जाम छलकेगा तो तरक्की होगी : ओड़गी में खुली नई शराब दुकान, टारगेट के चक्कर में आबकारी विभाग का ‘रंगीन’ कारनामा!
Rajesh Soni
Tue, Oct 27, 2026
“अस्पताल, सड़क, स्कूल मिले न मिले, कोई मलाल नहीं,
जाम का इंतजाम पुख्ता है हुजूर, अब कोई सवाल नहीं!”
सूरजपुर। बधाई हो सूरजपुर वासियों! जिले में विकास का पहिया घूमे न घूमे, लेकिन मदिरा प्रेमियों का सिर जरूर चकराएगा। ओड़गी ब्लॉक की सूनी पड़ी राहों पर अचानक खुशियों की ‘बोतल’ फूट पड़ी है, क्योंकि आबकारी विभाग ने अपनी दरियादिली दिखाते हुए सरकारी शराब दुकान की एक चमचमाती नई ब्रांच का तोहफा जनता की झोली में डाल दिया है।
अंदर की बात यह है कि जिले में पिछले कुछ दिनों से पियक्कड़ों की सुस्ती के चलते बिक्री का ग्राफ गोता लगा रहा था। राजधानी से साहबों के गुस्से भरे 'प्रेम पत्र' आबकारी दफ्तर में बरस रहे थे। बस फिर क्या था... टारगेट पूरा करने और अपनी कुर्सी की हिफाजत के लिए विभाग ने आनन-फानन में ओड़गी को ‘सोमरस की पावन धारा’ से जोड़ दिया।
“खजाने को भरने की खातिर, वो हर गली महका रहे हैं,
दवा की दुकान खुले न खुले, वो मयखाने सजा रहे हैं!”
अब रहस्य का सबसे बड़ा पेंच यह है कि आखिर इस दुकान की अर्जी किसने लगाई थी? क्या ओड़गी की जनता ने भूख-प्यास भूलकर शराब दुकान की भूख हड़ताल की थी? या फिर यह आबकारी विभाग की अपनी 'स्वाभाविक कलाकारी' है? इस गूढ़ रहस्य से पर्दा उठाने के लिए जब जिला आबकारी अधिकारी कुलदीप ठाकुर जी के फोन की घंटी बजाई गई, तो साहब ने फोन उठाना भी अपनी तौहीन समझा। शायद साहब भी कहीं बैठकर टारगेट पूरा होने का जश्न मना रहे थे, या फिर 'नो रिप्लाई' की आड़ में चुप्पी की चुस्की ले रहे थे।
बहरहाल, दुकान खुलते ही इलाके के ‘शराब-प्रेमियों’ की बांछें खिल गई हैं और ओड़गी में दीवाली जैसा माहौल है। मगर असली तमाशा तो अब शुरू होगा—देखना यह है कि इस बहती गंगा से आबकारी विभाग अपनी तिजोरी कितनी आबाद करता है, और बदले में ओड़गी के कितने चूल्हे बुझते हैं और कितने घर बर्बाद होते हैं!
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