ब्रेकिंग

अगरबत्ती और साबुन निर्माण से मुख्यधारा में लौटने की तैयारी

सूरजपुर के 17 गांवों में 'अंधेरे' का तांडव: 6 महीने बाद भी प्रशासन के वादे ठंडे बस्ते में, 12 हजार लोग मजबूर

पहली बार शामिल होंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, 29-30 जून को होगा दो दिवसीय आयोजन

समान नागरिक संहिता (UCC): क्या यह वास्तव में देश की प्राथमिकता है?

डायल 112 की टीम पर हमला करने वाले 8 आरोपी गिरफ्तार, आगजनी के मामले में भी 2 दबोचे

सूचना

: धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान : अंतिम छोर तक पहुंचता कल्याण का उजास...

Admin

Sun, Jun 8, 2025

सौरभ द्विवेदी

सूरजपुर. भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा शुरू की गई धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अब जनजातीय समाज के लिए आशा की नई किरण बनकर उभर रही है। यह अभियान न केवल कल्याणकारी योजनाओं का समेकन है, बल्कि यह जमीनी स्तर पर अधिकारों की वास्तविक डिलिवरी सुनिश्चित करने का एक सशक्त माध्यम भी बन रहा है। जिले के कलेक्टर एस. जयवर्धन के नेतृत्व में इस अभियान को प्रभावी बनाने हेतु 15 जून से 30 जून 2025 तक विशेष जागरूकता एवं लाभ संतृप्ति शिविरों का आयोजन जिले के 284 चिन्हांकित जनजातीय बाहुल्य गांवों में किया जाएगा। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समुदायों को उनके  अधिकारों और सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ देना है।शिविरों के माध्यम से निम्नलिखित तात्कालिक सेवाओं की  सुविधा दी जाएगी| आधार, राशन व आयुष्मान भारत कार्ड निर्माण जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड एवं पीएम-किसान का लाभ जन-धन खाता खोलना व बीमा सुरक्षा वृद्धावस्था, विधवा व दिव्यांग पेंशन योजनाओं की सुविधा रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA), पीएम विश्वकर्मा व मुद्रा ऋण जैसी आजीविका योजनाएं महिला और बाल कल्याण से जुड़ी योजनाएं जैसे PMMVY, ICDS व टीकाकरण इस अभियान का मूल उद्देश्य है "कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित न रहे।" धरती आबा अभियान ग्राम स्तर पर सेवा डिलीवरी को मजबूती देता है, जिससे योजनाओं का लाभ  हितग्राहियों तक समय पर पहुंच सके। इस शिविर से जनता के बीच जागरूकता बढ़ेगी, अधिकारों तक पहुंच आसान होगी, और धरती आबा अभियान बनेगा आदिवासी विकास की मजबूत आधारशिला। यह अभियान न सिर्फ सरकारी योजनाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा, बल्कि जनजातीय समाज के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम सिद्ध होगा।

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें