: शिक्षा का मंदिर हुआ कलंकित...25 हजार रिश्वत लेते बीईओ रंगे हाथ हुआ गिरफ्तार...2014 मे भी विभाग का लेखापाल को ACB ने 9 हजार रिश्वत लेते पकड़ा था...
Admin
Tue, Jul 7, 2020
राजेश सोनी
सूरजपुर- शिक्षा के मंदिर को चलाने वाले अधिकारी ही रिश्वत मांगे और वह भविष्य कैसा होगा, जो शख्स बच्चों को पढ़ाता हो और यह सिखाता हो कि रिश्वत देना अपराध है उसे ही अपने वेतन पाने के लिए रिश्वत देनी पड़े उस प्रदेश का भविष्य आखिर कैसा होगा सोचने की बात है|एन्टीकरप्शन ब्यूरो ने एक रिश्वतखोर अफसर को रिश्वत लेते रंगे हाथो पकड़ा है। उक्त अफसर विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी है। ग्राम लटोरी में पदस्थ प्रधान पाठक ओमप्रकाश योगी से लाॅकडाउन के दौरान का वेतन आहरित करने के लिए सूरजपुर विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कपूरचंद साहू ने तीस हजार रूपये रिश्वत की मांग की थी। जिस पर प्रधान पाठक ने एसीबी से शिकायत दर्ज कराई थी। इस बीच वेतन निकालने के लिए आरोपी बीईओ से 25 हजार रूपए में काम करने का सौदा तय किया। एसीबी की टीम ने अम्बिकापुर के एक पेट्रोल पम्प के पास एटीएम से पैसा निकालने के बाद संबंधित शिक्षक ने बतौर रिश्वत उक्त बीईओ को दी जिस पर टीम ने रंगे हाथो धर दबोचा। दूसरी ओर बताया जाता है कि उक्त बीईओ के खिलाफ आए दिन ऐसी शिकायतें मिलती रही है। कई बार उच्चाधिकारियों का ध्यान भी इस ओर आकर्षित कराया गया था। परन्तु अधिकारियों ने कभी संज्ञान में नही लिया। सूत्र तो यह भी दावा करतें है कि अधिकारियों का भी हिस्सा इसमें तय रहता था इस वजह से कभी संज्ञान में नही लिया गया। जिला शिक्षा अधिकारी विनोद राय ने बताया कि उन्हे अबतक ऐसी कोई जानकारी नही मिली है जैसे ही उन्हे इसकी जानकारी मिलेगी तब विभागीय कार्रवाई संबंधित अधिकारी पर की जाएगी|
2014 मे पहले भी शिक्षा विभाग का लेखापाल पकडा गया था....
जुन 2014 मे पहले भी शिक्षा के मंदिर को कलंकित करते हुये निजी स्कूल को मान्यता देने के लिए 9 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ लेखापाल लेखापाल मुरली प्रसाद चौधरी को ACB टीम ने रंगे हाथों धर दबोचा था। जिस पर विभाग ने रिश्वतखोर लेखापाल को निलंबित कर बर्खास्त कर दिया था, फिर भी जेल की हवा खा चुके रिश्वतखोर बर्खास्त लेखापाल जिला शिक्षा विभाग मे आये दिन अडडा बनाये हुये है साथ ही वहा पदस्थ कर्मचारियो को झुठे प्रकरण मे फसाने सहित मारपीट करने से भी बाज नही आ रहे है।

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