: संस्थागत प्रवस,बच्चो को शिक्षा देने के साथ कुपोषण से बचाने बैगा-गुनिया करेगे ग्रामीणों को प्रेरित...करेगे सकारात्मक पहल...
Admin
Sat, Jan 25, 2020
राजेश सोनी
सूरजपुर- सरकार के कुपोषण, शिक्षा और सुरक्षित प्रसव की मुहिम में बैगा और गुनिया समाज भी शामिल होगा। यह लोग गांव में ग्रामीणों से जनसंपर्क करते हुये अस्पताल में प्रसव करवाने, बच्चों को शिक्षा देने और कुपोषण से बचने के लिए प्रेरित करेंगे। यूनिसेफ की बैठक में शामिल हुए ग्रामीण अंचल बैगा गुनियॉओ ने यह निर्णय लिया। इनके निर्णय की प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और उपसंचालक स्वास्थ शिशु राज्य टीकाकरण राम सिंह ठाकुर ने सराहना की है। ज्ञात हो कि राज्य में कुपोषण से पीड़ित बच्चों, अल्पवयस्क लड़कियों और माताओं की समस्याओं को दूर करने के लिए राज्य सरकार सहित यूनिसेफ की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सरगुजा संभाग के आदिवासियों के धर्मगुरुओं बैगा, गुनिया के लिए परिचर्चा का आयोजन अंबिकापुर के एक होटल में किया गया। इसमें जिसमे सूरजपुर, देवीपुर, लटोरी, चांदनी बिहारपुर, कोरिया, बगीचा, जशपुर,बलरामपुर से बडी संख्या मे बैगा व गुनिया लोगों ने भाग लिया। इस दौरान उन्होंने माना कि प्रत्येक बच्चे को बाल अधिकार मिलना चाहिए और उनका उत्पीड़न बंद होना चाहिए। सभी ने बच्चों की शिक्षा, पोषण और संरक्षण की बात कही। इस दौरान बैगा और गुनिया का काम करने वालों ने बताया कि वह लोग गांव में भ्रमण के दौरान ग्रामीणों से जनसंपर्क कर सुरक्षित प्रसव, बालिका शिक्षा और कुपोषण के लिए लोगों को जागरूक करेंगे और कुरीतियों को दूर करने के लिए प्रेरित करेंगे। सूरजपुर बड़कापारा निवासी अनिरुद्ध बैगा ने बताया कि वह खुद अपने बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं, वह बाल अधिकारों के प्रति सजग होकर टीकाकरण व सुपोषण की पहल पर लोगों को प्रेरित करेंगे। मोहली गांव निवासी गुनिया बिहारी जायसवाल ने बताया कि गांव में आज भी घर में ही प्रसव कराने की परंपरा है। जच्चा-बच्चा की सुरक्षा के लिए अस्पताल में प्रसव करवाने के लिए गांव में भ्रमण के दौरान वह लोगों को प्रेरित करेंगे। जशपुर बगीचा से आये शीतल ने बताया कि वह खुद अनपढ़ हैं, लेकिन बच्चों को अच्छी शिक्षा के लिए स्कूल भेजते हैं और अन्य लोगों से भी बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करेंगे।
बैगा गुनिया की पहल का होगा अच्छा असर....
दरअसल ग्रामीण क्षेत्रों में गुनिया और बैगा लोग गहरी पैठ रखते हैं। धार्मिक कार्यों से लेकर झाड़-फूंक तक में इनका हस्तक्षेप रहता है। साथ ही लोग इनकी बातों को गंभीरता से स्वीकार भी करते हैं। ऐसे में लोगों के स्वास्थ्य को लेकर काम करने वाले यूनिसेफ की टीम के MCCR का मानना है कि मुहिम में बैगा और गुनिया लोगों के जुड़ने से सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। इनकी पहल से लोग जागरूक होंगे और अपने स्वास्थ्य के प्रति गंभीर होंगे।

स्वास्थ्य मंत्री ने की सराहना बैगा व गुनिया लोगों की इस पहल की स्वास्थ मंत्री टीएस सिंहदेव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि वह समाज की मुख्यधारा से जुड़कर बच्चों के बाल अधिकार सहित कुपोषण, डायरिया, एनीमिया, शिशु मृत्यु दर के प्रति सकारात्मक पहल करेंगे। प्रदेश के उपसंचालक स्वास्थ शिशु राज्य टीकाकरण ने बताया कि गांव के प्रमुख लोगों की कड़ी इस अभियान में जुड़कर स्वस्थ परिवार स्वस्थ ग्राम बनाने की जिम्मेदारी निभाएंगे|
बैगा समुदाय हमेशा से पूजापाठ के कार्य सहित अनेक शुभ कार्य सम्पन्न कराते आ रहे है सूरजपुर के कुदरगढ़ी देवी माता के धाम के मुख्य पुजारी बैगा ही हैं पूर्वजो के जमाने से उनका परिवार माता की सेवा में लगे है, पूजा करते रहे हैं, कुदरगढ़ एक धार्मिक और दार्शनिक स्थल हैं, जहां पर लोग देवी के दर्शन करने, घूमने जाते हैं, साल के पूरे महीने वहां पर लोगो की भीड़ रहती है |

गांव के अनपड से लेकर पढे लिखे शिक्षित समाज मे सेवा देने वाले परांम्पारिक विद्या मे महारथ बैगा गुनिआयो ने बताया कि ऐसा नही है कि हमे मेडिकल स्वास्थ पर विश्वास नही है ना ही हम इंकार करते है, पढे लिखे समाज सहित शिक्षितो के साथ अधिकारियो की बात करे तो बताया सभी को सेवा दे रहे है कुछ लोग तो दिन के उजाले मे आते है तो कुछ ओहदेदार बडे अधिकारी वे अपनी समस्या लेकर रात के अंधेरे मे आते है। आज हम वंचित है पर हम अपना कार्य पुरी ईमानदारी के साथ कर रहे है साथ समाज मे फैली कुपोषण कुरीतियो के खिलाफ ग्रामीण जनो को सजग कर रहे है।
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