: PICL मल्टी स्टेट क्रेडिट को-आपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड कंपनी के 2 डारेक्ट गिरफ्तार..आखिर कब तक ग्रामीण लुटते रहेगे...कब तक कितने मंगल साय अपनी खुद की कमाई के पैसे को पाने के लिये दर-दर की ठोकर खाते खाते पैसे के मोहताज होकर मरते रहेगे...
Admin
Sun, Oct 6, 2019
राजेश सोनी
सूरजपुर-निवेश पर अधिक ब्याज और राशि दोगुनी करने का झांसा देकर आम लोगों से लाखों रुपए की ठगी करने वाले चिटफंड कंपनी के दो डायरेक्टर को सूरजपुर जिले के जयनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है तो वही एक आरोपी जेल मे है वही कंपनी के 2 आरोपी अभी भी फरार हैं जिसकी तलाश जारी है।

जिले में चिटफंड कंपनियो का मायाजाल बंद होने का नाम ही नही ले रहा है बल्कि आये दिन चिटफंड कंपनी के शिकार पिडित लोगो की संख्या मे दिन प्रतिदिन ईजाफा हो रहा है। कथाकथित ये कंपनिया ग्रामीणो को लालच देकर इनकी मेहनत मजदुरी के पैसो को कंपनी मे जमाकरा कर नौ दो ग्यारह हो रहे है फिलहाल पीआईसीएल मल्टी स्टेट क्रेडिट कारोपिट सोसाईटी प्रालिटेड कंपनी के ठगे गये निवेशको के लिये अच्छी खबर है जिले के जयनगर पुलिस ने वर्ष 2017 में लखनपुर जिला सरगुजा निवासी राजवंती राजवाड़े की शिकायत पर थाना जयनगर में दर्ज मामले मे पीआईसीएल कंपनी के दो डारेक्टर बुध सिह व शंभुनाथ पाठक को गिरफ्तार कर धारा 420, 120बी भादवि, इनामी चिटफण्ड और धन परिचालन स्कीम अधिनियम 1978 की धारा 4,5,6,10 व छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों के संरक्षण अधिनियम 2005 की धारा 10 के तहत् न्यायलय मे पेश कर जेल भेज दिया है।

पीआईसीएल मल्टीस्टेट क्रेडिट को आपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड चिटफंड कंपनी के दो डारेक्ट के गिरफ्तार होने की जानकारी मिलने पर जयनगर पुलिस थाने मे इस कंपनी के ठगे जाने के शिकायतो का सिलसिला लगा हुआ है। थाना जयनगर के ही ऐसे ही एक निवेशक मंगल साय का परिवार सामने आया जिसके पिता ने अपनी मेहनत पसीने की पुरी कमाई 30 लाख रुपये पीआईसीएल मल्टीस्टेट क्रेडिट को आपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड कंपनी मे लगाया था, जीवित रहते मृतक मंगल साय को अपने बेटी की शादी के लिये पैसो की जरुरत पडी तो यह कंपनी पहले तो टाल-मटोल करती रही बलगलाता रहा। पैसे के अभाव मे मृतक मंगल साय अपने बेटी की शादी नही कर पाया ना बेटे रोजगार दे पाया आखिरकार हतास परेशान मंगल साय बीमार रहने के बावजुद जीवन भर की जमा पुजी को पाने के लिये संर्घष करते रहा। उसकी बदनसीबी थी कि वह अपना खुद की बीमारी का इलाज पैसे के अभाव मे नही करा पाया जिससे उसकी मौत हो गई एक हसता खेलता को परिवार बर्बाद हो गया। जिला प्रशासन पुलिस अधीक्षक सहित मुख्यमंत्री से पीड़ित परिवार ने शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई थी|ना जाने कितने ऐसे परिवार होगे जो इस कंपनी ने कंगाल कर बर्बाद कर दिये होगा। जब छ0ग0 के पुर्व मुख्यमंत्री के पुत्र पुर्व सासंद इसी तरह की कंपनी मे संलिप्ता रहेगा तो कार्यवाही की क्या उम्मीद करेगे ठगे जाने वाले पिडित। बरहाल कब तक इस तरह कथाकथित कम्पनिया ग्रामीणो को लुटने का खेल खेलती रहेगी...आखिर कब तक मंगल साय जेसे लोग अपनी खुद की कमाई पैसे को पाने के लिये दर-दर की ठोकर खाते खाते एक एक पैसे के मोहताज होकर मरते रहेगे?????
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