यूनिसेफ ने छत्तसीगढ़ के बच्चों की भलाई से जुड़े कार्यों की एक सूची सुझाव के रूप में विधायकों से साझा की।
यूनिसेफ द्वारा आयोजित इस ऑनलाइन सत्र में  डॉ.प्रीतम राम (लुंड्रा), चिंतामणि महाराज (सामरी), श्री कुंवर सिंह निषाद (गौंडरदेही), श्रीमती देवती कर्म (दंतेवाड़ा), चंदन सिंह कश्यप (नारायणपुर), रेखचंद जैन (जगदलपुर), लखेश्वर बघेल (बस्तर), दलेश्वर साहू (डोंगरगांव),   भुवनेश्वर बघेल (डोंगरगढ़), राजमन बेंजम (चित्रकूट), विक्रम मंडावी (बीजापुर), खेल साय सिह (प्रेमनगर), पारस नाथ राजवाडे (भटगाँव) और गुलाब कमरों (भरतपुर सोनहत) सहित प्रदेश के 14 विधायक सम्मिलित हुए।

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