: 33 केव्ही विद्युत टावर पर चढ़ा किसान
Admin
Sun, Jul 8, 2018
रमेश गुप्ता
बिहारपुर-एस्सार कंपनी के उदासीनता ,लापरवाही का परिणाम स्वरूप प्रत्यक्ष रूप से देखने को मिल रहा है ,जहाँ पर किसान अपने जमीन का उचित मुआवजा कम्पनी द्वारा भूमि का जबरन अतिग्रहण किये जाने के विरोध में अपनी मांगों को लेकर 33केव्ही के लगभग सैकड़ो फीट ऊँची टावर पर चढ़ गया है तथा माँग पूरी न होने पर अपनी जान देने की बात कही ! ।
बिहारपुर क्षेत्र के ठाड़पाथर निवासी रामकृपाल गुर्जर 50 वर्ष गाँव से ही गुजरे 33 केव्ही के विद्युत टॉवर पर चढ़कर एस्सार कम्पनी प्रबंधन से अपनी जमीन अधिग्रहण के बदले उचित मुआवजा की मांग करने लगे साथ ही उन्होंने यह भी कहाँ की यदि उनकी मांग कम्पनी पूरी नही करती है तो वे अपनी जान देने को भी तैयार है साथ ही उनके द्वारा यह भी कहा जा रहा है की उनको कम्पनी और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा मुआवजा की मांग की लेकर आवाज उठाने पर चमकाया धमकाया भी गया है ।
वहीं रात 1 बजे तक की स्थिति में स्थानीय पुलिस द्वारा उस किसान को नीचे उतारने की कोशिश किया गया लेकिन किसान टावर पर था गोरतलब है कि एस्सार कंपनी के द्वारा सूरजपुर जिले के अनुविभाग ओड़गी के बिहारपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बिहारपुर ,नवाटोला,
ठाड़पाथर होते हुए सीपत -बिलासपुर तक 33केव्ही टाँवर लगाने का कार्य किया जा रहा है जिसमे एस्सार कंपनी प्रबंधन के ऊपर ग्रामीणों ने पूर्व में भी आरोप लगाया था की उनके द्वारा किसानों के बिना सहमति व उचित मुआवजा दिए बिना ही पट्टायुक्त एवं वर्षों से काबिज भूमि पर जबरन टावर स्थापित किया जा रहा है जिसका विरोध ग्रामीणों ने विगत कुछ दिनों पूर्व में किया था जिसमे क्षेत्रीय विधायक ने भी सभी तथ्यों को जानने के पश्चात किसानों के पक्ष में अपना समर्थन दिया था जिसमे उनके द्वारा उचित मुआवजा प्रदान किये जाने की मांग को लेकर ग्रामीणों के साथ पिछले दिनों सांकेतिक चक्का -जाम भी किया गया था ।

ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों पर भी आरोप लगाते हुए कहा है की कल 2 बजे से एक किसान अपने उचित हक प्राप्त करने के लिए जान को दांव पर लगाया हुआ है लेकिन 12 घण्टे व्यतीत होने पर भी कोई जिम्मेदार अधिकारी मौका पर नही पहुँचा है जिससे साफतौर पर स्पष्ट होता है एस्सार प्रबन्धन के साथ प्रशासनिक अधिकारियों की सांठगांठ है जिसके कारण ही उनके द्वारा एस्सार प्रबंधन के पक्ष में ही समर्थन दिया जाता है ।साथ ही उनके द्वारा यह भी कहा जा रहा है की नायब तहसीलदार ओड़गी द्वारा इस मामले को लेकर किसी भी तरह सार्थक पहल नही की गई जिससे यह घटना घटित हो रही है यदि निष्पक्ष मुआवजा उपलब्ध कराने का कार्य होता तो क्या जरुरत पड़ती गाव में रहने वाले किसान को जो इस तरह अपने हक प्राप्त करने के लिए!

बहरहाल देर रात 2:00 बजे र पुलिस प्रशासन हिसार पावर प्लांट के अधिकारीगण के साथ ग्रामवासी मिलकर किसान को टावर से उतारा गया और किसान उसी टावर के नीचे भूख हड़ताल पर बैठा हुआ है किसान का कहना है कि उसका महुआ का पेड़ जो कि हर वर्ष लगभग 30 हजार रूपये का रोजगार देता था उसे मुआवजा कम दिया जा रहा है दूसरी ओर ग्राम पंचायत बिहार पुर के पुरान टोला में भी यही समस्या है आम और कटहल का वृक्ष बिना मुआवजा दिए इसार पावर प्लांट के द्वारा दबंगई के साथ कटवा दिया गया जिस पर ग्राम वासी काफी नाराज है माना जाए तो इसार पावर प्लांट की दबंगई आसमानों पर उड़ रही है!
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