: सूरजपुर जिले में इस वर्ष 65 बाल विवाह रोके गये...
Thu, Dec 12, 2024
सौरभ द्विवेदी
सूरजपुर.
बाल विवाह मुक्त जिला बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग बाल विवाह की कुरीति को जिले में जड़ से उखाड़ फेंकने को संकलित है। जिला बाल संरक्षण इकाई ने बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल के साथ मिलकर पूरे जिले में इस वर्ष 65 बाल विवाह रूकवाने में सफल रही। जायसवाल ने पूरे 65 बाल विवाह का फिर से सत्यापन कराया, जिसमें यह पाया गया की 12 बाल विवाह जिले में बाल विवाह रोकने के बावजूद कर दिए गए इन बाल विवाह की जानकारी कलेक्टर एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी को दिया गया। जानकारी प्राप्त होते ही सभी संबंधित के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध करने के निर्देश दिया गया। निर्देशानुसार सभी बाल विवाह प्रतिशोध अधिकारियों को जिला कार्यक्रम अधिकारी ने पत्र प्रेषित किया और संबंधित थाने में कार्यवाही कराकर प्रतिवेदन देने के निर्देश दिए है। जिले के विकासखंड सूरजपुर में 01, ओड़गी में 02, प्रतापपुर 04, रामानुजनगर 04, प्रेमनगर 01 बाल विवाह हो जाने की पुष्टि पर उक्त कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। उक्त समस्त प्रकरण में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत अपराध पंजीबद्ध कराकर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
: बाल विवाह मुक्त अभियान के तहत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन...
Thu, Dec 12, 2024
सौरभ द्विवेदी
सूरजपुर.
जिले के जनपद पंचायत प्रतापपुर के सुदूर क्षेत्र गोविंदपुर में बाल विवाह मुक्त अभियान चलाकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले बाल विवाह को रोकने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार में एक मुहिम अभियान चलाया जा रहा है इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक श्रीमती शकुंतला सिंह पोर्ते के उपस्थिति थी। बाल विवाह मुक्त अभियान देश भर में युवा लड़कियों के सशक्तिकरण के सरकार के प्रयासों का प्रमाण है। यह प्रगतिशील और समतापूर्ण समाज सुनिश्चित कर हर बच्चे की क्षमता को पूर्णता से साकार करेगा और स्कूलों बच्चों के द्वारा बाल विवाह मुक्त अभियान थीम पर एक नाटक प्रस्तुत किया गया नाटक के माध्यम से समाज में जो कुरीतियां हैं उन सभी कुरीतियों को दूर किया जा सके। हमारी बेटियों की आशाओं, आकांक्षाओं से भरे सपनों की उड़ान को खुला आसमान देने के लिए जरूरी है बाल विवाह के अभिशाप से मुक्त सूरजपुर । बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की सफलता से प्रेरित है। यह अभियान देश को बाल विवाह मुक्त बनाने पर केंद्रित है। यह अभियान विकसित भारत के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए लड़कियों और महिलाओं के बीच शिक्षा, कौशल, उद्यम और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए अनिवार्य साबित होगा। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी, रमेश साहू, जनपद पंचायत के सीईओ राधेश्याम मिर्जा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी मुन्नू सिंह ध्रुव, विकासखंड समग्र शिक्षा अधिकारी डॉ राकेश मोहन मिश्र, ब्लॉक फेलो विनोद प्रजापति, विकासखंड परियोजना अधिकारी संतोषी सिंह , समस्त पर्यवेक्षक सरपंच, सचिव तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं स्कूली बच्चे उपस्थित थे।
: विकासखंड स्तरीय समन्वय बैठक का आयोजन, आयुक्त सरगुजा संभाग हुए शामिल...
Wed, Dec 11, 2024
सौरभ द्विवेदी
सूरजपुर.
