: सूरजपुर की निर्भया को कब मिलेगा न्याय...तीन आरोपियों ने अपहरण कर लड़की के साथ दुष्कर्म-हैवानियत कर गलाघोंट कर नदी किनारे फेक दिया था शव...खुले में धूम रहे अपराधी....पीड़ित परिवार को मिल रही है धमकी...निर्भया के पिता ने की फरियाद...
Admin
Sun, Jan 12, 2020
राजेश सोनी
सूरजपुर -- देश की बेटी निर्भया को न्याय मिल गया है,जिसको लेकर देश भर में जश्न भी मनाया जा रहा है,लेकिन सूरजपुर की निर्भया आज भी न्याय के लिए तरस रही है,सूरजपुर के रामकोला थाना के गांव में 2014 में दो नाबालिग सहित तीन आरोपियों ने एक लड़की का अपहरण कर गैंग रेप किया था|उसके बाद उसका गलाघोंट कर हत्या कर दी थी उससे पहले लड़की के हैवानियत नंगा खेल खेला गया था|इसके विरोध में स्थानीय लोगो ने बनारस-अम्बिकापुर मार्ग पर चक्काजाम किया था|जिसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था|जहां कोर्ट ने एक आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी| जबकि दो नाबालिग आरोपियों का मामला अभी भी विचाराधीन है|पीड़ित के पिता का आरोप है कि आरोपी हाईकोर्ट में अपील के बाद जमानत पर है और लगातार उनको धमकी दे रहे हैं, इसकी लिखित शिकायत स्थानीय थाने से लेकर एसपी तक की है लेकिन कार्रवाई के आभाव में आरोपी खुला घूम रहे हैं|वहीं पीड़ित के पिता के अनुसार उनकी सिर्फ तीन बेटियां है और उनका पूरा परिवार दहशत में जीने को मजबूर हैं|उन्होंने आरोपियों के डर से अपनी बेटियों का स्कूल छुड़वाकर घर मे लगभग कैद कर के रखा है, पूरा परिवार पलायन करने की बात कह रहा है।

दिल्ली के निर्भया के बारे में सभी लोग जानते हैं, लेकिन ना जाने देश में कितनी निर्भया न्याय पाने के लिए तरस रही हैं, वर्ष 2014 में सूरजपुर के गांव में तीन हैवानो ने एक मासूम से दरिंदगी कर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया था,लेकिन आज सभी आरोपी बेखौफ घूम रहे हैं वही उस मासूम पीड़िता के माता-पिता को इंसाफ मिलने की बजाय उनके परिजनों को धमकियां मिल रही हैं, लगातार पुलिस से शिकायत के बावजूद उन इंसानियत के दुश्मनों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है|

निर्भया के दर्दनाक दास्तां क्या है...
यह वह समय था अक्टूबर वर्ष 2014, जब सूरजपुर के रामकोला थाना स्थित गांव के नदी के किनारे निर्वस्त्र जली हुई एक युवती का शव मिला था, जांच के दौरान पता चला कि गांव के ही एक युवक रामकुमार मृतिका से एक तरफा प्रेम करता था, लेकिन जब लड़की ने उसे मना कर दिया तो गुस्से में आकर आरोपी ने अपने दो नाबालिग दोस्तों के साथ मिलकर पीड़िता का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म किया, गुप्तांग में अमानवीय ढंग से बालू डालकर मिट्टी का तेल डाल कर नदी किनारे ले जाकर आग के हवाले कर दिया, जिस वजह से युवती की मौत हो गई थी| जिसके बाद आक्रोशित ग्रामीण न्याय पाने के लिए सड़कों पर उतरे थे, पुलिस पर दबाव बनने के बाद पुलिस दो नाबालिग सहित तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था| अभी भी दोनों नाबालिगों का मामला बाल न्यायालय में विचाराधीन है, वही मुख्य आरोपी रामकुमार को प्रतापपुर के न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, तब मृतक के परिजनों को लगा था कि शायद उन को इंसाफ मिल जाएगा लेकिन उसके बाद आरोपी ने हाईकोर्ट में अपील की, अपील के कुछ महीनों बाद आरोपी रामकुमार की जमानत हो गई है| मृतिका के परिजनों का आरोप है कि जमानत के छूटने के बाद से ही आरोपी लगातार मृतका के परिजनों को धमकी दे रहा है, जिसकी तीन बार शिकायत परिजनों के द्वारा रामकोला थाने में लिखित तौर पर दी गई है, बावजूद इसके पुलिस के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है।

अपनी मासूम बच्ची को खो चुके परिजनों की न्याय पाने की आस भी अब लगभग समाप्त हो चुकी है, अब वे इतने दहशत में हैं कि आरोपियों की धमकी से डरकर वे बच्चों की पढ़ाई छुड़ाकर घर में रखते हैं, हम आपको बता दें कि मृतक युवती का कोई भाई नहीं था वे चार बहने थी, छोटी बहन के साथ ऐसा हादसा होने के बाद न्याय पाना तो दूर बची हुई घर की लड़कियां पढ़ाई करने की बजाये दहशत की वजह से घर में लगभग बंधक बन के रह रही हैं, अब वह पूरा परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है और गांव से पलायन की तैयारी कर रहा है।
घटना.......
21 सितंबर 2014 को युवती का आरोपियों ने अपहरण किया...22 सितंबर 2014 को युवती का शव निर्वस्त्र और जली अवस्था में गांव स्थित नदी किनारे मिला.... 23 सितंबर 2014 पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया...24 सितंबर 2014 घटना से आक्रोशित लोगों ने बनारस-अम्बिकापुर मार्ग पर चक्काजाम किया... 24 सितंबर 2014 को पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया... 30 जून 2015 को आरोपी रामकुमार को प्रतापपुर अपर सत्र न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके आरोपी पक्ष ने हाईकोर्ट में अपील की। दोनों नाबालिग आरोपी इससे पहले ही बाहर आ गए थे। 19 मार्च 2019 को आरोपी रामकुमार को जमानत पर रिहा कर दिया गया।इसके बाद से लगातार आराेपी और उनके परिजन पीड़ित परिवार काे धमकी दे रहे हैं।10 दिसंबर 2019 को मृतका के पिता ने एसपी से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
आखिर क्या वजह है कि महिलाओं के लिए कई कठोर कानून बनाए गए हैं बावजूद इसके इन मासूमों के साथ दरिंदगी का आंकड़ा कम होने का नाम नहीं ले रहा है... क्या इसे न्यायपालिका की लेटलतीफी मानी जाए या पुलिस की लचर रवैया ??
किसी को भयभीत होने की जरूरत नही,पीड़ित को पूरी सुरक्षा दी जाएगी, पृथक रूप से कार्यवाही की जाएगी,,संबंधित SDOP सहित रामकोला थाना प्रभारी को तत्काल निर्देशित कर रहा हूँ, मै खुद पीड़ित परिवार से मिलने जाऊँगा। राजेश कुकरेजा पुलिस अधीक्षक सूरजपुर
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