: वन विभाग ने आपदा में अवसर की खोज....जंगल विभाग में जंगल का कानुन....विस्फोटक पदार्थ का उपयोग कर किया जा रहा है निर्माण कार्य....बांध कही और बनना था बना दिये कहीं और....नदी को किया बाध में तब्दील....
Admin
Tue, Jun 1, 2021
राजेश सोनी
सूरजपुर. जिले के वन विभाग में जंगल का ही राज है अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक प्रभारियों के भरोसे चल रहे है ये प्रभारी अधिकारी जंगल राज की तरह जंगलो का विनाश करने को लगे हुये है. वन विभाग का निर्माण कार्य भी नक्सलियों की तरह बारुद से विस्फोट कर किये जा रहे है जिससे पुरा क्षेत्र विस्फोट से दहल उठा है. आपदा काल में अवसर का लाभ उठाते हुये वन विभाग के वन परिक्षेत्र सूरजपुर के ग्राम लाछा और साल्ही जंगल के बीच कैम्पा मद से बन रहे बांध के निर्माण कार्य में देखने को मिला. ना तो निर्माण स्थल पर किसी तरह का बोर्ड लगा हुआ है ना हो रहे निर्माण का स्टीमेट ना ही प्रोजेक्ट दस्तावेज है. विभाग की मनमानी ऐसी की बांध को बनाना कही और था लेकिन विभाग अपनी सुविधा से कही और बना रहा है. जबकि विभाग के पास तकनीकी इंजीनियर तक नही है ना ही विषय विशेषज्ञ जानकार है नदी को बाध कर बनाये जा रहे बाध की गुणवत्ता शुन्य के बराबर है जिसे की एक बारिश भी झेलने की उम्मीद नही है.

बिना अनुमति हो रहा बारुद का इस्तेमाल.
बांध से एक हजार मीटर नहर बनाने के कार्य में बारुद का उपयोग से विस्फोट कर नहर का निर्माण किया जा रहा है. किसी भी निर्माण कार्य में अगर बारुद विस्फोटक का इस्तेमाल करना आवश्यक होगा तो इसके लिये कलेक्टर से अनुमति लेना होता है लेकिन विभाग गुपचुप तरीके से बिना किसी वैध दस्तावेज के ड्रील करके बारुद भर कर विस्फोट कर रहे है किसी भी दिन बडा हादसा होने की संभावना है. जिस तरह से बारुद का उपयोग कर ब्लास्ट किये जा रहे उससे साफ जाहिर है इनके तार नक्सलियों से जुडे होने के आसार है जांच पडताल होगी तो सब कुछ सामने आ जायेगा.

नदी को बना दिया बांध
जंगल विभाग काम शुरु करने से लेकर जल्दी खत्म करने पर लगी हुई है स्वीकृत बांध की जगह कही और थी लेकिन विभाग ने उसे गांडा सिल्ली नदी पर बनाने लगा है नदी को बनाये गये बांध में बहुत ही घटिया स्तर का सामाग्री का उपयोग किया जा रहा है. जो कभी भी बांध फुट सकता है.

मध्यप्रदेश से लाये जा रहे विस्फोटक बारुद
नहर के निर्माण में लगे मुशी सोनु कुमार तिवारी ने बताया कि नहर के चटटान मे ड्रील करके बारुद लगाये जाते है इसके बाद 12 वोल्ट का करेंट देकर विस्फोट किया जाता है इसके लिये वे मध्यप्रदेश के सिंगरौली से विस्फोटक सामाग्री बारुद लेकर आते है यहा का पुरा काम वन परिक्षेत्राधिकारी सूरजपुर के प्रभारी रेंजर अच्छेलाल कारपेटर के देखरेख में हो रहा है वे निगरानी करने आते जाते रहते है. उन सब को मालुम है कि बारुद विस्फोटक का उपयोग हो रहा है फिलहाल सोनु के साथ पांच लोग काम कर रहे है. वे होल बत्ती लगा कर विस्फोट करने में लगे है. बहरहाल नहर निर्माण के उपयोग में लाये गये बारुद का जखीरा केतका के पास है. ना तो वहा किसी तरह की सुरक्षा तैनात है ना ही इसकी व्यवस्था विभाग ने की है.

गुणवक्ता विहिन बांध बहने के आसार
वन विभाग द्वारा कराये जा रहे नदी में बांध का निर्माण में भारी अनिमियता देखी जा रही है बडे बडे बोल्डर का उपयोग किये जा रहे है ना तो बांध सिमेंट का उपयोग किया ना मानक स्तर पत्थरों का उपयोग सिर्फ मिटटी और बडे पत्थरो से हो रहे है. विभाग के पास ना तो इंजिनियर है ना ही तकनिकी अधिकारी कर्मचारी सहित मास्टर प्लान. लिहाजा निर्माणाधीन बांध के जल्दी ही बहने की आंशंका है.

चोरी के पत्थरो से किये जा रहे निर्माण कार्य
इस पुरे मामले में विभाग ने बांध के समीप ही स्थिति एसईसीएल के खदान से चोरी कर बोल्डरों का उपयोग किये जा रहे है. नहर बनाने में बहुमुल्य वृक्षो को काटा जा रहा है हजारो पेडो की बली दी जा चुकी है.
सभी कार्य नियम से हो रहे है-रेजर
इस पुरे मामले में प्रभारी रेंजर अच्छेलाल कारपेंटर ने बताया कि जो भी निर्माण कार्य हो रहे है वह सब नियमानुसार हो रहे है किसी तरह की अनिमियता घटिया सामाग्री का उपयोग नही हुआ है. विस्फोट सामाग्री के उपयोग पर श्री कारपेंटर ने बताया कि विभाग के प्रोजेक्ट में शामिल है अन्य विभाग से अनुमति लेने की आवश्यकता नही है चुकि यह शासकीय विभाग का काम है-अच्छेलाल कारपेंटर प्रभारी रेंजर वन परिक्षेत्र सूरजपुर
नही है जानकारी इस विषय में-एसडीएम सूरजपुर
वन विभाग के निर्माण कार्य में भारी मात्रा में बारुद का उपयोग कर विस्फोट करने के मामले में एसडीएम पुष्पेन्द्र शर्मा ने बताया कि उनसे किसी तरह की अनुमति नही लिया गया है. ना ही इसकी जानकारी वन विभाग ने दिया है.
विज्ञापन
विज्ञापन