: शहर की विद्युत प्रकाश व्यवस्था भगवान के भरोसे, नगर पालिका भी है लाचार
Admin
Thu, Jul 19, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- नगर पालिका के 18 वार्डों में नगर पालिका द्वारा लगाई गई अच्छी खासी स्ट्रीट लाईटों को शासन की नई योजना के तहत उतार कर गोदाम में कैद कर दिया गया और वार्डों में गुणवत्ता विहीन ऐसी एलईडी लाईट लगा दी गई जिसमें न तो पर्याप्त रोशनी है और न ही बिगड़ रही लाईटों को बदलने की कोई योजना नगर पालिका के पास है।
गौरतलब है कि नगर के 18 वार्डों में स्थित अधिकांश विद्युत पोलों में नगर पालिका द्वारा लगाई गई अच्छी खासी एलईडी लाईटों को उतार कर स्टोर में रख दिया गया है। इसके एवज में शासन स्तर पर ऊर्जा बचत का हवाला देकर गुणवत्ता विहीन जो एलईडी लाईट लगाई गई है उनका तो भगवान ही मालिक है, न तो यह लाईट जरूरत के हिसाब से रोषनी दे रही है और न ही टीकाउ है। 25 फिसदी लाईट तो लगने के बाद से ही बंद पड़ी हुई है। जिनकों ठीक करने या बदलने के प्रति नगर पालिका गंभीर ही नहीं है। बरसात के दिनों में जहां एक ओर जहरीले जीव जन्तुओं का खतरा बना रहता है वहीं शहर के कई वार्डो में भालूओं के आमदरत से वार्डवासी सषंक्ति रहते है। ऐसे में स्ट्रीट लाईट का बंद रहना जनसामान्य के लिए खतरे की घंटी है। शासन की बदली हुई इस व्यवस्था से नगर पालिका की जिम्मेदारी नग्नय हो गई है। नगर पालिका लाईन मेन और उपयंत्री तो विद्युत प्रकाष की षिकातय को लेकर अनदेखी करने लगे है, जिसका खामियाजा शहर के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
इस संबंध में देवलोक ने जब मुख्य नगर पालिका अधिकारी घनष्याम शर्मा से बात की तो उन्होंने शासन द्वारा निर्धारित एलईडी एजेंसी को बंद लाइटें चालू करने के लिए निर्देश दे दिया जाना बताया। उन्हांने बताया कि शहर की लगभग 100 लाईटें बंद है जिनकी रिपोर्टिंग संबंधित एजेंसी को कर दी गई है। उन्होंने एक- दो दिन के अंदर बंद लाईट को ठीक कर चालू करने के लिए आष्वस्त किया है।
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