: स्वास्थ्य विभाग को खुद के इलाज की दरकार..........सरकारे बदली पर यहा के हालत नही बदले.......दाई के भरोसे चल रहा है महुली का उप स्वास्थ केंद्र......
Admin
Thu, Jan 14, 2021
राजेश सोनी
सूरजपुर-नीम हकीम खतरा ए जान यह जुमला आमतौर पर गांव गांव में फैले उन कथित डाक्टरो के लिए प्रयोग किया जाता है जो बगैर किसी डिग्री अथवा प्रशिक्षण के इलाज करते घूम रहे है लेकिन यह हालत जब जिले के सरकारी अस्पतालों की हो जाये जहां ऐसे अप्रशिक्षित लोग इलाज करने शुरू कर दे तो फिर स्वास्थ्य व्यवस्था भगवान भरोसे की हो जाएगी और सम्भवत यही वजह हो कि बच्चों की मौत पर स्वास्थ्य विभाग के लाख दावे के बाबजूद लोग टीकाकरण पर सवाल खड़े करने लगे तो आश्चर्य कैसा..? बात करे जिले के ओड़गी ब्लॉक की है जहाँ स्वास्थ्य विभाग के जैसे खुद इलाज की दरकार है,सरकारे बदली पर वहां के हालत नही बदले है। खास कर चांदनी जैसे इलाके में तो हालात बद से बदतर है। चांदनी इलाके से पिछले दिनों लगातार ऐसी खबरें आ रही थी कि चिकित्सालय दूर होने से नवजातों की असमय मौत हो जा रही है। महुली ,बैजनपाठ जैसे दूरस्थ अंचल के प्रसव पीड़ित महिलाओं को बिहारपुर,मोहरसोप यहां तक कि एमपी तक जाना पड़ता है। कई बार ऐसे में जच्चा बच्चा की मौत भी हो गई।इन तमाम दिक्कतों को देखते हुए कलेक्टर ने महुली में उप स्वास्थ्य केंद्र की पहल की और एक चिकित्सक की तैनाती भी करा दी।लेकिन यह कुछ दिनों की बात रही अब यहां से चिकित्सक को हटा कर खोड़ कर दिया गया। लिहाजा उप स्वास्थ्य केंद्र में ताला लटका रहता है। बिहारपुर से एक चिकित्सक को नियुक्त किया गया है जो हफ्ते में एकाध दिन पहुँच जाते है। एनएम का पता नही रहता.दिलचस्प तो यह है कि इस उप स्वास्थ्य केंद्र में एक दाई की एक वैकल्पिक व्यवस्था की गई है,जो अब चिकित्सक का काम भी कर रही है। ग्रामीण बताते है लुल्ह भुण्डा बैजनपाठ तेलईपाठ गांव में जाकर गर्भवती महिलाओ का प्रसव कर दवा-दारु करती है यहा तक उप स्वास्थ केन्द्र महुली में वह सुई आदि भी लगा देती है, अभी 19 लोगो का सुई पक गया था। जिसे जैसे तैसे ठीक किया जा सका है।ग्रामीण इसी के भरोसे इलाज करा रहे है।

नही है उपस्थिति रजिस्टर…….
कागजो में स्वास्थ व्यव्स्था दुरुस्थ होने और बेहतर स्वास्थ अधिकारियो कर्मचारियो की पद स्थापना का दावा की जाती है जबकि जमीनी हकीकत ठीक इसके विपरित है। मनमानी तरीके से महुली उप स्वास्थ केन्द्र खुलता और बंद होते आ रहा है यहा तक 17 सितंबर को खुद जिले के कलेक्टर रणबीर शर्मा गये थे तब भी उप स्वास्थ केन्द्र बंद था और उन्होने स्वास्थ विभाग की बेहतर व्यव्स्था करने की बात कही थी लेकिन कुछ दिनो के ठीक व्यव्स्था के बाद फिर से वही बदहाल व्यव्स्था बन गई. बहरहाल महुली उप स्वास्थ केन्द्र में उपस्थिति रजिस्टर तक नही बनाये है।
कलेक्टर को पत्र………….
ग्रामीणों ने कलेक्टर को एक पत्र लिख कर बताया है कि मोहरसोप पीसी के डॉक्टर को हटा दिया गया है।जिससे महुली,रामगढ़,उमझर,खोहिर,कोल्हुआ,खैरा,करोटी, जुडवनिया,लुल्ह ,भुंण्डा, रसौकी ,तेलईपाठ, बैजनपाठ आदि के लोगो को इलाज में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों ने उक्त चिकित्सक को वापस महुली बिहारपुर करने की मांग की है।
जांच करा लेते है……
महुली स्वास्थ्य केंद्र में बिहारपुर से एक चिकित्सक प्रतिदिन भेजा जा रहा है। 2 एएनएम की नियुक्ति की गई है। प्रतिदिन केंद्र खुल रहा है। वहा एक चिकित्सक को तैनात करने की कुछ लोग मांग कर रहे थे जो सम्भव नही है, क्योंकि उक्त डाक्टर आरएमएस है ,नियम से उप स्वास्थ्य केंद्र में उन्हें नियुक्त नही किया जा सकता। दाई के द्वारा इंजेक्शन लगाने की जानकारी नही मिली है अगर ऐसा है तो यह गलत है। जांच करा लेते है सही मिला तो कारवाई होगी।
डॉ आर एस सिंह
सीएचएमओ सूरजपुर
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हेतु की जा रही पहल…………
महुली में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिलाने की पहल की जा रही है,ताकि डाक्टर की नियुक्ति हो सके अभी उपस्वास्थ्य केंद्र होने से डाक्टर तैनाती नही है। जिससे दिक्कत हो रही है। एक चिकित्सक को तैनात किया गया था पर शिकायतों के कारण हटाया गया है। शीघ्र वहां व्यवस्था की जाएगी।
पारसनाथ राजवाडे
संसदीय सचिव व विधायक भटगांव
विज्ञापन
विज्ञापन