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सड़क हादसा : सड़क पर गौ वंश,लगातार हो रहे दुर्घटना का शिकार...

Pappu Jayswal

Sat, Jul 5, 2025

सूरजपुर. नगर में इन दिनों गौ वंश के साथ लगातार दुर्घटना हो रही है। सड़क पर बैठे आवारा पशु यातायात का बाधा बने हुए है। जिससे आये दिन कई दुर्घटना हो चुकी है। रुद्र सेना गौ रक्षा वाहनी ने उपमुख्यमंत्री गृह वं पंचायत विभाग छत्तीसगढ़ शासन को सुशासन तिहार के तहत् छ.ग. के सूरजपुर में घूम रही गौ वशो के उचित प्रबंधन तथा चारे, पानी तथा रख-रखाव हेतु शासकीय गोचर गौ अभ्यारण भूमि प्रदान स्वालंबन वं वृक्षारोपण कराने तथा क्षेत्र में हो रहे गौ-तस्करी संलिप्त पुलिस कर्मियों पर कठोर कार्यवाही के सम्बन्ध पत्र लिखा था। जिसमे सड़कों में भटक रही सैकड़ों गौ जो कि रोज सडक दुर्घटना का शिकार हो रही है जिन्हें संरक्षित तथा सुरक्षित करना चाहते है। गौ वंश दिन में भोजन (चस्ने) के उपरात सध्या को घर कि तलाश में वापस आती है पर घर ना होने के कारण लोगों के घर के सामने जा कर बैठ जाती है लोगो द्वारा डंडे मारकर उन्हें वहा से भी हटाए जाने के कारण रोड पर बैठ जाती है जिससे सड़कों पर तेज रफ्तार वाहनों कि चपेट में आ जाती है। उन्हें भी रात्रि घर में सुखा स्थान पर रहना पसंद है। बड़े आसानी से गावधा जिन गौ वंशो को सड़कों से गौ-तस्कर भटगांव, भैयाथान, ओडगी, प्रेमनगर, श्रीनगर व अन्य क्षेत्रों से बड़े ही आसानी से रात्रि में मौका का फायदा उठाकर बुचड खानों में अन्य राज्यों विक्रय कर उन पैसों से आंतकवादी गतिविधियों को बढ़ा दिया जाता है। जिसे रोकने हेतु कठोर कार्यवाही की आग्रह है। पत्र में बताया गया कि गौ माता और कृषकों की व्यथा को समझते हुए त्वरित निराकरण आपके माध्यम से चाहते है जुन-जुलाई से कृषि कार्य प्रारंभ होता है। जब वो फसल खाने खेत में जाएगी तो किसानों द्वारा उन पर प्रताडना किया जाता है। सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ का यही हाल है जो एक गांव से दुसरे गांव भगा दिया जाता है तब इस स्थिति में गौ तस्कर जंगलो में बड़े ही आसानी से गायों को भरकर छत्तीसगढ़ से बाहर भुचड खानों में बेच देते है जिससे वह असमय मृत्यु हो जाती है। इस करूणामयी गौ माता व जनहित विषय पर जल्द उचित प्रबंध कर निर्णय ले जिससे गौ वंशों की रक्षा और संरक्षण हो सके गौ तस्करी पर अंकुश लग सके। गौ वशो हेतु भूमि गौचर गाँठान में रुकने खाने कि व्यवस्था हो पाता तो हम वहां कुछ परियोजना के बारे में सोच सकते हैं, गौ से संबंधित संरक्षण हेतु जैविक कृषि एवं उनसे संबंधित गौ आधारित निम्न परियोजना कृषि एवं कृषकों में स्वालंबन निम्नलिखित परियोजना चलाई जा सकती है। जैसे गाय के गोबर से धुप बत्ती और साबुन, कई संगठन ने बनाया है। जैविक खाद और कीटनाशक तैयार किया जा सकता है। गी मूत्र का उपयोग औषधी के रूप में। गोबर गैस प्लांट बना सकते हैं बाद में इस गैस को सिलिंडर में भर कर खाना बनवाया जा सकता है और भी परियोजनाओं का शुरुआत किया जा सकता है।

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