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: सूरजपुर की मेघावी बेटी भारती को आईबीसी 24 देगी 50 हजार की स्कॉलरशिप

Admin

Fri, Jul 20, 2018
प्रवेश गोयल सूरजपुर- ईरादा अगर पक्का हो और हौसलों में हो जान तो लालटेन की रौशनी भी पर्याप्त होती है अपने उड़ान को पंख देने के लिए। इस बात को सही साबित किया है सूरजपुर जिले के छोटे से गांव बतरा की रहने वाली भारती राजवाड़े ने। भारती राजवाड़े ने हायर सेकेण्डरी की परीक्षा में जिले में पहला स्थान हासिल किया है, उसने बारहवीं में 90.4 प्रतिशत अंकों के साथ जिले में पहला स्थान अर्जित किया है। भारती की इसी उपलब्धि को छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश के विश्वसनीय न्यूज चैनल आईबीसी 24 ने सम्मानित करते हुए भारती का चयन आईबीसी 24 स्वर्णशारदा स्कॉलरशिप के लिए किया है। इस विशेष स्कॉलरशिप योजना के तहत भारती को 50 हजार रूपये की स्कॉलरशिप प्रदान की जायेगी। बेटी पढ़ेगी, देश गढ़ेगी३इस सूत्र वाक्य को छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश के विश्वसनीय न्यूज चैनल आईबीसी 24 ने साकार करने का बीड़ा उठाया है। आईबीसी 24 देश का पहला ऐसा चैनल है, जो प्रतिभावान छात्राओं को पिछले 3 सालों से बड़ी संख्या में विशेष स्कॉलरशिप दे रहा है। इस छात्रवृत्ति का नाम है आईबीसी 24 स्वर्णशारदा स्कॉलरशिप। इस स्कॉलरशिप की परिकल्पना को मूर्त रूप प्रदान करने वाले गोयल ग्रुप और आईबीसी 24 के चेयरमैन सुरेश गोयल ने बताया कि छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के सभी 78 ज़िलों से एक-एक प्रतिभावान बेटियों और 15 संभागों के टॉपर छात्रों को स्वर्णशारदा स्कॉलरशिप प्रदान की जा रही है। पिछले तीन वर्षों की तरह इस साल स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप वितरण कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से हो रही है। आगामी 20 जुलाई को रायपुर के सयाजी होटल में आयोजित भव्य कार्यक्रम में परमपूज्य योगऋषि स्वामी रामदेव की उपस्थिति और आध्यात्मिक गुरु पवन सिन्हा जी के विशिष्ट आतिथ्य में छात्रवृत्ति का वितरण किया जायेगा।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह जी होंगें ,जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा के अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल करेंगें ,प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमप्रकाश पांडे और स्कूली शिक्षा मंत्री केदार कश्यप विशिष्ट अतिथि के रुप में शामिल होंगें। श्री गोयल ने बताया कि स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप के तहत साल 2017-18 की 12वीं की परीक्षा में अपने-अपने ज़िले से टॉप करने वाली एक-एक छात्रा को 50-50 हज़ार रुपए की छात्रवृत्ति और प्रदेश में टॉप करने वाली की छात्रा को 1 लाख रुपये की छात्रवृत्ति और टॉपर छात्रा के स्कूल को 1लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जायेगी।वहीं प्रदेश के पांचों संभागों के टॉपर छात्रों को 50-50 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जायेगी। 12 वीं की परीक्षा में अव्वल स्थान प्राप्त कर जिले को गौरवान्वित करने वाली भारती राजवाड़े को इस योजना के तहत नामांकित किया गया है। आइये जानते हैं कौन है भारती राजवाडे़ और किन परिस्थितियों में उसने ये मुकाम हासिल किया है। भारती का संक्षिप्त परिचय भारती राजवाड़े पढ़ाई में शुरूआत से ही मेधावी रही है, भारती ने दषवीं के परीक्षा में 91.5 प्रतिषत अंक लाकर अपने स्कूल में पहला स्थान लाया था। भारती राजवाड़े किसान परिवार से तालुक रखती है उसके पिता लखन राजवाड़े किसानी करके अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं,,,,और उसी से से बचाकर बच्चों की पढ़ाई का खर्चा उठाते हैं,,,भारती की एक बड़ी बहन और एक छोटा भाई है वे भी अपनी बहन की तरह ही अभी पढ़ाई कर रहें हैं,,,भारती को पढ़ाई के अलावा खेल कुद और भाषण में रूचि है,,,,स्थानीय स्तर पर कबड्डी की बेहतरीन खिलाड़ी है जबकी भाषण प्रतियोगिता में भी कई पुरष्कार जीत चूकी है,,,भारती बड़ी होकर चिकित्सक बनना चाती है और अपने गांव में ही अपनी सेवा देना चाहती है,,,,भारती ने अपनी पूरी पढाई बतरा से ही की है और अब नीट की तैयारी कर रही है,,,,भारती ने बताया की उसके लिए ये कर पाना आषान नहीं था पैसे की तंगी के साथ साथ घर और खेत में काम के बीच पढ़ाई कर पाना मुष्किल था,,,लेकिन भारती ने हार नहीं माना और सिमित संसाधनों के बीच अपनी पढ़ाई पर फोकस कर अपना एक मुकाम हासिल किया,,भारती का ये सफर सामान्य नहीं था परिवार की आर्थिक तंगी और गांव का माहौल उसके आंखों में ऑसू लाने के लिए काफी था लेकिन आंखो में आने वाले आंसूओं को भारती अपनी कमजोरी बनने नहीं दिया,,,,भारती को उसकी थोड़ी बहूत जो भी जरूरत थी उसे उसके दादा और दादी पूरा करते थे कई बार तो उसके पास पेन और पेंसिल के लिए भी पैसे नहीं होते थे तो वैसे में उसके दादा जी किसी तरह से उसकी जरूरत का सामान लाकर देते थे वे रेलवे के रिटायर कर्मी हैं और भारती उन्हें ही अपना आदर्ष मानती है,,,,भारती इस उपलब्धी का श्रेय भी अपने परिवार, गुरूजनो के साथ साथ अपने दादा दादी को देती है,,,,भारती राजस्थान के कोटा जाकर नीट की तैयारी करना चाहती है लेकिन उसके किसान परिवार की माली हालत एैसी नहीं की वो उसकी ये ईच्छा को पूरा कर सके,,,,भटगांव के वर्तमान विधायक पारसनाथ राजवाड़े उसके रिस्तेदार लगते हैं और उनके बतरा गांव स्थित स्कूल में उसने आठवीं तक की पढ़ाई की है और आगे भी वो उसकी हर मदद करने को तैयार हैं वे भी मानते हैं की भारती राजवाड़े उनके गांव और जिले का नाम रौषन किया है

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