: लाक डाउन मे खाद्य सामाग्री के दाम आसमान में….नही है प्रशासनिक नियंत्रण....बढ रही है काला बाजारी....
Admin
Sat, May 1, 2021
सूरजपुर. आम आदमी जहाँ एक ओर कोरोना की मार झेल रहा है तो वही दूसरी ओर महंगाई डायन भी लोगो के कमर तोड़ने पर आतुर है. मुनाफाखोर इस आपदा में अवसर तलाश कर जेब भरने में लगे हुए है जिससे मध्यम वर्ग को दो वक्त की रोटी का जुगाड़ मुश्किल लग रहा है. इन दिनों खाद्य सामग्री के दाम अचानक से आसमान छूने लगे है गत वर्ष प्रशासन ने इसे रोकने की दिशा में कुछ कदम उठाए थे और दर निर्धारित कर दिए गए थे पर इस बार तो प्रशासन है भी इसका लोगो को लठ बजने से एकाद दिन एहसास रहा पर जिस ढंग की जिले में व्यवस्थाए है उससे तो यह जाहिर ही नही होता कि यहां प्रशासन नाम की कोई चीज है. जनप्रतिनिधियों की तो गुमशुदा तलाश लोग कर ही रहे है. ऐसे में मिडिल क्लास लोगो की हालत पतली है. जिले में कोरोना वायरस के बढ़ते रफ्तार से हुए लॉकडाउन में कालाबाजारी बढ़ गई है.खाद्य सामग्री के दाम आसमान छू रहे हैं मुख्यालय से लेकर ग्रामीण अंचल तक लोगों में महंगाई को लेकर हाहाकार मचा हुआ है. लाक डाउन मे लोग किराना दुकानदारों से महंगा सामान लेने को मजबूर हैं.जिससे मुनाफाखोरों की पौ बारह हो रही है. आलम यह है कि कुछ दिन पहले सरसो तेल 120 लीटर मिल रहा था वह अब 160 में इसी तरह शक्कर की मिठास कम हो गई है आटा दाल सहित अन्य रोजमर्रा की इस्तेमाल वाले खाद्य पदार्थों के दाम भी आसमान छू रहे हैं. तो वही फल के कीमतो में भी बेहताशा वृद्धि हुई है जबकि साग सब्जी की दर न्युतम स्तर पर है. बहरहाल रोजमर्रा की इस्तेमाल मे आने वाले सामाग्रियो पर प्रशासन का किसी तरह की निगरानी नही है जिससे मुनाफाखोरों के हौसले बुलंद है आपदा मे अवसर का लाभ उठाते हुये अनाप सनाप कीमतो मे सामान बेच रहे है. जिससे मध्यमवर्गीय परिवार की कमर टुटते जा रही है.
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