सरगुजा संभाग आयुक्त जी आर चुरेंद्र की अध्यक्षता में विकासखंड स्तरीय समन्वय बैठक का आयोजन जिले के जनपद पंचायत प्रेमनगर एवं रामानुजनगर में किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्रीमती कमलेश नंदिनी साहू, एस डी एम अजय मोडीयम, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारीगण, जनपद अध्यक्ष प्रेमनगर एवं सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, नगर पंचायत प्रेमनगर अध्यक्ष ,उपाध्यक्ष , पार्षदगण, विकासखंड अंतर्गत ग्राम सरपंच एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण, ग्राम कोटवार उपस्थित थे। इस अवसर पर विधायक भूलन सिंह मरावी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि समाज और राष्ट्र के विकास में सत्ता और प्रशासन का समन्वय बेहद आवश्यक है। इससे क्षेत्र विशेष में बुनियादी सुविधाओं को विकसित करना आसान होगा। इस समन्वय बैठक के आयोजन को शासन की योजनाओं का लाभ जिले के अंतिम लोगों तक पहुंचाने की दिशा में एक प्रयास बताया। उन्होंने उपस्थित ग्रामीण जनों से कहा कि ग्रामीण विकास के लिए सभी मिलकर कार्य करे और उन्हांेने शासकीय योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा लाभ प्राप्त करने के लिए कहा। उन्होंने जिले के ग्रामों को सुंदर, सशक्त और स्वावलंबी बनाने की दिशा में कार्य योजना बनाकर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। संभागायुक्त जी आर चुरेंद्र ने सभा को संबोधित करते हुए ग्राम पंचायत एवं ग्राम सभा के माध्यम से ग्रामों के सर्वांगीण विकास की दिशा में कार्य करने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए शासन, प्रशासन के साथ जनता की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बैठक में आम जनों के साथ जनप्रतिनिधि और प्रशासन का समन्वय को महत्वपूर्ण बताते हुए समाज के विकास में आवश्यक बताया। साथ ही उन्होंने समन्वय बैठक के माध्यम से ग्रामीण विकास के चौतरफा विकास की दिशा में कार्ययोजना पर चर्चा को महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि शासकीय अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिधि स्वयं भी समाज का हिस्सा हैं ऐसे में उनकी जिम्मेदारी सामाजिक विकास में और भी ज्यादा हो जाती है। उन्होंने बताया कि केंद्र एवं राज्य सरकार लोक कल्याणकारी राज्य स्थापना के लिए कार्य कर रही है। परन्तु आज भी कई क्षेत्र पिछड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि कर्मठता में सद्गुण समाया है। इस उक्ति को चरितार्थ करते हुए सभी आमजनों को कर्मठता के साथ विकास में सहयोगी होना होगा। तभी सभी क्षेत्रों का विकास संभव हो पाएगा। उन्होंने ग्राम विकास के लिए सभी सम्बन्धित लोंगो को टीम भावना के साथ मिलकर कार्य करने को कहा । साथ ही शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास के लिए कार्य करने को कहा। तो वही डिप्टी कमिश्नर राजकुमार खूंटे ने बैठक में लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा इस तरह शासन और प्रशासन के बैठक के द्वारा आपसी संवाद का मंच मिलता है जिससे जन-विकास की योजनाओं के क्रियान्वयन में आसानी होती है। उन्होंने कहा कि ग्राम के संपूर्ण विकास के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारी, सरपंच, सचिव और जनप्रतिनिधियों को ग्रामीणों का नियमित भ्रमण करना चाहिए और उसकी वास्तविक समस्याओं को जानकर उन समस्याओं का निराकरण करना चाहिए और उसके अनुसार हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाना चाहिए। सभी ग्रामों में जल संरक्षण, वृक्षारोपण की दिशा में विशेष प्रयास के साथ वृक्षों का संरक्षण करने के लिए अभियान को आवश्यक बताया। विभिन्न जनप्रतिनिधियों द्वारा इस समन्वय बैठक के आयोजन को महत्वपूर्ण बताया गया। उन्होंने कहा कि इस बैठक से शासन और प्रशासन के मध्य क्षेत्र के विकास को लेकर एक मंच पर संवाद कायम होता है और आपसी सामंजस्य से बेहतर विकास की राह निर्मित होती है।