‘शराबी पाठशाला’ : गुरुजी ‘महुआ रस’ के नशे में धरती माता की गोद में लीन, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा!
Subhas Gupta
Tue, Oct 27, 2026
सूरजपुर। जिले में शिक्षा का स्तर सुधरने के बजाय सीधे पाताल लोक की सैर करने निकल पड़ा है। ओड़गी विकासखंड की धरसेड़ी पंचायत स्थित प्राथमिक शाला कुधरीपारा में ज्ञान की ऐसी अनोखी गंगा बही कि हेडमास्टर साहब खुद उसमें डूबकर सीधे ‘जमीन पर समाधि’ ले बैठे।
मामला तब खुला जब धरसेड़ी स्कूल समिति के अध्यक्ष रीतेश कुमार विश्वकर्मा औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे। उन्हें लगा था कि गुरुजी बच्चों को भविष्य का पाठ पढ़ा रहे होंगे, लेकिन वहां का नजारा देखकर उनकी आंखें फटी की फटी रह गईं। प्रधान पाठक महोदय देसी महुए के दिव्य प्रभाव में ऐसे डूबे थे कि ब्लैकबोर्ड छोड़कर धरती माता की गोद में लोट-पोट थे। गुरुजी का यह ‘जमीनी जुड़ाव’ देखकर ऐसा लगा मानो शिक्षा विभाग का सारा बोझ अकेले अपने सिर पर उठाकर वे बेहोश हो गए हों।
एक तरफ गुरुजी का खर्राटा, दूसरी तरफ बच्चों का पेट में सन्नाटा
स्कूल में मौजूद 15 मासूम बच्चे दोपहर 1 बजे तक टकटकी लगाए बैठे रहे कि शायद मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) के नाम पर एक दाना नसीब हो जाए। मगर गुरुजी तो किसी और ही तृप्ति के नशे में थे। बच्चे भूख से बिलबिलाते रहे और प्रधान पाठक साहब अपनी ही धुन में ‘कुंभकर्णी नींद’ के रिकॉर्ड तोड़ते रहे।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, दी आंदोलन की चेतावनी
गुरुजी के इस ‘हाई-वोल्टेज ड्रामे’ का वीडियो कैमरे में कैद हो गया और अब सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा है। वीडियो देखकर अभिभावकों का पारा सातवें आसमान पर है। गुस्साए ग्रामीणों का कहना है कि सरकार इन गुरुजी को पढ़ाने की तनख्वाह देती है या स्कूल को मयखाना बनाकर सोने की?
अभिभावकों ने शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों से मांग की है कि ऐसे ‘नशेड़ी राष्ट्र निर्माताओं’ पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर कुर्सी पर बैठे साहबों ने इस पर लीपापोती करने की कोशिश की, तो वे स्कूल का ताला जड़कर सीधे सड़क पर आंदोलन छेड़ देंगे।
अब देखना यह है कि जिले के जिम्मेदार अधिकारी गुरुजी का नशा उतारने के लिए क्या कदम उठाते हैं, या फिर कागजों की फाइलें भी इस मामले पर चादर तानकर सो जाएंगी। हाल फिलहाल सत्यनिष्ठ का शपथ लेकर कर्तव्य पूर्ण करेंगे।
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